ज्ञान तो विशाल सागर नहीं, अक्षय पात्र है। पुराना निकालो, नया बनता जाता है। कभी शेष नहीं होता। जब तक जीवन है, तब तक मन खदबद करता रहता है और ज्ञान का नया सत्व निकलता रहता है।और भीऔर भी

केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए सार्वजनिक क्षेत्र की उन सभी कंपनियों को विदेश में कच्चे माल के स्रोत खरीदने की इजाजत दे दी है, जिन्होंने कम से कम पिछले तीन सालो में मुनाफा कमाया हो। अभी तक सरकारी कंपनियां विदेश से कच्चा माल तो खरीद सकती थीं, लेकिन कच्चा माल बनानेवाली कंपनियों को नहीं खरीद सकती थीं, जबकि निजी क्षेत्र की कंपनियों पर ऐसी कोई बंदिश नहीं है। गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कीऔरऔर भी

केंद्र सरकार ने कल बुधवार को ही सभी मंत्रालयों को बोलचाल की हिंदी इस्तेमाल करने के लिए लंबा-चौड़ा सर्कुलर जारी किया है। इसमें बताया गया है, “यह काफी नहीं है कि लिखने वाला अपनी बात खुद समझ सके कि उसने क्‍या लिखा है। जरूरी तो यह है कि पढ़ने वाले को समझ में आ जाए कि लिखने वाला कहना क्‍या चाहता है।” लेकिन हकीकत में हमारे बाबू लोग इतना गोलगपाड़ा करते हैं कि किसी के कुछ समझऔरऔर भी

एक तो डॉलर के सापेक्ष रुपए के गिर जाने से निर्यातक पहले से ही गदगद थे। ऊपर से सरकार ने उन्हें ठीक दिवाली से पहले 1700 करोड़ रुपए का तोहफा दे दिया है। वाणिज्य मंत्रालय ने 900 करोड़ रुपए का प्रोत्साहन पैकेज घोषित किया है। इसके एक दिन पहले ही रिजर्व बैंक ने चुनिंदा निर्यातकों में कर्ज पर ब्याज दर में दो फीसदी रियायत देने की घोषणा की है। इन दोनों को मिलाकर निर्यात क्षेत्र को मिलाऔरऔर भी

खाद्य मुद्रास्फीति में एक अक्टूबर को समाप्त सप्ताह के दौरान मामूली गिरावट दर्ज की गई है। लेकिन प्रमुख खाद्य पदार्थों की कीमतों में तेजी के कारण यह अब भी 9.32 फीसदी के ऊंचे स्तर पर है। थोक मूल्यों पर निकाली जानेवाली इस खाद्य मुद्रास्फीति की दर 24 सितंबर को खत्म सप्ताह में 9.41 फीसदी पर थी। वैसे, हमारे नियामक इस बात पर संतोष जताते हैं कि पिछले साल के समान सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति 17.14 फीसदी थी।औरऔर भी

सरकार नए सीजन में चीनी निर्यात की अनुमति पर दिवाली के बाद निर्णय ले सकती है। कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा कि सरकार ने पिछले सीजन में खुले सामान्य लाइसेंस (ओजीएल) के तहत तीन समान खेपों में 15 लाख टन चीनी निर्यात की अनुमति दी थी। निर्यात की तीसरी खेप अभी तक उठाई नहीं गई है। अगर इसे उठा लिया जाता है तब सरकार और निर्यात की अनुमति देगी। गन्ने की पेराई के बारे में उन्होंनेऔरऔर भी

एक दिन में सेंसेक्स के 422 अंक और निफ्टी के 125 अंक बढ़ने के बाद बाजार का थोड़ा गम खाना लाजिमी था। फिर भी खुला तेजी के साथ तो बाजार चलानेवालों को थोड़ी मुनाफावसूली का मौका मिल गया। हालांकि सेंसेक्स 74.47 अंक और निफ्टी 21.55 अंक गिरकर बंद हुआ है। लेकिन इससे यह नहीं मान लेना चाहिए कि बाजार का रुख फिर उलट गया है। कल बाजार के बादशाह रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) का दिन है। वह सितंबरऔरऔर भी

सामाजिक जीवन में आप क्या हैं, इससे ज्यादा फर्क इस बात से पड़ता है कि लोगबाग आपके बारे में क्या धारणा रखते हैं। शेयर बाजार में भी कमोबेश यही होता है। बाजार को लग रहा है कि उजाला, मैक्सो, एक्सो, जीवा और फैब्रिक स्पा जैसे ब्रांडों से ग्राहकों के बीच धूम मचानेवाली कंपनी ज्योति लैब्स का जर्मन कंपनी हेंकेल की भारतीय शाखा को खरीदने का फैसला गलत है तो वह इसे सही मानने को तैयार ही नहींऔरऔर भी

जीवन में एक ही चीज निश्चित है। वो है मौत। बाकी सब कुछ अनिश्चित है। ऐसे में भविष्य से घबराने की क्या जरूरत! क्योंकि इन अनिश्चितताओं को नाथकर अपना भविष्य तो हम खुद ही बना सकते हैं।और भीऔर भी

डॉलर के सापेक्ष रुपए के कमजोर होने का सीधा असर पेट्रोलियम पदार्थों की लागत पर पड़ता है। सितंबर के शुरू में एक डॉलर 46 रुपए का था। अभी 49 रुपए के आसपास है। डॉलर की विनिमय दर में हर एक रूपए की वृद्धि से देश में डीजल, केरोसिन व रसोई गैस की सालाना लागत 8000 करोड़ रुपए बढ़ जाती है। यानी, दो रुपए बढ़ने से 16,000 करोड़ और तीन रुपए बढ़ने से 24,000 करोड़। पेट्रोलियम मंत्री जयपालऔरऔर भी