अपनी ऑडिट रिपोर्टों से देश की राजनीति में तहलका मचानेवाले कैग (भारत के नियंत्रक व महालेखापरीक्षक) की पहुंच अब संयुक्त राष्ट्र के दो प्रमुख संगठनों तक भी हो गई है। विएना मुख्यालय वाली अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) और जेनेवा मुख्यालय वाले विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (डब्ल्यूआईपीओ) ने कैग को अपना बाहरी ऑडिटर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति छह साल के लिए है। इन दोनों ही संगठनों पर अभी तक पारंपरिक रूप से विकसित देशों का कब्जाऔरऔर भी

दुनिया की शीर्ष वित्तीय संस्था, अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) में बदलते वक्त के हिसाब से जबरदस्त परिवर्तन किए जा रहे हैं। अभी तक आईएमएफ के कुल 187 सदस्य देशों में से पांच बड़े सदस्य – अमेरिका, जापान, जर्मनी, फ्रांस व ब्रिटेन 24 सदस्यीय कार्यकारी बोर्ड में अपने प्रतिनिधियों को सीधे बतौर कार्यकारी निदेशक (ईडी) नियुक्त कर देते हैं, जबकि बाकी का चुनाव होता है। लेकिन अब बोर्ड के सारे सदस्य आईएमएफ की आमसभा में चुने जाएंगे। आईएमएफ काऔरऔर भी

भारत और पाकिस्तान के व्यापारिक रिश्तों में अरसे बाद मिठास आती नजर आ रही है। एक तो साढे तीन दशक से भी ज्‍यादा समय के बाद पाकिस्‍तान का कोई वाणिज्‍य मंत्री भारत के दौरे पर आया है। दूसरे भारत ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के मंच पर यूरोपीय संघ से पाकिस्तान को टेक्सटाइल निर्यात पर मिल रही छूट का विरोध नहीं करने का फैसला किया है। पाक सरकार ने इस्लामाबाद से बयान जारी कर भारत के इसऔरऔर भी

भारत अगर 12वीं पंचवर्षीय योजना में सालाना 9 फीसदी आर्थिक विकास दर हासिल कर लेता है तो यह काफी है। इससे ज्यादा विकास दर हासिल करने का प्रयास अर्थव्यवस्था पर बुरा असर ड़ाल सकता है। यह मानना है प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के चेयरमैन व रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर सी रंगराजन का। रंगराजन गुरुवार को राजधानी दिल्ली में भारतीय आर्थिक सेवा (आईईएस) के स्वर्ण जयंती समारोह में बोल रहे थे। आर्थिक सेवा अधिकारियों को संबोधितऔरऔर भी

खाद्य मुद्रास्फीति 17 सितंबर को समाप्त सप्ताह में फिर से बढ़कर 9.13 फीसदी पर पहुंच गई। इससे पिछले हफ्ते यह दर 8.84 फीसदी थी, जबकि उससे पहले हफ्ते में 9.47 फीसदी थी। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने खाद्य वस्तुओं के दामों में जारी तेजी को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि इस तरह का उतार-चढ़ाव गंभीर चिंता का विषय है। खाद्य मुद्रास्फीति दहाई अंक के करीब है जो गंभीर स्थिति है।औरऔर भी

केंद्र सरकार 40,000 करोड़ रुपए के विनिवेश लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकारी कंपनियों के पब्लिक इश्यू के अलावा दूसरे रास्तों पर भी विचार कर सकती है। यह कहना है वित्त मंत्रालय से संबद्ध आर्थिक मामलात विभाग के सचिव आर गोपालन का। उन्होंने राजधानी दिल्ली में बुधवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जिन सरकारी कंपनियों के पास अच्छा कैश है, उन्हें दूसरी सरकारी कंपनियों में सरकार का हिस्सा खरीदने के लिए कहा जाऔरऔर भी

जिस तरह ज्यादातर कंपनियों के आईपीओ (शुरुआती पब्लिक ऑफर) कुछ ही समय बाद अपने इश्यू मूल्य से बहुत नीचे खिसक जाते हैं और लिस्टिंग के दिन में उनमे जबरदस्त ऊंच-नीच होती है, उसने पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी को आखिरकार कुछ ठोस कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। सेबी ने आईपीओ के मूल्य में मर्चेंट बैंकरों की जवाबदेही तय करने के लिए उनके द्वारा संचालित पुराने आईपीओ का हाल बताना जरूरी कर दिया है। इस सिलसिले मेंऔरऔर भी

दुनिया में छा रही आर्थिक मंदी से स्‍थायी रूप से उबरने के लिए रोजगार का मुद्दा विकास की हर रणनीति में प्रमुखता से शामिल किया जाना चाहिए। इसके बिना मंदी से मुक्ति संभव नहीं है। यह बात केंद्रीय श्रम व रोज़गार मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को पेरिस में जी-20 देशों के श्रम मंत्रियों के सम्‍मेलन में कही। इस सम्‍मेलन में जी-20 देशों के श्रम मंत्री वैश्विक आर्थिक मंदी के बाद से बेरोज़गार की समस्‍या से निपटनेऔरऔर भी