ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े तनाव का असर कच्चे तेल की कीमत पर भी देखा जा रहा है और बुधवार को यह आठ माह के उच्च स्तर पर पहुंच गई। न्यूयॉर्क तेल बाजार में कच्चे तेल की कीमत 103.74 डॉलर प्रति बैरल हो गई। इसके पहले 11 मई 2011 को तेल की कीमत इस स्तर पर पहुंची थी। बाजार विश्लेषकों के अनुसार अर्थव्यवस्था में सुधार को लेकर बढ़ती उम्मीदों से तेल की कीमतों को बल मिलाऔरऔर भी

बर्ड फ्लू को समझने के लिए मानव निर्मित वायरस तैयार हो गया है। लेकिन अमेरिका को डर है कि कहीं आतंकवादी इसे जैविक हथियार के बतौर पर न इस्तेमाल करने लग जाएं। इसलिए उसने दुनिया की दो मशहूर विज्ञान पत्रिकाओं साइंस और नेचर से कहा है कि वे इस रिसर्च का ब्यौरा न जारी करें। अमेरिकी सरकार की विज्ञान सलाहकार समिति, नेशनल साइंस एडवाइजरी बोर्ड फॉर बायोसिक्योरिटी (एनएसएबीबी) ने आशंका जताई है कि इस रिसर्च से जुड़ेऔरऔर भी

भारत दुनिया की खबरों पर बार-बार उठ्ठक-बैठक कर रहा है, जबकि सबसे विकट हालत में फंसे देश अमेरिका का शेयर सूचकांक, डाउ जोंस 12,000 के स्तर को कसकर पकड़े बैठा है। जब भी कभी यह 12,000 के नीचे जाता है तो फौरन रॉकेट की तरह खटाक से वापस आ जाता है। इसी तरह एस एंड पी 500 सूचकांक ने भी एक ढर्रा बना रखा है और 1250 के आसपास खुद को जमा रहा है। यह उसका ब्रेक-आउटऔरऔर भी

अमेरिका में बसने की तमन्ना रखने वाले भारत जैसे देशों के प्रोफेशनल लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। अमेरिकी संसद के निचले सदन, प्रतिनिधि सभा ने प्रत्येक देश पर आधारित आव्रजन (इमिग्रेशन) वीज़ा की सीमा को खत्म करने के पक्ष में मतदान किया है। अभी के इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट के तहत किसी एक देश के लिए दिए गए वीज़ा की संख्या एक साल में कुल जारी वीज़ा की संख्या के सात फीसदी से ज्यादा नहींऔरऔर भी

कहते हैं कि अभूतपूर्व संकट का समाधान भी अभूतपूर्व होता है। ऐसा पहली बार हुआ कि दुनिया के छह केंद्रीय बैंकों ने एक साथ मिलकर दुनिया के वित्तीय तंत्र को नकदी मुहैया कराने और डॉलर स्वैप के मूल्यों को थामने की पहल की है। ये छह केंद्रीय बैंक हैं – अमेरिका का फेडरल रिजर्व, ब्रिटेन का बैंक ऑफ इंग्लैंड, यूरोज़ोन का यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ईसीबी) और कनाडा. जापान व स्विटजरलैंड के केंद्रीय बैंक। इन बैंकों ने व्यापारऔरऔर भी

दुनिया की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग साइट, फेसबुक अगले साल अप्रैल से जून के बीच पूंजी बाजार में उतर सकती है। वह अपना आईपीओ (शुरुआती पब्लिक ऑफर) लाने का विचार कर रही है। अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक अपने शेयर बेचकर बाजार से 10 से 12 अरब डॉलर (500 से 600 अरब रुपए) की पूंजी जुटाना चाहती है। लेकिन फेसबुक के प्रवक्ता लैरी यू ने कहा है कि वे आईपीओ केऔरऔर भी

फैसला भारत सरकार। देश में सड़क से लेकर संसद तक विरोध। लेकिन अमेरिका में स्वागत। वॉशिंगटन से जारी बयान में आधिकारिक तौर पर दलाली का काम करनेवाली अमेरिका-भारत बिजनेस परिषद ने मल्टी ब्रांड रिटेल में 51 फीसदी एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) और सिंगल ब्रांड रिटेल में एफडीआई की सीमा 51 से बढ़ाकर 100 फीसदी किए जाने का स्वागत किया है। उसने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा गुरुवार रात को लिए गए इस फैसले को ‘साहसिक’ बताया है और कहाऔरऔर भी

कल तक हमारे वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी कह रहे थे कि रुपए की हालत विदेशी वजहों से बिगड़ी है और रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। लेकिन आज शेयर बाजार को लगे तेज झटके से वे ऐसा सहम गए कि बाकायदा बयान जारी कर डाला कि, “रिजर्व बैंक रुपए की हालत पर बारीक निगाह रखे हुए हैं। मुझे यकीन है कि जो भी जरूरी होगा, रिजर्व बैंक करेगा।” यही नहीं, उन्होंने कहा कि डेरिवेटिवऔरऔर भी

अमेरिका के कई शहरों में एक बार फिर पूंजीवाद के खिलाफ बड़े प्रदर्शन हुए हैं। गुरुवार को शाम ढलने के साथ उनकी संख्या बढ़ती गई। दो दिन पहले न्यूयॉर्क के ज़ुकोट्टी पार्क से निकाले जाने के बाद उन्होंने नए अड्डे खोज लिए हैं। वे ब्रुकलिन ब्रिज की तरफ कूच कर गए। पुलिस ब्रिड रोडवे से जानेवाले 65 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले बुधवार रात न्यूयॉर्क में ‘वॉल स्ट्रीट कब्जा करो’ अभियान में सैकड़ों लोगों नेऔरऔर भी

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कड़े शब्दों में कहा है कि वे चीन की व्यावसायिक और मौद्रिक नीतियों से तंग आ गए हैं। एशिया प्रशांत देशों की बैठक में ओबामा ने चीनी राष्ट्रपति हू जिन ताओ से मुलाकात के बाद यह कहा। ओबामा ने अमेरिका के हवाई प्रांत में आयोजित एशिया-प्रशांत देशों की शिखर वार्ता के अंतिम दिन, रविवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा, बहुत हुआ। हम इसी मुद्दे पर कायम रहेंगे कि चीन भी दूसरों कीऔरऔर भी