अमेरिकी बाजार का सूचकांक डाउ जोंस 1.53 फीसदी ऊपर। लेकिन यूरोप के संकट ने एशियाई बाजारों को दबा डाला। भारत भी दबाव में। ऊपर से खाद्य मुद्रास्फीति नौ महीनों के शिखर 12.21 फीसदी पर। इसने निफ्टी पर चोट जरूर की। लेकिन तेजडियों के उत्साह पर आंच नहीं आई और वे निफ्टी को 5500 के ऊपर ले जाने में लगे हुए हैं। यू तो मंदड़ियों का मनोविज्ञान बेचते ही बेचते चले जाने का है। लेकिन अगर समर्थन स्तरऔरऔर भी

अमेरिकी बाजार के 300 अंक गिरने से हर किसी के मन में डर भर गया था कि बाजार आज भारी डुबकी लगाकर खुलेगा। सो, ट्रेडर शुरुआत में ही शॉर्ट हो गए। लेकिन जैसा कि मैंने आपको बताया था कि बाजार ने निफ्टी में 5210 के आसपास सहारा हासिल किया और बहुत तेजी से पलटकर 5300 तक जा पहुंचा। ट्रेडरों ने कभी इसकी कल्पना तक नहीं की थी। फिलहाल निफ्टी कमोबेश कल के बराबर ही रहा है। निफ्टीऔरऔर भी

बाजार चूंकि निफ्टी में 200 दिनों के मूविंग औसत (डीएमए) 5408 को नहीं पार कर सका, इसलिए थोड़ा दम मारना लाजिमी था। इसी के अनुरूप बाजार सुबह 5310.85 पर पहुंचने के बाद जो गिरना शुरू हुआ तो यह गिरता ही चला गया। अंत में 1.37 फीसदी की गिरावट के साथ 5253.75 पर बंद हुआ है। यह और कुछ नहीं, बल्कि बाजार का खुद को जमाने का उपक्रम है। इस प्रक्रिया में निफ्टी बहुत नीचे गया तो फिरऔरऔर भी

स्तरीय स्टॉक्स का ग्रेड गिराने का दौर बीत रहा है और रेटिंग उठाने का दौर शुरू हो रहा है। एक प्रमुख एफआईआई ब्रोकिंग हाउस ने इनफोसिस को अपने आदर्श पोर्टफोलियो में शामिल किया है। कृपया याद करें कि हमने इनफोसिस में 3300 रुपए पर बेचने और 2200 पर खरीदने की कॉल दी थी। टॉप पर बेचने और बॉटम पर खरीदने की यह सलाह दर्शाती है कि हमें भारतीय बाजार से पैसा बनाने के लिए फिरंगियों से उल्टाऔरऔर भी

दिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग से पहले की मेरी टिप्पणी याद करें। मैंने कहा था कि निफ्टी 5350 तक जाएगा। न इस, न उस, न किसी भी बाजार के किसी भी शख्स ने ऐसा कहा था। लेकिन हम बराबर ज़ोर देकर कहते रहे कि बाजार जल्दी ही 5350 का लक्ष्य हासिल कर लेगा। और, एकदम महेंद्र सिंह धोनी के अंदाज में बाजार ने दिवाली नहीं तो एक दिन बाद आज ऐसा कर दिखाया। निफ्टी पूरे 2.92 फीसदी कीऔरऔर भी

पिछले दस सालों में केवल एक साल को छोड़ दें तो कभी भी मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन शेयर बाजार नीचे नहीं गया है। कारण यह है कि मुहूर्त ट्रेडिंग में ज्यादातर गुजराती ट्रेडर भाग लेते हैं और वे दिवाली के दिन बेचने के बजाय खरीदना ही पसंद करते हैं। केवल 9 नवंबर 2007 को दिवाली के दिन बीएसई सेंसेक्स 0.8 फीसदी या 151 अंक गिर गया था। 8 नवंबर 2007 को यह 19,059 पर था, जबकि 9औरऔर भी

कल सेटलमेंट के आखिरी दिन हालत यह थी ज्यादातर लोग या तो शॉर्ट हुए पड़े थे या बाजार में आ रहे सुधार को पचाने को तैयार नहीं थे। लेकिन हमने निफ्टी के 5200 के ऊपर जाने का अनुमान पेश किया था और ऐसा ही हुआ। आज के लिए हमारा अनुमान 5350 का है। उसके बाद बाजार गिरता है या नहीं, इस बात को बारीकी से देखा जाना चाहिए। हालांकि गिरने की गुंजाइश बेहद कम है क्योंकि ज्यादातरऔरऔर भी

एक तरफ ब्याज दरों में वृद्धि, दूसरी तरफ सेटलमेंट का दिन। सो, हो गई निवेशकों के लिए सांप-छछूंदर की गति। न इधर, न उधर। न उगलते बनता है, न निगलते। ब्याज दरों में वृद्धि और कंपनियों के लाभार्जन में सुस्ती के चलते बाजार ओवरसोल्ड अवस्था में है। लेकिन ऑपरेटर बाजार के ज्यादातर ट्रेडरों के शॉर्ट होने जाने के विपरीत लॉन्ग हुए पड़े हैं। इसलिए दिशा तो बढ़ने की ही है। रविवार को इसी कॉलम में हमने आपकोऔरऔर भी

दिवाली की शुरुआत धनतेरस के पावन दिन से हो जाती है और वो दिन आज है। इस पवित्र दिन पर मैं आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। मैं जानता हूं कि यह कॉलम आप लोग नियमित रूप से और बेहद संजीदगी से पढ़ते हैं। अपने प्रति इतना भरोसा दिखाने के लिए मैं आप सभी का शुक्रगुजार हूं। शेयर बाजार से बुरे दौर का दलिद्दर अभी तक पूरी तरह भागा नहीं है। पर, निश्चित रूप से इसकाऔरऔर भी

अमेरिका का डाउ जोंस सूचकांक शुक्रवार को 267.01 अंक बढ़कर 11,808.79 पर पहुंच गया, जबकि इसका अब तक का शिखर 12,876 का है। वैसे, 12,876 का यह स्तर किसी अनार के फूटने की तरह था जो ज्यादा टिका नहीं। इसलिए 12,500 को डाउ का औसत उच्चतम स्तर माना जाता है। इस औसत से अमेरिकी शेयर बाजार गिरकर 10,405 तक चला गया था जो करीब-करीब 17 फीसदी की गिरावट दर्शाता है। लेकिन नीचे का स्तर भी ज्यादा टिकाऔरऔर भी