भारत और पाकिस्तान के व्यापारिक रिश्तों में अरसे बाद मिठास आती नजर आ रही है। एक तो साढे तीन दशक से भी ज्‍यादा समय के बाद पाकिस्‍तान का कोई वाणिज्‍य मंत्री भारत के दौरे पर आया है। दूसरे भारत ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के मंच पर यूरोपीय संघ से पाकिस्तान को टेक्सटाइल निर्यात पर मिल रही छूट का विरोध नहीं करने का फैसला किया है। पाक सरकार ने इस्लामाबाद से बयान जारी कर भारत के इसऔरऔर भी

भारत अगर 12वीं पंचवर्षीय योजना में सालाना 9 फीसदी आर्थिक विकास दर हासिल कर लेता है तो यह काफी है। इससे ज्यादा विकास दर हासिल करने का प्रयास अर्थव्यवस्था पर बुरा असर ड़ाल सकता है। यह मानना है प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के चेयरमैन व रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर सी रंगराजन का। रंगराजन गुरुवार को राजधानी दिल्ली में भारतीय आर्थिक सेवा (आईईएस) के स्वर्ण जयंती समारोह में बोल रहे थे। आर्थिक सेवा अधिकारियों को संबोधितऔरऔर भी

खाद्य मुद्रास्फीति 17 सितंबर को समाप्त सप्ताह में फिर से बढ़कर 9.13 फीसदी पर पहुंच गई। इससे पिछले हफ्ते यह दर 8.84 फीसदी थी, जबकि उससे पहले हफ्ते में 9.47 फीसदी थी। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने खाद्य वस्तुओं के दामों में जारी तेजी को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि इस तरह का उतार-चढ़ाव गंभीर चिंता का विषय है। खाद्य मुद्रास्फीति दहाई अंक के करीब है जो गंभीर स्थिति है।औरऔर भी

केंद्र सरकार 40,000 करोड़ रुपए के विनिवेश लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकारी कंपनियों के पब्लिक इश्यू के अलावा दूसरे रास्तों पर भी विचार कर सकती है। यह कहना है वित्त मंत्रालय से संबद्ध आर्थिक मामलात विभाग के सचिव आर गोपालन का। उन्होंने राजधानी दिल्ली में बुधवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जिन सरकारी कंपनियों के पास अच्छा कैश है, उन्हें दूसरी सरकारी कंपनियों में सरकार का हिस्सा खरीदने के लिए कहा जाऔरऔर भी

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार द्वारा लाए गए सिंगूर भूमि पुनर्वास व विकास अधिनियम को बुधवार को पूरी तरह संवैधानिक व वैध करार दिया। इस फैसले का असर यह होगा कि टाटा मोटर्स को नैनो कार परियोजना के लिए किसानों से ली गई जमीन उन्हें वापस लौटानी होगी। हालांकि कोर्ट के इस फैसले का टाटा मोटर्स के शेयरों पर खास असर नहीं पड़ा और वे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में थोड़ा सा बढ़कर 155.95औरऔर भी

जिस तरह ज्यादातर कंपनियों के आईपीओ (शुरुआती पब्लिक ऑफर) कुछ ही समय बाद अपने इश्यू मूल्य से बहुत नीचे खिसक जाते हैं और लिस्टिंग के दिन में उनमे जबरदस्त ऊंच-नीच होती है, उसने पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी को आखिरकार कुछ ठोस कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। सेबी ने आईपीओ के मूल्य में मर्चेंट बैंकरों की जवाबदेही तय करने के लिए उनके द्वारा संचालित पुराने आईपीओ का हाल बताना जरूरी कर दिया है। इस सिलसिले मेंऔरऔर भी

भारत की कंपनियां विदेशी निवेशकों के बीच अपनी साख खोती जा रही हैं। इसकी खास वजह है कि साल 2010 में भारतीय कंपनियों द्वारा लाए गए 85 फीसदी जीडीआर (ग्लोबल डिपॉजिटरी रसीद) अपने इश्यू मूल्य से नीचे चल रहे हैं। इनमें निवेशकों का औसत नुकसान 52 फीसदी का है, जबकि इसी दौरान एस एंड पी सीएनएक्स 500 सूचकांक में 7 फीसदी ही गिरावट आई है। प्रमुख रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की रिसर्च शाखा ने अपने एक विश्लेषण मेंऔरऔर भी

दुनिया में छा रही आर्थिक मंदी से स्‍थायी रूप से उबरने के लिए रोजगार का मुद्दा विकास की हर रणनीति में प्रमुखता से शामिल किया जाना चाहिए। इसके बिना मंदी से मुक्ति संभव नहीं है। यह बात केंद्रीय श्रम व रोज़गार मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को पेरिस में जी-20 देशों के श्रम मंत्रियों के सम्‍मेलन में कही। इस सम्‍मेलन में जी-20 देशों के श्रम मंत्री वैश्विक आर्थिक मंदी के बाद से बेरोज़गार की समस्‍या से निपटनेऔरऔर भी