बड़ी संख्‍या में उपभोक्‍ताओं की शिकायतों के मद्देनज़र सरकार गुमराह करनेवाले विज्ञापनों की कारगर जांच के लिए एक अंतर-मंत्रालयी समिति बनाने पर विचार कर रही है। खाद्य व उपभोक्ता मामलों के मंत्री के वी थॉमस ने एएससीआई (एडवर्टाइजिंग स्टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया) द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में यह जानकारी दी। झूठे व भ्रामक विज्ञापनों के बार में प्रोफेसर थॉमस ने कहा कि ऐसे विज्ञापनों को छपने से पहले ही रोकने की ज़रूरत है ताकि वे मासूम उपभोक्‍ताओंऔरऔर भी

आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने तय किया है कि अब खाद्यान्नों व चीनी कै उत्पादन का 90 फीसदी हिस्सा को जूट के थैलों में पैक करना जरूरी होगा। सीसीईए का यह फैसला जूट वर्ष 2011-12 (जुलाई 2011 से जून 2012 तक) से लागू हो जाएगा। हालांकि इसके कुछ अपवाद भी है। मसलन, जो चीनी निर्यात के लिए पैक की गई थी, लेकिन जिसका निर्यात न‍हीं हो पाया, वह इस आदेश से मुक्‍त रहेगी। छूट काऔरऔर भी

पिछले बीस महीनों से कसते ब्याज दर के फंदे ने भले ही मुद्रास्फीति का बालबांका न किया हो, लेकिन औद्योगिक विकास का गला जरूर कस दिया है। खदानों, फैक्टरियों और सेवा क्षेत्र से मिले ताजा आंकड़ों के अनुसार औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में मात्र 1.81 फीसदी की वृद्धि हुई है, जबकि जानकारों का औसत अनुमान 3.5 फीसदी का था। यह सितंबर 2009 के बाद पिछले दो सालों की न्यूनतम औद्योगिक वृद्धि दर है। सितंबर 2010 में आईआईपीऔरऔर भी

पिछले बारह महीने से अटकी हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (एचसीसी) की लवासा सिटी परियोजना को आखिरकार केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने सशर्त मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी इस शर्त पर दी गई है कि परियोजना को महाराष्ट्र प्रदूषण बोर्ड से स्वीकृति लेनी होगी और पूरे कंस्ट्रक्शन के दौरान पर्यावरण संबंधी तमाम कानूनों का पालन करना होगा। मंत्रालय ने बुधवार को अपनी बेवसाइट पर डाले गए दस पेज के आदेश में कहा है, “अगर भविष्य में पाया गया किऔरऔर भी

पेट्रोल की कीमतें बढ़ने और कर्ज महंगा होने का असर कारों की बिक्री पर साफ दिखने लगा है। अक्टूबर में घरेलू बाजार में कारों की बिक्री 23.77 फीसदी घटकर 1,38,521 इकाइयों की रही, जो अक्टूबर 2010 में 1,81,704 कारों की थी। इसमें देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी की हड़ताल ने भी आग में घी डालने का काम किया। यह बीते दस सालों में कारों की बिक्री में आई सबसे तेज गिरावट है। सोसाइटीऔरऔर भी

हमारी राजनीतिक पार्टियां इस कदर अंधी हैं कि उन्हें दिखाई नहीं देता कि इस साल केवल जुलाई-सितंबर की तिमाही में ही सरकारी तेल कंपनियों को 14,079.30 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। बुधवार को इंडियन ऑयल ने सितंबर तिमाही के नतीजे घोषित किए तो पता चला कि बिक्री साल भर पहले की तुलना में 15.81 फीसदी बढ़कर 89145.55 करोड़ रुपए हो जाने के बावजूद उसे 7485.55 करोड़ रुपए का घाटा उठाना पड़ा है। इससे पहले दो अन्यऔरऔर भी

पता नहीं कि यह निर्यात के आंकड़ों की अप्रत्याशित तेजी पर उठे संदेह का नतीजा है या यूरोपीय देशों में छाए संकट का परिणाम, लेकिन ताजा सूचना यह है कि अक्टूबर महीने में देश से हुआ निर्यात साल भर पहले से मात्र 10.8 फीसदी बढ़ा है। यह दो सालों के दौरान निर्यात में हुई सबसे कम वृद्धि दर है। इससे पहले अक्टूबर 2009 में हमारा निर्यात 6.6 फीसदी घट गया था। लेकिन उसके बाद से हर महीनेऔरऔर भी

पेट्रोल की बढ़ती कीमत को लेकर सरकार के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस का गुस्‍सा सातवें आसमान पर आ गया है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर बरसते हुए कहा कि उनकी पार्टी सिर्फ सरकार में मंत्रालयों के लिए आम आदमी पर बोझ बर्दाश्त नहीं करेगी। ममता ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस बहुमत में हैं इसलिए उनकी बात अनसुनी की जाती है। ममता ने यहऔरऔर भी

गूगल ने तय किया है कि वह भारत में इंटरनेट के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए छोटे व मध्यम उद्यमों को मुफ्त में वेबसाइट उपलब्ध कराएगा। मुफ्त वेबहोस्टिंग उपलब्ध कराने में होस्टगेटर गूगल की पार्टनर का काम करेगी। आप सभी जानते ही हैं कि गूगल इस समय सर्च व ई-मेल से लेकर इंटरनेट पर विभिन्न सेवाओं की दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। यहां तक कि सर्च करने के लिए लोग गूगल करना कहने लगेऔरऔर भी

सितम्‍बर 2011 में यूरिया का उत्‍पादन लक्ष्‍य से 62,000 टन कम रहा है। लक्ष्‍य 18.28 लाख टन का था, जबकि उत्‍पादन लगभग 17.66 लाख टन का हुआ। इसी प्रकार डीएपी (डाई अमोनियम फॉस्फेट) का उत्‍पादन भी 97,000 टन कम रहा है। लक्ष्‍य 4.22 लाख टन का था, जबकि उत्‍पादन 3.25 लाख टन का ही हुआ है। रसायन व उर्वरक मंत्रालय की तरफ से बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, सितम्‍बर माह में विभिन्‍न राज्‍यों को लगभग 25.17औरऔर भी