अध्यापकों का कर्तव्य है कि वे बच्चों के मन से इस डर को निकालें कि विज्ञान कठिन विषय है। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने राजधानी दिल्ली में आयोजित एक समारोह में कहा कि अध्यापकों को छात्रों में विज्ञान की योग्यता का पता लगाते समय उनकी प्रतिभा को बाहर लाना चाहिए। राष्ट्रपति ने मंगलवार को ‘अनुसंधान के लिए विज्ञान में नवप्रवर्तन की खोज’ से संबंधित इन्सपायर पुरस्कार देते हुए दो अहम बातों की तरफ ध्यान आकर्षित किया। इनमें अध्यापकोंऔरऔर भी

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) देश की सबसे बड़ी मोबाइल सेवा कंपनी भारती एयरटेल के खिलाफ विदेशी मुद्रा कानून, फेमा के उल्लंघन की जांच कर रहा है। यह जानकारी वित्त राज्यमत्री नमो नारायण मीणा ने मंगलवार को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी। उन्होंने बताया कि पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी को भी शिकायतें मिली हैं कि भारती एयरटेल में प्रवर्तक समूह की शेयरधारिता 30 जून 2007 से 30 सितंबर 2008 के बीच 60.91 फीसदी से बढ़ाकर 67.15औरऔर भी

केंद्रीय उत्‍पाद व सीमा शुल्‍क बोर्ड (सीबीईसी) कागज पर कामकाज को खत्‍म कर वेब आधारित संचार को बढ़ावा देगा। बोर्ड ने इस आशय की एक पर्यावरण रणनीति तैयार की है, जिसे मंगलवार को केंद्रीय वित्‍त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने मंज़ूरी दे दी। इस नीति से देश भर में सीमा शुल्‍क, केंद्रीय उत्‍पाद शुल्क व सेवा कर के अधिकारियों के कामकाज में काफी बदलाव आने की उम्मीद है। सीबीईसी की पर्यावरण रणनीति के अंतर्गत ‘भारतीय सीमा शुल्‍क काऔरऔर भी

जुलाई महीने में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति की दर 9.22 फीसदी रही है। वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय की तरफ से मंगलवार को जारी आंकड़ों से यह बात उजागर हुई है। मुद्रास्फीति की दर इसके ठीक पिछले महीने जून में 9.44 फीसदी और ठीक साल भर पहले जुलाई 2010 में 9.98 फीसदी थी। ऊपर से मुद्रास्फीति में कमी थोड़ा राहत का सबब दिखती है। लेकिन वित्त मंत्रालय को ऐसी कोई गफलत नहीं है। मंत्रालय के मुख्यऔरऔर भी

हमारा कॉरपोरेट क्षेत्र और उसके शीर्ष संगठन – सीआईआई, फिक्की व एसोचैम से लेकर अलग-अलग उद्योंगों के संगठन अमूमन हर सरकारी नीति पर टांग अड़ाने में माहिर हैं। नीतियों को अपने पक्ष में मोड़ने के लिए जमीन-आसमान एक कर देते हैं। लेकिन धन के अंबार पर बैठी इन कंपनियों कोई फिक्र नहीं कि कालेधन की विकराल समस्या को कैसे हल किया जाए। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने अपने चेयरमैन की अध्यक्षता में इस साल 27 मईऔरऔर भी

दोनों ही शीर्ष रेटिंग एजेंसियों स्टैंडर्ड एंड पुअर्स और मूडीज ने भले ही फ्रांस की रेटिंग को एएए के सर्वोच्च स्तर से नीचे न उतारा हो, लेकिन फ्रांस के बैंको को लेकर विश्वास का संकट गहराने लगा है। गुरुवार को ऋण की लागत यानी ब्याज दर बढ़ने से पूरे यूरोप के बैकिंग उद्योग के सामने यह मुश्किल आ खड़ी हुई है। बुधवार को फ्रांस के प्रमुख बैंक सोसाइटी जनरल के शेयरों में 15 फीसदी की भारी गिरावटऔरऔर भी

राष्ट्रीय दवा मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने अगस्त 1997 में अपनी स्थापना से लेकर 31 जुलाई 2011 तक अधिक मूल्य पर दवाएं बेचने के 812 मामलों में 2357.24 करोड़ रुपए का डिमांड नोटिस जारी किया है। इस राशि में दवाओं की बिक्री पर लिए गए अधिक मूल्य पर लगाया गया ब्याज शामिल है। लेकिन अब तक वह इसमें से महज 211.25 करोड़ रुपए यानी 8.96 फीसदी रकम ही वसूल कर पाया है। उसने ये नोटिस दवा (मूल्यऔरऔर भी

खाद्य मुद्रास्फीति एक बार दहाई के खतरनाक आंकड़े की तरफ बढ़ने लगी है। वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक 30 जुलाई 2011 को समाप्त सप्ताह में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति की दर 9.90 फीसदी दर्ज की गई है। इससे पिछले सप्ताह यह 8.04 फीसदी और उससे पहले पिछले सप्ताह 7.33 फीसदी ही थी। वैसे तसल्ली की बात यह है कि साल भर पहले इसी दौरान मुदास्फीति की दर 16.45औरऔर भी

देश के निर्यात में जुलाई माह के दौरान 81.8 फीसदी की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई है और यह 29.3 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने राजधानी दिल्ली में गुरुवार को मीडिया को यह जानकारी दी। जुलाई में आयात 51.5 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 40.4 अरब डॉलर का रहा है। माह के दौरान व्यापार घाटा 11.1 अरब डॉलर का रहा। खुल्लर का कहना था कि निर्यात का प्रदर्शन अच्छा रहा है। लेकिनऔरऔर भी

अगर किसी भी ब्रोकर ने पूरा मार्जिन लिए बगैर अपने ग्राहक को डेरिवेटिव बाजार में ट्रेड करने दिया तो उसे भारी पेनाल्टी देनी होगी। पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने गुरुवार को सभी स्टॉक एक्सचेंजों को भेजे एक सर्कुलर में यह निर्देश दिया है। उसका कहना है कि एक्सचेंजों को ब्रोकरों को ऐसी कोई ढील नहीं देकर उन पर पेनाल्टी लगानी चाहिए। एक्सचेंजों को इस सर्कुलर पर अमल 1 सितंबर 2011 से करना है। सेबी का कहनाऔरऔर भी