हर लिस्टेड कंपनी की वेबसाइट एकदम चौकस और अपडेट होनी चाहिए। नए वित्त वर्ष 2011-12 के पहले दिन यानी 1 अप्रैल 2011 से पूंजी बाजार नियामक संस्था ने इसे अनिवार्य नियम बना दिया है। इसके लिए बाकायदा लिस्टिंग समझौते में संशोधन किया गया है। हालांकि अभी तक स्थिति यह है कि बहुत सारी कंपनियों ने कई सालों से अपनी वेबसाइट पर दी गई सूचनाओं को अद्यतन नहीं किया है। इससे निवेशकों को कंपनी के बारे में सहीऔरऔर भी

निर्यात शुल्क बढने से भारत से लौह अयस्क का निर्यात चालू वित्त वर्ष 2011-12 में करीब 25 फीसदी घटकर नौ करोड़ टन रहने का अनुमान है। यह अनुमान खनन उद्योग ने लगाया है। सरकार ने अब लौह अयस्क पर निर्यात शुल्क बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया है। इसके अलावा इस साल निर्यातकों को कई और बाधाओं का सामना करना पड़ा है। लौह अयस्क का निर्यात कर्नाटक द्वारा निर्यात पर प्रतिबंध लगाए जाने के कारण आठ माह सेऔरऔर भी

देश के निर्यात कारोबार में लगातार तेजी का रुख बना हुआ है और फरवरी 2011 में इसमें 50 फीसदी की धमाकेदार वृद्धि दर्ज की गई है। इसकी बदौलत वित्त वर्ष के शुरुआती 11 महीनों में कुल निर्यात 208 अरब डॉलर से अधिक हो गया, जबकि पूरे साल का लक्ष्य 200 अरब डॉलर का था। अब उम्मीद बंधी है कि वर्ष 2010-11 में कुल निर्यात 235 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय द्वारा शुक्रवार कोऔरऔर भी

यह कोई अप्रैल फूल की बात नहीं है। बाजार जब 5200 पर था, तभी मुझे यकीन था कि यह 6000 की तरफ बढ़ेगा और इसने ऐसा कर दिखाया। मार्च काफी घटनाप्रधान महीना रहा, जब बजट और जापान ने बाजार को घेरे रखा। बजट ने माहौल बनाया तो जापान की आपदा ने शॉर्ट के सौदागरों को खेलने का मौका दे दिया। लेकिन बाजार जब अपना रुख पलटकर 200 दिनों के मूविंग औसत (डीएमए) के पार चला गया तोऔरऔर भी

कृषि मंत्री शरद पवार ने खेल मंत्री अजय माकन, सूचना प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी व पर्यटन मंत्री कुमारी शैलजा लेकर वित्त मंत्रालय तक के एतराज के बावजूद आईसीसी (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) को भारत में खेले गए सभी विश्व कप मैचों पर टैक्स में छूट दिला दी है। इससे आईसीसी को कम से कम 45 करोड़ रुपए का फायदा होगा। पवार ने गुरुवार को कैबिनेट से यह प्रस्ताव पास करवा लिया। इसमें उनकी पार्टी एनसीपी के सदस्य औरऔरऔर भी

जो कंपनी ठीक पिछले बारह महीनों में अपने हर शेयर पर 79.35 रुपए का शुद्ध लाभ कमा रही हो, जिसके शेयर की बुक वैल्यू (रिजर्व + इक्विटी / कुल जारी शेयरों की संख्या) 200.88 रुपए हो, जिसका पी/ई अनुपात पिछले साल भर से पांच, छह, सात कर रहा हो, फिर भी उसके शेयरों को पूछनेवाले न हों तो भारतीय शेयर बाजार की गली को अंधों की गली ही कहना ज्यादा ठीक होगा। या, बहुत हुआ तो यूंऔरऔर भी

अगर कोई व्यक्ति, संस्था या समाज समस्याओं से जूझने के बजाय उनके साथ रहना सीख लेता है तो उसका विकास अवरुद्ध हो जाता है। समस्याएं तो दरवाजे हैं जिन्हें खोलने पर नई राहें निकलती हैं।और भीऔर भी