जो भी लोग समझते हैं कि बाजार में करेक्शन इतनी आसानी से आ जाएगा, उनका गलत साबित होना तय है। हां, मैं निफ्टी, बैंकिंग व ऑटो स्टॉक्स को लेकर तेजी की धारणा नहीं रखता, लेकिन मैं रीयल्टी, आइरन ओर और कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनियों के शेयरों को लेकर जरूर तेजी की सोच रखता हूं। वीआईपी का हाल अभी क्या चल रहा है? इसे मैंने 34 रुपए पर पकड़ा था। आज यह 800 रुपए पर पहुंच चुका है। ट्रेडरऔरऔर भी

बाजार का नई ऊंचाई पर पहुंच जाना कोई मजाक नहीं है। सितंबर का सेटलमेंट ऐसा सेटलमेंट रहा जब निफ्टी 5555 अंक से पलटकर वापस मुड़ा। यह वह स्तर था जहां से फंडों ने अपनी तमाम सारी शॉर्ट पोजिशन को तौबा बोलकर बाजार में खरीद का सिलसिला शुरू किया। निवेशक और ट्रेडर आमतौर पर यह बात भूल जाते हैं कि कोई भी स्टॉक तेजी के दौर में जाने से पहले अपने को जमाता है, उसी तरह जैसे कोईऔरऔर भी

बाजार में रोलओवर का आगाज़ हो चुका है। लेकिन एक बात गौर करने की है कि निफ्टी में पुट ऑप्शन के सौदे 5600, 5500 व 5400 के स्तर पर हुए हैं यानी, यहां तक निफ्टी गया तो चाहें तो उसे बेच सकते हैं, पर बेचने की कोई बाध्यता नहीं है। इसलिए बहुत कम गुंजाइश है कि बाजार 5900 अंक से नीचे जाएगा। इसके साथ ही निफ्टी के कॉल ऑप्शन में 6000, 6100 व 6200 पर कोई खासऔरऔर भी

किसी गाड़ी के लिए शॉक एब्जॉर्वर जो काम करता है, वैसी ही भूमिका किसी कर्जदार के लिए मोर्गेज इंश्योरेंस की है। आपने यदि किसी प्रकार का कर्ज लिया है तो मोर्गेज इंश्योरेंस काफी उपयोगी हो सकता है। खास कर उस स्थिति में और ज्यादा, जब कर्ज लेने के बाद आपकी असामयिक मौत हो जाती है। तब मोर्गेज इंश्योरेंस ही आपके परिवार की चिंताएं दूर करता है। कैसे काम करता है: मान लीजिए कि आपने 50 लाख रुपएऔरऔर भी