किंगफिशर एयरलाइंस के खिलाफ उसके बकाया करों को लेकर मुकदमा दायर किया जा सकता है और संबंधित लोगों को जेल हो सकती है। अब इस संकटग्रस्त एयरलाइंस को बचाने का जिम्मा इसके चेयरमैन विजय माल्या का है। नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान यह बयान दिया। जहां अजित सिंह हफ्ते-दो हफ्ते पहले तक किंगफिशर एयरलाइंस को बंद न होने देने की बात कर रहे थे, वहीं अब उनका कहना हैऔरऔर भी

रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी का इस्तीफा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेज दिया है। इसके बाद तय हुआ कि रेल बजट 2012-13 पर जो भी चर्चा होगी, उसका जवाब वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी देंगे। सोमवार से लोकसभा में रेल बजट पर चर्चा शुरू हो चुकी है। ये पहला मौका है जब अलग तरह के राजनीतिक हालात पैदा हो गए हैं। लिहाजा सरकार के सामने बड़ी चुनौती आ गई कि रेल बजट परऔरऔर भी

सरकार अगले साल जनवरी-फरवरी तक 2जी सेवा समेत स्पेक्ट्रम नीलामी की प्रक्रिया पूरी कर सकती है। यह बात वित्त सचिव आर एस गुजराल ने सोमवार को उद्योग संगठन सीआईआई द्वारा आयोजित एक समारोह में कही। गुजराल ने कहा ‘‘नीलामी कार्यक्रम के संबंध में दूरसंचार विभाग ने वित्त मंत्रालय को जो संकेत दिए हैं, उसके अनुसार यह प्रक्रिया अगले साल जनवरी-फरवरी तक पूरी हो जाएगी।’’ सुप्रीम कोर्ट ने 2 फरवरी 2012 को अपने निर्णय में दूरसंचार मंत्री एऔरऔर भी

भारत हथियारों के मामले में चीन को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का सबसे बड़ा आयातक देश बन गया है। यह दुनिया में हो रही हथियारों की बिक्री का 10 फीसदी खरीदता है। स्वीडन के सुरक्षा मामलों की एक संस्था ने कहा है कि पिछले पांच सालों (2007 से 2011 के बीच) में भारत के हथियारों की खरीद में 38 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 2012-13 के लिए भारत का रक्षा खर्च 17औरऔर भी

यूपीए सरकार भले ही ढिंढोरा पीटती रहे कि उसने कृषि को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रखी है, लेकिन बजट 2012-13 के दस्तावेजों से साफ है कि वह केंद्रीय आयोजना व्यय का महज 2.71 फीसदी हिस्सा कृषि व संबंधित गतिविधियों पर खर्च करती है। नए वित्त वर्ष 2012-13 में कुल केंद्रीय आयोजना व्यय 6,51,509 करोड़ रुपए का है। इसमें से 17,692.37 करोड़ रुपए ही कृषि व संबंद्ध क्रियाकलापों के लिए रखे गए हैं। इन क्रियाकलापों में फसलों से लेकरऔरऔर भी

दुनिया की सन्नामी रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर्स (एस एंड पी) ने कहा है कि भारत का आम बजट उसकी रेटिंग (BBB-/Stable/A-3) पर थोड़ा नकारात्मक असर डाल सकता है। उसका कहना है कि वित्त मंत्री ने खजाने की व्यवस्था के संबंधित तमाम सुधार घोषित किए हैं, लेकिन माल व सेवा कर (जीएसटी), प्रत्यक्ष कर संहिता (डीटीसी) औप सब्सिडी सीधे लक्ष्य तक पहुंचाने जैसे अहम सुधारों के अमल के वक्त को लेकर अनिश्चितता बरकरार है। साथ ही भारतऔरऔर भी

यह बजट किसके लिए है? आम के लिए, खास के लिए या बाजार के लिए! अगर प्रतिक्रियाओं के लिहाज से देखा जाए तो इनमें से किसी के लिए भी नहीं। आम आदमी परेशान हैं कि उसे बमुश्किल से मुद्रास्फीति की मार के बराबर कर रियायत मिली है। खास लोगों को कहना था कि वित्त मंत्री को राजकोषीय मजबूती के लिए जो ठोस उपाय करने थे, वैसा कोई भी साहसिक कदम उन्होंने नहीं उठाया है। उन्होंने दस मेंऔरऔर भी

अभी तक अगर किसी हाउसिंग सोसायटी में प्रॉपर्टी टैक्स वगैरह निकालकर प्रति सदस्य महीने का मेन्टेनेंस शुल्क 3000 रुपए तक है तो इस पर कोई सर्विस टैक्स नहीं लगता। नए वित्त वर्ष 2012-13 में सर्विस टैक्स की छूट की यह सीमा प्रति सदस्य 5000 रुपए कर दी गई है। हालांकि वित्त मंत्री ने अपने भाषण में इसे फ्लैट में रहनेवाले सदस्य के मासिक शुल्क में टैक्स छूट की बात कही है और स्पष्ट नहीं किया है किऔरऔर भी

हर खासो-आम यही तलाशने में लगा है कि उसे बजट 2012-13 से क्या मिला। कंपनियों और धंधे वालों की बात अपनी जगह है। लेकिन अगर हम नौकरीपेशा लोगों की बात करें तो आयकर के नए प्रावधानों का सबसे ज्यादा फायदा साल भर में आठ से दस लाख कमानेवालों को होगा। बजट में आयकर छूट की सीमा 1.80 लाख रुपए से बढ़ाकर दो लाख रुपए सालाना कर दी गई है। हालांकि संसदीय समिति ने इसे तीन लाख करनेऔरऔर भी

राजीव गांधी के नाम पर सीधे शेयरों में 50,000 रुपए लगाओ। तीन साल तक उसे हाथ न लगाओ और इस निवेश का 50 फीसदी हिस्सा आयकर में रियायत पाओ। जी हां, वित्त मंत्री ने नए साल के बजट में रिटेल निवेशकों को शेयर बाजार में खींचने के लिए पहली बार राजीव गांधी इक्विटी सेविंग स्कीम शुरू की है। इसका पूरा ब्योरा तो बाद में अलग से जारी किया जाएगा। लेकिन वित्त मंत्री के प्रस्ताव के मुताबिक, जिनऔरऔर भी