छह साल पहले छात्रों को सस्ता टैबलेट कंप्यूटर मुहैया कराने की सरकारी सोच आखिरकार बुधवार को तब साकार हो गई, जब ‘आकाश’ को औपचारिक रूप से लांच कर दिया गया। इसकी कीमत यूं तो 2276 रुपए है। लेकिन सरकार इस पर आधी सब्सिडी देगी तो छात्रों को यह करीब 1100 रुपए का पड़ेगा। इसमें भी शुरू में एक लाख टैबलेट प्रायोगिक स्तर पर छात्रों को मुफ्त में दिए जाएंगे। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्ब्ल ने राजधानीऔरऔर भी

शेयर बाजार में चल रही मायूसी ने पूंजी बाजार के दूसरे हिस्से प्राइमरी बाजार में भी सन्नाटा फैला दिया है। चालू वित्त वर्ष 2011-12 में पूंजी बाजार में उतरनेवाली 22 कंपनियों ने आईपीओ (शुरुआती पब्लिक ऑफर) लाने का इरादा ही छोड़ दिया है। इसके साथ ही बड़े निवेशकों को सीधे खींचनेवाले क्यूआईपी (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट) बाजार में भी एकदम मुर्दनी छा गई है। ब्रोकरेज फर्म एसएमसी ग्लोबल सिक्यूरिटीज के ताजा अध्ययन के मुताबिक जिन 22 कंपनियों नेऔरऔर भी

करीब दो हफ्ते से देश में छिड़ा 32-26 का विवाद आखिरकार अपना रंग ले आया। तय हुआ है कि अभी गरीबी रेखा का जो भी पैमाना है और योजना आयोग राज्यवार गरीबी का जो भी अनुमान लगाए बैठा है, आगे से उसका कोई इस्तेमाल ग्रामीण इलाकों में गरीबों की आर्थिक मदद के लिए बनी केंद्र सरकार की योजनाओं या कार्यक्रमों में नहीं किया जाएगा। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोटेंक सिंह अहूवालिया और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयरामऔरऔर भी

स्पीक एशिया अब भी खुद को एशिया में संप्रभु उपभोक्ताओं का सबसे बड़ा समुदाय बताती है, लेकिन धीरे-धीरे वह खुद को रोजमर्रा के इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स सामान बेचनेवाली फर्म के रूप में पेश करने लगी है। इस बीच यह भी खुलासा हुआ है कि घोषित तौर सर्वे के जिस काम से वह कमाई कर रही थी, वह असल में कभी था ही नहीं। वह तो बस लोगों को फंसाने का एक बहाना था और वह मल्टी लेवलऔरऔर भी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उस नए खान व खनिज विधेयक को मंजूरी दे दी जिसमें प्रावधान है कि कोयला खनन कंपनियों को हर साल अपने शुद्ध लाभ का 26 फीसदी और अन्य खनिज कंपनियों को रॉयल्टी के बराबर रकम जिलास्तरीय खनिज न्यास में डालनी होगी जिसका इस्तेमाल स्थानीय लोगों के विकास में किया जाएगा। इस विधेयक के पारित होने के बाद तमाम खनिज व मेटल कंपनियों के शेयर धड़ाधड़ गिर गए। कोल इंडिया 5.2 फीसदी, स्टरलाइट इंडस्ट्रीज 4.1औरऔर भी

केंद्र सरकार चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में बाजार से 2.20 लाख करोड़ रुपए उधार जुटाएगी। यह बजट में तय की गई रकम से 52,872 करोड़ रुपए ज्यादा है। सरकार के इस फैसने ने बांड बाजार में सिहरन दौड़ा दी है और माना जा रहा है कि इससे निजी क्षेत्र के लिए वित्तीय संसाधन कम पड़ जाएंगे। सरकार का कहना है कि लघु बचत से कम रकम मिलने और केंद्र का कैश बैलेंस कम होने केऔरऔर भी

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार द्वारा लाए गए सिंगूर भूमि पुनर्वास व विकास अधिनियम को बुधवार को पूरी तरह संवैधानिक व वैध करार दिया। इस फैसले का असर यह होगा कि टाटा मोटर्स को नैनो कार परियोजना के लिए किसानों से ली गई जमीन उन्हें वापस लौटानी होगी। हालांकि कोर्ट के इस फैसले का टाटा मोटर्स के शेयरों पर खास असर नहीं पड़ा और वे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में थोड़ा सा बढ़कर 155.95औरऔर भी

भारत की कंपनियां विदेशी निवेशकों के बीच अपनी साख खोती जा रही हैं। इसकी खास वजह है कि साल 2010 में भारतीय कंपनियों द्वारा लाए गए 85 फीसदी जीडीआर (ग्लोबल डिपॉजिटरी रसीद) अपने इश्यू मूल्य से नीचे चल रहे हैं। इनमें निवेशकों का औसत नुकसान 52 फीसदी का है, जबकि इसी दौरान एस एंड पी सीएनएक्स 500 सूचकांक में 7 फीसदी ही गिरावट आई है। प्रमुख रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की रिसर्च शाखा ने अपने एक विश्लेषण मेंऔरऔर भी

यूरो ज़ोन में चल रहे संकट, खासकर ग्रीस सरकार द्वारा ऋण लौटाने में चूक के घहराते खतरे के चलते दुनिया के निवेशक कैश समेटने के चक्कर में पड़ गए है। वे कमोडिटी बाजार से खटाखट निकल रहे हैं। इसी का असर है कि सोना सोमवार को मिलाकर लगातार तीन दिन ऐसा गिरा है जितना वो पिछले 28 सालों में कभी नहीं गिरा था। बीते तीन दिनों में सोना अंतरराष्ट्रीय बाजार में 10 फीसदी से ज्यादा गिर चुकाऔरऔर भी

शेयर बाजार में कैश सेगमेंट में कारोबार घटता जा रहा है और इसी के साथ ब्रोकरों के वजूद पर लटकी तलवार नीचे आती जा रही है। शुक्रवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में कुल वोल्यूम 2644.44 करोड़ रुपए का रहा, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में 12,042.85 करोड़ रुपए का। इस तरह दोनों एक्सचेंजों को मिलाकर कुल वोल्यूम 14,687.29 करोड़ रुपए का रहा है। यह हाल अभी का नहीं है, बल्कि पिछले पांच महीनों से शेयर बाजारऔरऔर भी