मंदड़िये सारी सोने की मुर्गियों को मारने पर उतारू हैं। यह अलग बात है कि इधर बाजार कुछ समय से उनका साथ नहीं दे रहा। फिर वे इस कदर अड़ियल टट्टू हो गए हैं कि अपने शॉर्ट सौदों को बाजार के 5200 या यहां तक कि 4800 तक चले जाने तक काटने को तैयार नहीं हैं। और, मैं खुश हूं कि तेजड़ियों की मनचाही मुराद पूरी हो रही है। इस बीच खबर आ गई है कि जापानऔरऔर भी

जेके पेपर। दस रुपए अंकित मूल्य का शेयर कल बीएसई (कोड – 532162) में 46.20 रुपए और एनएसई (कोड – JKPAPER) में 46.15 रुपए पर बंद हुआ है। शेयर की बुक वैल्यू है इसकी लगभग डेढ़ गुनी 70.78 रुपए। कंपनी का ठीक पिछले बारह महीने (टीटीएम) का ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 14.13 रुपए है। यानी, यह शेयर अभी ट्रेड हो रहा है मात्र 3.27 के पी/ई अनुपात पर। वह भी तब, जब कंपनी पुरानी है, समूह जानामानाऔरऔर भी

धरती का घूमना हम भले ही न देख पाएं, लेकिन वह घूमती तो है। इसी तरह वर्तमान निरंतर चलता रहता है, बदलता है। उसे सही से समझना है तो उसकी गति व भविष्य को हमेशा ध्यान में रखना होगा।और भीऔर भी

बढ़ती मुद्रास्फीति की चिंता और पश्चिम एशिया में राजनीतिक उथलपुथल के बीच वैश्विक निवेशकों ने उभरते बाजारों से साल 2011 में अब तक 21 अरब डॉलर (94,485 करोड़ रुपए) निकाल चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश फंड्स पर नजर रखने वाली कंपनी ईपीएफआर ग्लोबल के आंकड़ों के मुताबिक उभरते बाजारों से निवेशक इस साल अब तक 21 अरब डॉलर निकाल चुके हैं। वर्ष 2008 की तीसरी तिमाही के बाद यह सबसे बड़ी निकासी है। रिपोर्ट के अनुसार,औरऔर भी

भारत के 55 अरबपति (डॉलर में) विश्व प्रसिद्ध पत्रिका फोर्ब्स द्वारा जारी दुनिया के सबसे अमीरों की ताजा सूची में शामिल हो गए हैं। भारत में सबसे आखिरी पायदान पर एक अरब डॉलर की बराबर संपत्ति के साथ चार लोग हैं – रमेश चंद्रा (रीयल एस्टेट), अनु आगा (इंजीनियरिंग), आश्विन दानी (पेंट), हरिंदर पाल बग्गा (जिंस) और मोफतराज मुनोत (रीयल एस्टेट)। ये चारों दुनिया के अमीरतम लोगों में 1040वें नंबर पर हैं। इस बार सबसे अमीर भारतीयोंऔरऔर भी

हमारे नीति-नियामकों के लिए थोड़े सुकून की बात है कि तीन महीने बाद खाद्य मुद्रास्फीति की दर अब दहाई से इकाई अंक में आ गई है। 26 फरवरी को खत्म हफ्ते में इसकी दर 9.52 फीसदी दर्ज की गई है जबकि इसके ठीक पिछले हफ्ते में यह 10.39 फीसदी पर थी। इस तरह इनमें 87 आधार अंकों की कमी आ गई है। एक आधार अंक या बेसिस प्वाइंट का मतलब 0.01 फीसदी होता है। इन आंकड़ों सेऔरऔर भी

बाजार में कदमताल जारी है। उठता है। गिरता है। बढ़ता है। पीछे आता है। फिर बढ़ जाता है। लेकिन एक बात साफ है कि बाजार से जबरदस्ती खेलने का दौर अब खत्म होता दिख रहा है क्योंकि जहां निफ्टी को सायास दबाकर रखा जा रहा है, वहीं इसमें शामिल स्टॉक्स की खरीद शुरू हो गई है। यह इशारा इस बात का है कि बाजार अब अपनी तलहटी पकड़ चुका है। हालांकि ट्रेडरों में इस समय ताजातरीन सोचऔरऔर भी

हर जीव सृजन के लिए एकाकीपन और बचाव के लिए झुंड का इस्तेमाल करता है। इंसान भी इससे अलग नहीं है। बस, समाज बन जाने से फर्क यह पड़ा है कि अच्छी टीम इंसान के सृजन को निखार देती है।और भीऔर भी

चार महीने पहले 9 नवंबर 2010 को गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर्स कंपनी का जो शेयर (बीएसई – 500670, एनएसई – GNFC) 144 रुपए पर था, अब 9 मार्च 2010 को घटकर 52 हफ्ते के न्यूनतम स्तर 96.60 रुपए पर आ गया है। इस बीच ऑपरेटरों के खेल को छोड़ दें तो कंपनी के साथ सब कुछ शुभ-शुभ ही हुआ है। कम से कम ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है जो उसका शेयर करीब 33 फीसदी गिर जाए।औरऔर भी

विकसित देशों, खासकर यूरोपीय देशों की आर्थिक स्थिति में सुधार धीमा रहने से भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) इस साल जनवरी में एक साल पहले की तुलना में 48 फीसदी गिर कर मात्र 1.04 अरब डॉलर रह गया। भारत में एफडीआई निवेश के मामले में मॉरीशस, सिंगापुर, अमेरिका, ब्रिटेन, नीदरलैंड, जापान, जर्मनी और संयुक्त अरब अमीरात प्रमुख स्रोत हैं। जनवरी, 2010 में विदेशी कंपनियों ने भारत ने 2.04 अरब डॉलर का सीधा पूंजी निवेश (एफडीआई) कियाऔरऔर भी