बिग बी अमिताभ बच्चन जिसके बारे में विज्ञापन करते हैं कि बिनानी सीमेंट सदियों के लिए, वह कंपनी अब शेयर बाजार से रुखसत होने की तैयारी में है। उसकी प्रवर्तक कंपनी बिनानी इंडस्ट्रीज ने कंपनी की पूरी पब्लिक होल्डिंग खरीद कर इसे डीलिस्ट करने का फैसला कर लिया है। बिनानी सीमेंट का निदेशक बोर्ड बुधवार, 6 अक्टूबर को अपनी बैठक में इस फैसले को पास कर चुका है। अब कंपनी के शेयरों के बीएसई और एनएसई सेऔरऔर भी

हिंदी समाज को वित्तीय रूप से साक्षर बनाने की मुहिम के साथ शुरू हुई आपकी इस वेबसाइट ने छह महीने बीतते-बीतते ही अपनी जगह बनानी शुरू कर दी है है। अर्थकाम को देश में नए बिजनेस के सर्वोत्तम 74 ‘पावर ऑफ आइडियाज’ में चुन लिया गया है। ‘पावर ऑफ आइडियाज’ प्रतियोगिता का आयोजन इकनॉमिक टाइम्स, आईआईएम अहमदाबाद और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की तरफ से किया जाता है। इसमें अंतिम रूप से जीतनेवाले आइडिया को आगे बढ़ानेऔरऔर भी

अगर साल 2003 से पूंजी बाजार में उतरी सार्वजनिक क्षेत्र की 28 कंपनियों के आईपीओ (प्रारंभिक सार्वजनिक ऑफर) के इतिहास को आधार मानें तो कोल इंडिया और सेल के आगामी पब्लिक इश्यू बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। इन 28 कंपनियों में से 94 फीसदी के आईपीओ इश्यू मूल्य से कम से कम 10 फीसदी बढ़त के साथ बाजार में सूचीबद्ध हुए हैं। प्रमुख ब्रोकरेज व निवेश बैंकिंग फर्म एनाम सिक्यूरिटीज ने तमाम आंकड़े जुटाकर यह हकीकत उजागरऔरऔर भी

देश में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश का आना जारी है। इस साल जनवरी से अब तक भारतीय शेयर बाजार में एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) 46,196.83 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश कर चुके हैं। सोमवार को ही उन्होंने शेयर बाजार में 1264.11 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश किया, जबकि घरेलू निवेशक संस्थाएं तेजी के इस माहौल में बेचकर मुनाफा कमा रही है और उनकी शुद्ध बिक्री 797.83 करोड़ रुपए की रही। विदेशी निवेश के आने से रुपया भी मजबूतऔरऔर भी

सरकार ने 15 सितंबर 2010 को तय किया था कि 1 अप्रैल 2011 ने कर्मचारियों के उन भविष्य निधि (ईपीएफ) खातों पर कोई ब्याज नहीं दिया जाएगा जिनमें तीन साल से कोई रकम नहीं जमा की गई है। अब वह इन खातों को बंद करने जा रही है। ऐसे निष्क्रिय खातों की संख्या करीब तीन करोड़ है और इनमें 15,415 करोड़ रुपए पड़े हुए हैं। इन्हें बंद करने से जहां उसे यह रकम मुफ्त में मिल जाएगी,औरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट के उस आदेश को निरस्त कर दिया है जिसमें बैंकों को एक-दूसरे के बीच गैर निष्पादित आस्तियों (एनपीए) सहित ऋण के टांसफर पर रोक लगाई गई थी। मुख्य न्यायाधीश एस एच कपाड़िया की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि बैंकों के बीच ऋण का स्थानांतरण कानूनी रूप से उचित है और बैंकिंग सेवा नियमन कानून में इसकी अनुमति है। पीठ ने कहा, ‘‘बैंकिंग नियमन कानून में इस पर रोक नहीं है। हमऔरऔर भी

अगर आप मेडिक्लेम पॉलिसी देनेवाली बीमा कंपनी की सेवाओं से संतुष्ट नहीं हैं तो जल्दी ही आप बीमा कंपनी बदल सकते हैं और उतने ही प्रीमियम पर नई कंपनी से मेडिक्लेम प़ॉलिसी ले सकते हैं। मोटर बीमा पॉलिसी पर भी यही नियम लागू होगा। यह किसी ऐरे-गैरे का नहीं, बल्कि खुद बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) के चेयरमैन जे हरिनारायण का कहना है। वे मंगलवार को मुंबई में उद्योग संगठन सीआईआई द्वारा आयोजित बीमा सम्मेलन में बोलऔरऔर भी

देश के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने आम निवेशकों से कम से कम 500 करोड़ रुपए उधार लेने की पूरी तैयारी कर ली है। उसने पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी के पास बांडों का पब्लिक इश्यू लाने का ड्रॉफ्ट प्रॉस्पेक्टस जमा करा दिया है। इस इश्यू के जरिए वह अपना पूंजी पर्याप्तता अनुपात बढ़ाने के लिए टियर-2 श्रेणी के बांडों से 500 करोड़ रुपए जुटाना चाहता है। साथ ही उसने अतिरिक्त सब्सक्रिप्शन का 100औरऔर भी

एमसीएक्स स्टॉक एक्सचेंज गुरुवार को अपने खिलाफ सुनाए गए सेबी के आदेश पर अगले कदम की उधेड़बुन में लगा है। इस बीच शुक्रवार को सेबी चेयरमैन सी बी भावे ने इस बाबत पूछे गए सवाल पर कहा कि हर किसी को तय नियमों का पालन करना पड़ेगा। लेकिन एमसीएक्स-एसएक्स लगातार इक्विटी ट्रेडिंग की इजाजत न मिलने को सेबी द्वारा एनएसई को बचाने की कोशिश बताता रहा है। जवाब में एनएसई भी उसे नीचा दिखाने से बाज नहींऔरऔर भी