कर्ज में डूबी आयरलैंड सरकार ने यूरोपीय संघ द्वारा हाल में गठित विशेष संकट कोष से मदद की पेशकश को दूसरी बार ठुकरा दिया है जिससे यूरो मुद्रा वाले देशों के सामने फिर ऋण संकट खड़ा हो सकता है। उल्लेखनीय है कि अभी छह माह पहले ही यूरो क्षेत्र का देश पुतर्गाल (यूनान) दिवालिएपन की स्थिति में पहुंच गया था। उसके बाद यूरोपीय संघ ने ऐसी स्थिति में सदस्य देशों की मदद के लिए 750 अरब यूरोऔरऔर भी

जिस वित्तीय सेवा कंपनी को वल्लभ भंसाली में 1984 में अपने बड़े भाई (स्वर्गीय) मानेक भंसाली और दो दोस्तों नेमिश शाह व जगदीश मास्टर के साथ मिलकर बनाया था, उसे अब उन्होंने निजी क्षेत्र के तीसरे सबसे बड़े बैंक, एक्सिस बैंक को बेचने का फैसला कर लिया है। बुधवार को ईल-उल-जुहा के दिन एक्सिस बैंक की सीईओ शिखा शर्मा और एनम सिक्यूरिटीज के चेयरमैन वल्लभ भंसाली ने एक संवाददाता सम्मेलन में इसकी घोषणा की। वल्लभ भंसाली नेऔरऔर भी

केंद्र सरकार ने इस साल फरवरी में ही ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (डीटीएबी) की सलाह पर छह विशेषज्ञों की एक कमिटी बना दी थी जिसे तय करना था कि भारत में डायबिटीज की दवा रोज़िग्लाइटाज़ोन की बिक्री व इस्तेमाल पर कैसे बैन लगाया जाए। तब तक अमेरिका का खाद्य व औषधि प्रशासन (यूएसएफडीए) ढिढोरा पीट चुका था कि इस दवा के इस्तेमाल से मरीज को दिल की बीमारी हो सकती है और वह मर भी सकता है।औरऔर भी

1858 में ईस्ट इंडिया कंपनी से भारत में सत्ता की बागडोर अपने हाथों में लेते ही ब्रिटिश सरकार ने सार्वजनिक खातों के लेखा-परीक्षण की अहमियत समझ ली थी। उसने 16 नवंबर 1860 को भारत का पहला महा लेखा-परीक्षक एडमंड ड्रुमंड को बनाया था। ब्रिटिश शासन से आजादी के बाद भारत 1950 में गणराज्‍य बन गया और महा लेखा-परीक्षक का पद जारी रहा हालांकि इसका नाम बदलकर भारत का नियंत्रक एवं महा लेखा-परीक्षक (सीएजी या कैग) कर दियाऔरऔर भी

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा को वर्ष 2008 में नई कंपनियों को 2जी स्पेक्ट्रम आवंटित करने में प्रधानमंत्री, वित्त मंत्रालय और विधि मंत्रालय की सलाह को नजरअंदाज करने का दोषी करार दिया है। मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में इस मामले में पेश कैग की एक रिपोर्ट के अनुसार, दूरसंचार मंत्री के रूप में राजा के इस रवैये से सरकार को 1. 76 लाख करोड़ रुपए के संभावित राजस्व काऔरऔर भी

देश की 1.44 लाख बस्तियों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं है। यह जानकारी खुद केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री सी पी जोशी ने दी है। उनके मुताबिक एक अप्रैल 2010 तक देश की 1.44 लाख बस्तियों के पेयजल में फ्लोरीन, लवण, लोहा, आर्सेनिक या नाइट्रेट की अत्यधिक मात्रा पायी गई है। इसमें 26,131 बस्तियों के पेयजल में अत्यधिक फ्लोरीन, 28,398 बस्तियों में अत्यधिक लवण, 79,955 बस्तियों में अत्यधिक लोहा, 6548 बस्तियों में अत्यधिक आर्सेनिक और 3032 बस्तियों मेंऔरऔर भी

अमेरिका में आबादी के लिहाज 12वें सबसे बड़े शहर सैन फ्रांसिस्को में सोमवार (15 नवंबर) से तीन दिन का वेब 2.0 सम्मेलन शुरू हो रहा है जिसमें इंटरनेट उद्योग के दर्जनों महारथी शिरकत करेंगे। लेकिन इसमें सबसे खास हैं फेसबुक के चीफ एग्जीक्यूटिव मार्क ज़ुकरबर्ग और गूगल के प्रमुख एरिक श्मिड। माना जा रहा है कि इन दो महारथियों की टक्कर इस सम्मेलन के मंच पर नया गुल खिला सकती है क्योंकि दोनों ही नई पीढ़ी कीऔरऔर भी

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक भारत में लोगों के पास 18,000 टन सोना पड़ा है जो दुनिया में उपलब्ध सोने का कम से कम 11% है। इसका औसत निकालें तो हर भारतीय के पास करीब 15 ग्राम सोना है। भारतीयों के पास पड़े सोने की कीमत लगभग 800 अरब डॉलर निकलती है। साल 2009 में भारत में सोने की मांग 97,400 करोड़ रुपए की थी जो सारी दुनिया की मांग का 15% बैठती है। हमारी बचत दरऔरऔर भी

संरक्षणवाद का विरोध करते हुए भारत ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के तहत वैश्विक व्यापार को खोलने के लिए दोहा दौर की वार्ताओं को संतोषजनक अंजाम तक पहुंचाने की वकालत की। शुक्रवार को दक्षिण कोरियो की राजधानी सोल में जी-20 शिखर सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि सभी देशों के प्रमुख इन वार्ताओं को पूरा करने के लिए पूरा प्रयास करें। प्रधानमंत्री ने वैश्विक नेताओं से कहा कि वेऔरऔर भी