बराक ओबामा ने खुलकर चीन को आड़े हाथों लिया

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कड़े शब्दों में कहा है कि वे चीन की व्यावसायिक और मौद्रिक नीतियों से तंग आ गए हैं। एशिया प्रशांत देशों की बैठक में ओबामा ने चीनी राष्ट्रपति हू जिन ताओ से मुलाकात के बाद यह कहा।

ओबामा ने अमेरिका के हवाई प्रांत में आयोजित एशिया-प्रशांत देशों की शिखर वार्ता के अंतिम दिन, रविवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा, बहुत हुआ। हम इसी मुद्दे पर कायम रहेंगे कि चीन भी दूसरों की तरह ही नियमों पर चले। हम नहीं चाहते कि वो अमेरिका का फायदा उठाए।

ओबामा ने चीन के राष्ट्रपति हू जिन ताओ से मुलाकात के बाद कड़े शब्दों में कहा कि चीन को अंतरराष्ट्रीय आर्थिक प्रणाली से खेलना बंद कर देना चाहिए और अमेरिका सहित दूसरे देशों के लिए व्यापार का एक स्तर बनाना चाहिए।

चीन की तरफ से अभी तक इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं आई है। चीन अपनी मुद्रा युआन के मुक्त व्यापार के लिए और व्यापार में अपने भारी फायदे को कम करने के प्रस्ताव को हमेशा से ठुकराता रहा है। ओबामा का यह बयान अमेरिका के व्यापार को ध्यान में रख कर आया है।  अमेरिका में अगले साल नवंबर में राष्ट्रपति चुनाव हैं।

ओबामा ने जोर दिया कि चीन को अपनी मुद्रा को बढ़ने देना चाहिए। अमेरिका का कहना है कि चीन जान-बूझ कर युआन की कीमत को कम रखे हुए है जिसके कारण अमेरिकी कंपनियों और नौकरियों को नुकसान हो रहा है। बराक ओबामा ने कहा कि चीन खुद को विकासशील देश के तौर पर प्रस्तुत करता है। लेकिन वह ‘अब बड़ा हो चुका’ है और उसे बड़ों की तरह से पेश आना चाहिए।

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