कानपुर से संचालित होनेवाले मिदास टच इनवेस्टर एसोसिएशन को भी दिल्ली हाईकोर्ट ने सेबी के कंसेट ऑर्डर के खिलाफ दायर जनहित याचिका (पीआईएल) में पक्षकार बना लिया है। हाईकोर्ट ने मंगलवार को इस पर फैसला करने के बाद पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी को नोटिस जारी कर दिया है। मालूम हो कि सेबी की कंसेंट ऑर्डर व्यवस्था की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए पिछले साल अक्टूबर में दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है।औरऔर भी

भारत ने अमेरिका के आव्रजन नियमों के खिलाफ विश्व व्यापार संगठन (डबल्यूटीओ) में शिकायत दर्ज कराई है। उसका कहना है कि अमेरिका ने अपने यहां काम करने के वीज़ा की लागत जिस कदर बढ़ाई है, वह बहुत ज्यादा और सरासर गलत है। यह भारतीय आईटी कंपनियों के साथ किया जा रहा भेदभाव है। डब्ल्यूटीओ में भारत की यह शिकायत अभी दो पक्षों के बीच ‘विचार-विमर्श’ के स्तर पर है। यह वो स्तर है जहां पर इसे नऔरऔर भी

शुक्रवार, 16 मार्च को संसद में बजट पेश हुआ और 17 मार्च से देश भर के सर्राफा कारोबारी हड़ताल पर चले गए। हड़ताल पूरे 21 दिनों तक जारी रही। शुक्रवार, 6 अप्रैल को वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के साथ मुलाकात में मिले आश्वासनों के बाद सर्राफा कारोबारियों ने हड़ताल तो तोड़ दी। लेकिन बाजार में रौनक अभी तक नहीं लौटी है। उनकी इस हालत पर बाबा नागार्जुन की एक कविता याद आती है कि, “बहुत दिनों तकऔरऔर भी

सरकार ने बड़े स्पष्ट शब्दों में बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) से कहा कि उसे बीमा कंपनियों के बीच मची आत्मघाती होड़ की प्रवृत्ति को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने होंगे। इधर कंपनियों में बाजार पकड़ने के चक्कर में कम प्रीमियम लेने की होड़ मची हुई है। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने राजधानी दिल्ली में बुधवार को इरडा की 72वीं बोर्ड बैठक को संबोधित करते हुए कहा, “वाजिब अंडरराइटिंग को सुनिश्चित करना और प्रीमियम में कटौतीऔरऔर भी

जहां स्टॉक एक्सचेंजों की लिस्टिंग की इजाजत मिलने के बाद देश के 137 साल पुराने स्टॉक एक्सचेंज बीएसई में उल्लास का माहौल होना चाहिए था, वहीं वहां अचानक सन्नाटा खिंच गया है क्योंकि पिछले तीन सालों में एक्सचेंज को नया व गतिशील स्वरूप देनेवाले उसके प्रबंध निदेशक व सीईओ मधु कन्नन उसे बीच मंझधार में छोड़कर जा रहे हैं। टाटा संस के उप-चेयरमैन और दिसंबर से रतन टाटा की जगह टाटा समूह की बागडोर संभालनेवाले सायरस मिस्त्रीऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों से लेकर क्लियरिंग कॉरपोरेशन और डिपॉजिटरी तक के स्वामित्व व स्वरूप पर अपनी अंतिम नीति जारी कर दी है। सेबी के बोर्ड ने सोमवार को अपनी बैठक में बिमल जालान समिति की सिफारिशों के आधार पर नीतिगत फैसले लिए हैं। तय हुआ है कि किसी भी स्टॉक एक्सचेंज की 51 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी पब्लिक के पास होगी। कोई भी स्टॉक एक्सचेंज अपने यहां खुद को लिस्ट नहीं करा सकता।औरऔर भी

दुनिया की हथियार लॉबी बहुत पहले ही बेनकाब हो चुकी है। साफ हो चुका है कि अमेरिका से लेकर यूरोप तक में हथियारों के धंधे के लिए क्या-क्या करतब किए जाते हैं। लेकिन अब भारत में भी देशभक्ति, त्याग और बलिदान के पीछे सेना में चल रहा गोरखधंधा उजागर होता जा रहा है। और, इसका श्रेय जाता है दो महीने बाद 31 मई को रिटायर हो रहे थलसेना अध्यक्ष जनरल वी के सिंह को। जनरल वी केऔरऔर भी

दुनिया की पांच सबसे तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था वाले देशों – ब्राजील, रूस, भारत, चीन व दक्षिण अफ्रीका (ब्रिक्स) ने खुलकर आरोप लगाया है कि अमीर देशों ने पिछले पांच सालों से दुनिया को वित्तीय संकट में झोंक रखा है। उनकी मौद्रिक नीतियों ने विश्व अर्थव्यवस्था को अस्थिर कर दिया है। दिल्ली में ब्रिक्स के चौथे शिखर सम्मेलन के बाद जारी संयुक्त घोषणापत्र में यह धारणाएं व्यक्त की गई हैं। घोषणापत्र में कहा गया है किऔरऔर भी

एक तरफ देश के शीर्ष ऑडिटर, नियंत्रण व महालेखापरीक्षक (सीएजी) इस बात अडिग हैं कि कोयला ब्लॉकों को नीलामी के बजाय सीधे-सीधे आवंटित किए जाने से देश को 10.7 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है, भले ही वे इसे घुमाकर कहनेवाले हों कि इससे कंपनियों को 10.7 लाख करोड़ रुपए का फायदा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार मामले की लीपापोती में जुटी है। केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल तो नेपथ्य में चले गए हैं।औरऔर भी

भारत ने साल 2003 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के तंबाकू नियंत्रण फ्रेमवर्क कनवेंशन पर दस्तखत किए थे। इसकी धारा 17 व 18 के तहत केंद्र सरकार का दायित्व है कि वह देश के किसानों को तंबाकू की खेती से निकालकर दूसरी फसलों की लाभप्रद वैकल्पिक खेती में लगाए। लेकिन करीब नौ साल बाद भी मामला स्वास्थ्य, कृषि और वाणिज्य मंत्रालय के बीच चिट्ठी-पत्री से आगे नहीं बढ़ पाया है। इसका प्रमुख कारण यह है कि भारतऔरऔर भी