न शॉर्ट की मौज, न लांग का फायदा

जैसी कि उम्मीद थी, निफ्टी फ्यूचर्स गिरते-गिरते 5341 तक चला गया जो सोमवार की भारी गिरावट की तलहटी, 5326 से बस थोड़ा ही ऊपर है। आज का न्यूनतम स्तर उससे ऊंचा 5341 का रहा और यहां से 5277 अब भी काफी दूर है। इसने आज 5400 तक लोगों को शॉर्ट करने के लिए भी उकसाया और बंद हुआ 5381.65 पर। अगर कल यह 5427 को पार कर लेता है तो निश्चित रूप से 5500 के पार जाने की कोशिश करेगा। लेकिन अगर यह 5341 से नीचे चला गया तो इसका अगला पड़ाव 5280 का होगा।

जो लोग भी अभी तक तेजी की धारणा रखते थे, वे निफ्टी के 5350 के नीचे जाते ही एकबारगी मंदी का मन बना बैठे और शॉर्ट सौदे करने लग गए। बिजनेस चैनलों पर जैसे ही वेरिटास की रिपोर्ट दिखाई गई, डीएलएफ का स्टॉक धड़ाम से गिर गया। लेकिन जल्दी ही उसने बड़े अच्छे तरीके से खुद को संभाल लिया। वेरिटास ने इससे पहले किंगफिशर एयरलाइंस पर भी इसी तरह की रिपोर्ट जारी की थी और किंगफिशर ध्वस्त हो गया। लेकिन वो मंदी का बाजार था और किंगफिशर तब तक संकट में फंस चुकी थी। डीएलएफ के बारे में भले वेरिटास कहे कि उसकी असली औकात 100 रुपए की है, लेकिन मुझे कतई नहीं लगता कि तेजी के बाजार में उसके इतना ज्यादा गिरने की गुंजाइश है। डीएलएफ आज 5.17 फीसदी की गिरावट के साथ 214.65 रुपए पर बंद हुआ है। दिन में ढाई बजे के आसपास 13.55 फीसदी गिरकर यह 197.25 रुपए तक चला गया था।

कैश सेगमेंट में निफ्टी 0.84 फीसदी की गिरावट के साथ 5339.75 पर बंद हुआ। फिलहाल बाजार में इतना ज्यादा उतार-चढ़ाव बनाकर रखा जा रहा है कि न तो लांग करनेवालों को अच्छा रिटर्न मिलेगा और न ही शॉर्ट करनेवाले मौज काट सकेंगे। जब तक उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों के नतीजे नहीं आते, तब बाजार की हालत ऐसी ही रहेगी। बेहतर यही होगा कि आप बजट तक बाजार में मजे के लिए खेलते रहें और गंभीरता से ट्रेड न करें। अन्यथा बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं।

सीआरआर (कैश रिजर्व रेशियो) में कटौती की हवा जिस तरह बाजार में आई थी, उसी तरह संकरी गली से निकल भी गई। डिश टीवी अब आदर्श मिडकैप स्टॉक्स में शामिल कर लिया गया है। वो बीएसई-200 सूचकांक में है और एफ एंड ओ सेगमेंट में भी। इसलिए बहुत से फंड इसे खरीदेंगे जिसका मतलब यह हुआ कि इसमें बढ़ने की अच्छी संभावना है। ऐसा होकर रहेगा क्योंकि उन्हें पता है कि कंपनी क्यूआईपी ला रही है और वे क्यूआईपी में आसानी से निवेश करेंगे। इसलिए, क्योंकि यह मॉडल पोर्टफोलियो में शामिल है। डिश टीवी आज 4.88 फीसदी बढ़कर 57 रुपए पर बंद हुआ है।

बॉम्बे डाईंग को बड़े पैमाने पर बटोरा जा रहा है और 52 हफ्ते के शिखर पर पहुंचने के बाद भी यह मजबूती दिखा रहा है। मुझे लगता है कि अब वक्त आ गया है जब भारत के तीन टॉप ब्रोकरेज हाउस इसकी नए सिरे से रेटिंग करेंगे। लेकिन उनकी रेटिंग तभी सामने आएगी, जब इसकी अच्छी-खासी मात्रा मजबूत हाथों में जा चुकी होगी। क्यों और कैसे, इसे आप खुद बेहतर तरीके से समझ सकते हैं। वैसे, यह कोई सच नहीं, बल्कि तथ्य है कि 1800 करोड़ रुपए के बाजार पूंजीकरण पर यह स्टॉक काफी सस्ता सौदा है। ऐसे बहुत से स्टॉक्स हैं जो आस्तियों के किसी आधार के बगैर 5000 से 6000 करोड़ रुपए का बाजार पूंजीकरण पकड़े हुए हैं, जबकि यह स्टॉक जबरस्त मूल्य रखने के बावजूद दबा हुआ पड़ा है।

जिन दिन से कंपनी ने टाइम्स ऑफ इंडिया में अपने रीयल्टी प्रोजेक्ट का विज्ञापन दिया है, तब से इस स्टॉक ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। और, कोई दूसरा नहीं, बल्कि खुद जीएस (राधाकृष्ण दामाणी) इसे चला रहे हैं। इसमें पहला लक्ष्य 1000 रुपए का होना चाहिए। उसके बाद तेजी का बाजार इसे तीन साल में 2000 रुपए तक भी ले जा सकता है। फिलहाल आज यह 464.55 रुपए पर बंद हुआ है।

हे आत्मन! हर तरफ से घिरी चारदीवारियों और बंद कमरों से निकलकर खुले में आओ और प्रकृति के सामने दंडवत होकर उसे अपना गुरु स्वीकार करो।

(चमत्कार चक्री एक अनाम शख्सियत है। वह बाजार की रग-रग से वाकिफ है। लेकिन फालतू के कानूनी लफड़ों में नहीं पड़ना चाहता। इसलिए अनाम है। वह अंदर की बातें आपके सामने रखता है। लेकिन उसमें बड़बोलापन हो सकता है। आपके निवेश फैसलों के लिए अर्थकाम किसी भी हाल में जिम्मेदार नहीं होगा। यह मूलत: सीएनआई रिसर्च का कॉलम है, जिसे हम यहां आपकी शिक्षा के लिए पेश कर रहे हैं)

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