ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े तनाव का असर कच्चे तेल की कीमत पर भी देखा जा रहा है और बुधवार को यह आठ माह के उच्च स्तर पर पहुंच गई। न्यूयॉर्क तेल बाजार में कच्चे तेल की कीमत 103.74 डॉलर प्रति बैरल हो गई। इसके पहले 11 मई 2011 को तेल की कीमत इस स्तर पर पहुंची थी। बाजार विश्लेषकों के अनुसार अर्थव्यवस्था में सुधार को लेकर बढ़ती उम्मीदों से तेल की कीमतों को बल मिलाऔरऔर भी

देश में सोने के जेवरों की हॉलमार्किंग जल्दी ही अनिवार्य कर दी जाएगी। फिलहाल केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को कानून में इसके लिए जरूरी संशोधन को मंजूरी दे दी। अब यह संसद के दोनों सदनों में पास होने के बाद कानून बन जाएगा। सरकार के एक बड़े अधिकारी के मुताबिक, इस काम में कम से कम सात से आठ महीने लग सकते हैं। जानकारों का कहना है कि इससे सबसे बड़ी बात यह होगी कि देश भरऔरऔर भी

दिसंबर के दूसरे पखवाड़े (16 दिसंबर से 30 दिसंबर) के दौरान देश में आयातित कच्चे तेल की लागत करीब एक फीसदी बढ़ चुकी है। तेल कंपनियों की अंडर-रिकवरी 388 करोड़ रुपए प्रतिदिन हो चुकी है। लेकिन सरकार राजनीतिक वजहों से इन कंपनियों को पेट्रोल के मूल्य तक बढ़ाने की इजाजत नहीं दे रही है। वैसे तो पेट्रोल के मूल्य से सरकारी नियंत्रण जून 2010 से ही हटाया जा चुका है। लेकिन सबसे बड़ी शेयरधारक होने के नातेऔरऔर भी

हमारा वाणिज्य मंत्रालय बताने और छिपाने दोनों में माहिर है। हालांकि निर्यात आंकड़ों में पूरे 9 अरब डॉलर की ‘त्रुटि’ सामने आने के बाद वो थोड़ा चौकन्ना हो गया है। लेकिन बताने और छिपाने की उस्तादी अब भी जारी है। वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने 9 दिसंबर को ही बता दिया था कि चालू वित्त वर्ष 2011-12 में अप्रैल से नवंबर तक देश का निर्यात 33.2 फीसदी बढ़कर 192.7 करोड़ डॉलर रहा है। सोमवार, 2 जनवरी कोऔरऔर भी

अप्रैल 2007 से शुरू हुई 11वीं पंचवर्षीय योजना मार्च 2012 में खत्म हो जाएगी। इस तरह उसके खत्म होने में केवल तीन महीने ही बचे हैं। लेकिन केंद्र सरकार ने इस योजना अवधि के लिए एकीकृत वस्त्र पार्क स्कीम (एसआईटीपी) के तहत जिन 40 पार्कों को मंजूरी दी थी, उनमें से अभी तक केवल सात पार्क ही पूरे हो सके हैं। वाणिज्य के साथ उद्योग व कपड़ा मंत्रालय भी संभालने वाले केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने शुक्रवारऔरऔर भी

सरकार ने पेट्रोल से लेकर डीजल, रसोई गैस और केरोसिन के दामों पर छाई धुंध को साफ करने के लिए ऑनलाइन जानकारी उपलब्ध करानी शुरू कर दी है। सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियां – इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम व भारत पेट्रोलियम ने पेट्रोल कीमतों के बारे में विस्तृत जानकारी पेट्रोलियम मंत्रालय संबद्ध पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल की वेबसाइट पर डालनी शुरू कर दी है। यहां कच्चे के आयातित मूल्य से लेकर अंडर-रिकवरी व सरकार की तरफ सेऔरऔर भी

देश में अगले साल अप्रैल से नवंबर तक छठी आर्थिक गणना कराई जाएगी। आखिरी बार आर्थिक गणना वर्ष 2005 में की गई थी। छठी आर्थिक गणना से सरकार को विभिन सामाजिक आर्थिक विकास योजनाओं को शुरू करने के प्रभावों का जायजा लेने में मदद मिलेगी। छठी आर्थिक गणना के लिए राज्‍यों और केन्‍द्रशासित प्रदशों के आर्थिक व सांख्यिकी महानिदेशालय के सचिवों और निदेशकों के अखिल भारतीय सम्‍मेलन की शुरुआत मंगलवार को राजधानी दिल्ली में हुई। इसका उद्घाटनऔरऔर भी

यूपीए सरकार उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बुनकरों के पैकेज घोषित कर रही है। लेकिन उसे यह नहीं पता कि किस राज्य में हरकरघा उत्पादों की बिक्री व निर्यात कितना है। सरकार के पास इसका कोई राज्यवार ब्यौरा नहीं है। यह बात सोमवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कपड़ा राज्‍य मंत्री पनबाका लक्ष्‍मी ने स्वीकार की। बता दें कि रविवार को ही कैबिनेट ने बुनकरों के लिए 2350 करोड़ रुपए काऔरऔर भी

केरल में त्रिचूर की जिला उपभोक्ता अदालत ने रिलायंस समूह के प्रमुख मुकेश अंबानी के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट वापस से लिया है। यह वारंट अदालत ने एक मोबाइल फोन उपभोक्ता की याचिका पर जारी किया था और 15 फरवरी तक मुकेश को उपभोक्ता फोरम के सामने पेश होने को कहा है। रिलायंस के वकील के एस रविशंकर ने मीडिया को बताया कि 25,000 रुपए जमा कराने के बाद उन्होंने 16 दिसंबर को जारी वारंट वापस लेनेऔरऔर भी

रोजमर्रा के उपयोग की चीजें बनानेवाली कंपनियों ने दो-तीन सालों से सिलसिला चला रखा है कि दाम स्थिर रखते हुए वे पैक का साइज या वजन घटा देती हैं। उनका तर्क रहता है कि वे कच्चे माल की लागत को समायोजित करने के लिए ऐसा करती है। लेकिन अगले साल जुलाई से वे ऐसा नहीं कर पाएंगी। सरकार पारदर्शिता लाने में जुट गई ताकि ग्राहक को सही-सही पता रहे कि वह कितने दाम में कितना सामान खरीदऔरऔर भी