केंद्र सरकार अगले वित्त वर्ष के लिए प्रस्तावित अपने कुल बाजार उधारी का लगभग 60 फीसदी हिस्सा पहली छमाही में ही जुटाएगी। इस तरह सरकार अप्रैल से सितंबर 2011 के बीच कुल 2.5 लाख करोड़ रुपए के बांड जारी कर सकती है। वित्त मंत्रालय में आर्थिक विभाग के सचिव आर गोपालन ने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में यह जानकारी दी। बता दें कि केंद्र सरकार ने 2011-12 के बजट में बाजार से कुलऔरऔर भी

खाद्य वस्तुओं पर आधारित मुद्रास्फीति लगातार दो सप्ताह तक इकाई अंक में रहने के बाद खाद्य मुद्रास्फीति फिर दहाई अंक में पहुंच गई है। सब्जी, फल, अंडा और मछली जैसी चीजों के दाम बढ़ने से 12 मार्च को समाप्त सप्ताह के दौरान खाद्य मुद्रास्फीति बढ़कर 10.05 फीसदी हो गई। इससे पिछले सप्ताह में यह 9.42 फीसदी थी और उससे पहले हफ्ते में यह 9.52 फीसदी थी। खाद्य मुद्रास्फीति में इस वृद्धि से सरकार और रिजर्व बैंक कीऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने हर तरफ से हो रहे विरोध को देखते हुए वातानुकूलित निजी अस्पतालों और डाइग्नोस्टिक सेंटरों पर पांच फीसदी सर्विस टैक्स लगाने का प्रस्ताव को वापस ले लिया है। बजट में 25 बिस्तरों से ज्यादा के वातानुकूलित अस्पतालों पर 5 फीसदी सर्विस लगाने की घोषणा की गई थी। वित्त मंत्री ने ब्रांडेड परिधान निर्माताओं पर उत्पाद शुल्क अनिवार्य करने के प्रस्ताव में भी कुछ रियायत दी है जिससे उन्हें अब केवल 45 फीसदीऔरऔर भी

सरकार ने महंगाई से परेशान केंद्रीय कर्मचारियों को राहत दे दी है। केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 6 फीसदी बढ़ाकर 51 फीसदी कर दिया गया है। इससे केंद्र सरकार के करीब 50 लाख कर्मचारी और 38 लाख पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे। यह फैसला मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में लिया गया। एक केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘कैबिनेट की आज हुई बैठक में महंगाई भत्ता बढ़ाने का निर्णय किया गया।’’ यह वृद्धि इस साल एक जनवरी से प्रभावी मानीऔरऔर भी

शहरी विकास, जल संसाधन और ऊर्जा जैसे मंत्रालयों की योजना व्यवस्था में कमियों के चलते भारत को विदेशों से मिली एक लाख करोड़ रुपए की सहायता राशि का इस्तेमाल नहीं हो सका है। यह जानकारी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की संसद को दी गई ताजा रिपोर्ट में दी गई है। रिपोर्ट में कहा है, ‘‘31 मार्च 2010 तक देश को मिले विदेशी सहायता राशि में से 1,05,399 करोड़ रुपए का इस्तेमाल नहीं कर पाया है।’’ बहुपक्षीयऔरऔर भी

वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार 5 मार्च 2011 को समाप्त सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति की दर घटकर 9.42 फीसदी पर आ गई है, लेकिन इसी दौरान ईंधन की मुद्रास्फीति 12.79 फीसदी हो गई है। हफ्ते भर पहले खाद्य मुद्रास्फीति 9.52 फीसदी और ईंधन मुद्रास्फीति 9.48 फीसदी थी। खाद्य मुद्रास्फीति के घटने पर थोड़ा संतोष किया जा सकता है, लेकिन ईंधन का एकबारगी तीन फीसदी से ज्यादा उछल जाना चिंताजनक है। खाद्यऔरऔर भी

चालू वित्त वर्ष 2010-11 की चौथी व आखिरी तिमाही में ज्यादा एडवांस टैक्स भरने रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे आगे है। उसने इस बार 1054 करोड़ रुपए का एडवांस टैक्स भरा है जबकि पिछले साल की चौथी तिमाही में यह 770 करोड़ रुपए था। टाटा स्टील ने इस बार 987 करोड़ का टैक्स जमा कराया है, जबकि पिछली बार यह रकम 513 करोड़ रुपए थी। कंपनियों के एडवांस टैक्स को उनकी आय का पैमाना जाता है। इसलिए लगता हैऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने स्वास्थ्य और शिक्षा में किए गए निवेश को भी इंफ्रास्ट्रक्चर में शामिल करने का एलान किया है। इससे पहले 28 फरवरी को पेश बजट में वे कोल्ड स्टोरेज चेन और उर्वरक उद्योग में किए गए पूंजी निवेश को इंफ्रास्ट्रकर में शामिल करने की पेशकश कर चुके हैं। शुक्रवार को लोकसभा में बजट 2011-12 पर हुई बहस का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माणऔरऔर भी

कंपनी विधेयक, 2009 के संसद के चालू सत्र में पारित होने की संभावना नहीं है। कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय का कहना है कि संसद की अवधि घटा दी गई है, इसलिए इस विधेयक के चालू सत्र में पारित होने की संभावना नहीं है। कंपनी विधेयक, 2009 करीब 50 साल पुराने कंपनी अधिनियम, 1956 की जगह लेगा। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने बजट भाषण में बताया था कि कंपनी विधेयक चालू बजट सत्र में पेश कर दिया जाएगा। कंपनीऔरऔर भी

हमारे नीति-नियामकों के लिए थोड़े सुकून की बात है कि तीन महीने बाद खाद्य मुद्रास्फीति की दर अब दहाई से इकाई अंक में आ गई है। 26 फरवरी को खत्म हफ्ते में इसकी दर 9.52 फीसदी दर्ज की गई है जबकि इसके ठीक पिछले हफ्ते में यह 10.39 फीसदी पर थी। इस तरह इनमें 87 आधार अंकों की कमी आ गई है। एक आधार अंक या बेसिस प्वाइंट का मतलब 0.01 फीसदी होता है। इन आंकड़ों सेऔरऔर भी