टीसीआई फाइनेंस (बीएसई – 501242, एनएसई – TCIFINANCE) लगातार सर्किट पर सर्किट तोड़े जा रहा है। 14 जनवरी शुक्रवार को 72.30 रुपए था। इसके बाद लगभग हर दिन 5 फीसदी का सर्किट लांघते-लांघते शुक्रवार 21 जनवरी को 92.10 पर पहुंच गया। अमित जी की तरफ से जब हमने इसे 4 जनवरी को खरीदने की सिफारिश की थी, तब इसका भाव 47.95 रुपए था। इस तरह दो हफ्ते में यह 92 फीसदी से ज्यादा बढ़ चुका है। वैसेऔरऔर भी

किराये का मकान है। यहां अपनी निशानियां पीछे छोड़कर क्यों जाने का? न जाने कैसे लोग आएं, इनके साथ क्या सलूक करें, क्या पता! इसलिए सब कुछ समेट लेने का, एक-एक निशान मिटा देने का।और भीऔर भी

अध्यात्म कहता है अपने को जानो। निवेश का मूल सिद्धांत भी कहता है अपने को जानो। जानो कि कितना जोखिम उठा सकते हो, अभी व बाद की जरूरतें हैं क्या हैं, लक्ष्य बनाओ। तब निवेश करो।और भीऔर भी

बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) की बिक्री चालू वित्त वर्ष 2010-11 की तीसरी तिमाही में मात्र 6 फीसदी बढ़ी है, लेकिन शुद्ध लाभ में 28.1 फीसदी इजाफा हुआ है। शुक्रवार को घोषित नतीजों के अनुसार दिसंबर 2010 की तिमाही में आरआईएल ने एक्साइज समेत कुल 62,399 करोड़ रुपए की बिक्री हासिल की है, जो दिसंबर 2009 की तिमाही की बिक्री 58,848 करोड़ रुपए से 6 फीसदी ज्यादा है। इसऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के संबंध में कैग की रिपोर्ट को कमतर आंकने वाले बयानों को लेकर दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल की खिंचाई की है और उनसे जिम्मेदारीपूर्ण व्यवहार करने को कहा है। शुक्रवार को न्यायमूर्ति जी एस सिंघवी और न्यायमूर्ति ए के गांगुली की पीठ ने कहा ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है। मंत्री को जिम्मेदारी का कुछ तो अहसास होना चाहिए।’’ न्यायालय ने सीबीआई को निर्देश दिया कि वह किसी के भी बयानों से प्रभावित हुएऔरऔर भी

देश भर में मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) सेवाओं के शुरू होने के बाद करीब 6 से 7 फीसदी मोबाइल ग्राहक अपना ऑपरेटर बदल सकते हैं। विश्लेषकों ने यह राय जाहिर करते हुए कहा कि कुछ माह बाद ऑपरेटर बदलने का आंकड़ा स्थिर हो जाएगा। अनर्स्ट एंड यंग के पार्टनर और दूरसंचार उद्योग के विशेषज्ञ प्रशांत सिंघल ने समाचार एजेंसी ‘प्रेट्र’ से बातचीत के दौरान कहा, ‘‘पहले तीन से छह माह के दौरान ऑपरेटर बदलने का आंकड़ा अभीऔरऔर भी

भयंकर उतार-चढ़ाव से भरे एक और हफ्ते का आखिरी दिन, शुक्रवार। बाजार गिरा जरूर है। लेकिन यह कहीं से भी काला शुक्रवार नहीं है। आज बाजार बंद होने के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज दिसंबर तिमाही के नतीजे घोषित करनेवाली है। सोमवार को यही नतीजे बाजार की दशा-दिशा तय करेंगे। वैसे, इस बार के डेरिवेटिव सेटलमेंट के खत्म होने या एक्सपाइरी में केवल तीन दिन बचे हैं, जबकि अभी तक महज 9000 करोड़ रुपए के रोलओवर हुए हैं। इससेऔरऔर भी

शुरू में ही एक बात साफ कर दूं कि आपके लिए फैसले हम नहीं ले सकते। आपको खुद फैसला करना है कि किस स्टॉक में निवेश करना है या नहीं क्योंकि शेयर बाजार में निवेश ताजिंदगी चलनेवाली लंबी चीज है, दीपावली की फुलझड़ी या अनार नहीं। हम आपको सही स्टॉक चुनने में मदद भर कर सकते हैं। शेयर बाजार की गलियों में निवेश की गाड़ी को ड्राइव करना आपको सीखना ही पड़ेगा। तो, आज चर्चा जुबिलैंट लाइफऔरऔर भी

आज के जमाने में अतीत की धौंस का कोई मतलब नहीं है। आप क्या थे या क्या रह चुके हैं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मायने यह रखता है कि आप अभी क्या हैं और आगे क्या हो सकते हैं।और भीऔर भी

सरकार ने आईटी और आईटीईएस, दूरसंचार व विमानन सेवाओं के निर्यातकों को दिए जा रहे प्रोत्साहन वापस लेने की घोषणा की है। इस कदम से देश के सेवा क्षेत्र के बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। भारत से सेवा योजना (एसएफआईएस) के तहत शुल्क क्रेडिट की पात्र सेवाओं की सूची को छोटा किया गया है। इसमें से कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों मसलन कंप्यूटर परामर्श सेवाएं, सॉफ्टवेयर क्रियान्वयन, डाटा प्रोसेसिंग और डाटाबेस सेवाओं को हटा दिया गया है।औरऔर भी