खाद्य वस्तुओं पर आधारित मुद्रास्फीति लगातार दो सप्ताह तक इकाई अंक में रहने के बाद खाद्य मुद्रास्फीति फिर दहाई अंक में पहुंच गई है। सब्जी, फल, अंडा और मछली जैसी चीजों के दाम बढ़ने से 12 मार्च को समाप्त सप्ताह के दौरान खाद्य मुद्रास्फीति बढ़कर 10.05 फीसदी हो गई। इससे पिछले सप्ताह में यह 9.42 फीसदी थी और उससे पहले हफ्ते में यह 9.52 फीसदी थी। खाद्य मुद्रास्फीति में इस वृद्धि से सरकार और रिजर्व बैंक कीऔरऔर भी

रासायनिक उर्वरक बनानेवाली कंपनी जुआरी इंडस्ट्रीज ने कर्नाटक में सालाना 13 लाख टन क्षमता वाले गैस अधारित यूरिया संयंत्र लगाने के लिए जमीन खरीदनी शुरू कर दी है। इस संयंत्र पर 5000 करोड़ रुपए के निवेश की योजना है। कंपनी के कार्यकारी उपाध्यक्ष एच एस बावा ने दिल्ली में संवाददाताओं को बताया कि कंपनी को कर्नाटक सरकार से परियोजना शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। बेलगाम जिले में इसके लिए भूमि खरीदने की शुरुआत हो गईऔरऔर भी

अपने उद्योग विरोधी रुख के चलते आलोचनाओं के घेरे में रहने वाले पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने देश के तीन राज्यों में बाजार आधारित उत्सर्जन प्रणाली की प्रायोगिक परियोजना की शुरुआत करते हुए कहा कि सरकार उद्योग जगत के लिए बिना नियामकों के स्व-नियमन की व्यवस्था चाहती है। इस परियोजना में कार्बन क्रेडिट की ट्रेडिंग की व्यवस्था की गई है। रमेश ने राजधानी दिल्ली में गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाड़ु के लिए इस प्रायोगिक परियोजना की औपचारिक शुरुआतऔरऔर भी

आदिवासी इलाकों में स्थित राशन दुकानों में खराब खाद्यान्न दिए जाने का आरोप लगाते हुए वामपंथी दल सीपीएम ने इसकी जांच विशेष निगरानी एजेंसी से कराए जाने और गोदामों में पड़ा खाद्यान्न गरीबों में वितरित किए जाने की मांग की है। बता दें कि करीब सात महीने पहले अगस्त 2010 में सुप्रीम कोर्ट ने खाद्यान्न के कुप्रबंधन पर केंद्र सरकार को लताड़ पिलाई थी और कहा था कि बरबाद हो रहा अनाज मुफ्त में गरीबों को बांटऔरऔर भी

इनटेल कंपनी में काम कर चुके भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक राजीव गोयल ने अदालत में स्वीकार किया है कि उन्होंने राज राजारत्नम को कंपनी के बारे में भेद की बातें बताई थीं जिसके एवज में उनको 6 लाख डॉलर मिले थे। गैलियॉन हेज फंड के मुखिया राजारत्नम पर कंपनियों में अपने भेदियों की सूचनाओं के आधार पर शेयरों की खरीद-फरोख्त करके लाभ कमाने का आरोप है। गोयल ने अमेरिका में अब तक के इस सबसे बड़ेऔरऔर भी

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने तमिलनाडु में नैवेली लिग्नाइट कॉरपोरेशन के दफ्तर और कंपनी के चार अधिकारियों के रिहायशी परिसरों की तलाशी ली है। अनुबंध देने में कथित अनियमितता के आरोप में यह तलाशी ली गयी है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को बताया कि सीबीआई की 23 सदस्यीय टीम ने मंगलवार रात छह घंटे तक तलाशी ली। कंपनी के कार्यालय और अनुबंध विभाग समेत कंपनी के कार्यकारी निदेशक (अनुबंध) बी शिवागनाम, वित्त निदेशालय मेंऔरऔर भी

भुवनेश्वर के रहने वाले एक व्यक्ति ने सिलिंडर से गैस रिसाव के बारे में पता लगाने के लिए एक उपकरण तैयार किया है। सुरक्षा नामक इस उपकरण को गौतम कुमार ने तैयार किया है जिससे गैस के मामूली रिसाव का पता लगाया जा सकता है और यह उपकरण अधिकतम पांच लोगों को इसके बारे में एसएमएस के जरिए सूचना देने में सक्षम है। यह संदेश अलार्म के साथ सुनाई देगा। इस उपकरण को तैयार करने के लिएऔरऔर भी

वनों की अंधाधुंध कटाई की वजह से देश के वन क्षेत्र में आ रही कमी पर चिंता जाहिर करते हुए राज्यसभा में सरकार से इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाने की मांग की गई। उल्लेखनीय है कि इसी रविवार को पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने कहा था कि देश के 33 फीसदी हिस्से को वनों से ढंकने का लक्ष्य एकदम व्यावहारिक नहीं है। अभी देश के 21 फीसदी हिस्से में वन हैं। बुधवार को बीजेपी केऔरऔर भी

विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम पूर्वानुमान में सटीकता लाने के लिए पूर्वानुमान प्रणाली में उत्तरोत्तर सुधार की आवश्यकता है ताकि लोगों में उस पर भरोसा कायम हो। उनको 23 मार्च को विश्व मौसम दिवस से ठीक एक दिन पहले यह बात की है। दिल्ली विश्वविद्यालय के भूगोल संकाय के प्राध्यापक डॉ आर बी सिंह कहते हैं कि हमारा मौसम पूर्वानुमान पूरी तरह विश्वसनीय और भरोसेमंद नहीं है। उन्होंने कहा कि चाहे अल्पकालिक पूर्वानुमान हो या दीर्घकालीनऔरऔर भी

चीन के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उसने आनुवांशिक रूप से संवर्धित 200 गायों का एक समूह तैयार किया है, जिनके जरिये इंसानों के दूध से मिलते-जुलते दूध का उत्पादन किया जा सकेगा। सरकारी समाचार पत्र ‘चाइना डेली’ के मुताबिक इन गायों के दूध से बनी खाने-पीने की वस्तुएं अगले दो साल में चीन के बाजारों में ब्रिकी के लिए पेश कर दी जाएंगी। चीन कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने इस तरह की गायों का एकऔरऔर भी