विश्व अर्थव्यवस्था में एशिया की स्थिति 16वीं व 17वीं सदी जैसी होने जा रही है। तब विश्व अर्थव्यवस्था में एशिया का योगदान 60 फीसदी के आसपास था। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने अब भारत, चीन और जापान के बीच आर्थिक सहयोग में मजबूती की उम्मीद करते हुए अनुमान जताया है कि वर्ष 2050 तक दुनिया के जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में एशिया का योगदान 50 फीसदी से अधिक हो जाएगा। एडीबी ने कहा कि बेहतर परिदृश्य मेंऔरऔर भी

रिजर्व बैंक ने महीने पर पहले ही मौद्रिक नीति की समीक्षा में कहा था कि मार्च 2011 में मुद्रास्फीति की दर 8 फीसदी रहेगी। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी से लेकर मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु तक कहते रहे थे कि मार्च अंत तक मुद्रास्फीति पर काबू पा लिया जाएगा और यह 7 फीसदी पर आ जाएगी। लेकिन शुक्रवार को आए असली आंकड़ों के मुताबिक मार्च में मुद्रास्फीति की दर 8.98 फीसदी रही है। यह फरवरी महीने केऔरऔर भी

गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) ने वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी से आग्रह किया है कि उनके लिए प्रत्यक्ष कर संहिता (डीटीसी) में भी कर छूट का प्रावधान जारी रखा जाना चाहिए ताकि संगठनों को कल्याणकारी गतिविधियों के लिए प्रोत्साहन मिलता रहे। ‘टैक्स पेयर्स प्रोटेक्शन एंड वेल्फेयर सोसायटी’ द्वारा राजधानी दिल्ली में जारी एक बयान में कहा गया है, “करों से धर्मार्थ संस्थानों को संसाधन जुटाने में बाधा आएगी और कल्याणकारी गतिविधियां चलाने की उनकी क्षमता घटेगी।” बयान में कहाऔरऔर भी

भारत ने छह सालों से भ्रष्टाचार के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र संधि को हस्ताक्षर करने के बावजूद लटका रखा है, यह बात मीडिया में उजागर होते ही वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी बचाव की मुद्रा में आ गए हैं। सोमवार को चुनाव प्रचार के दौरान कोलकाता मे उन्होंने मीडिया को बताया कि भारत जल्दी 2005 में हस्ताक्षर की गई इस संधि का अनुमोदन कर देगा। इस बीच चुनावी माहौल के बीच वित्त मंत्री मुखर्जी बीजेपी पर बढ़-चढ़कर हल्ला बोलतेऔरऔर भी

केन्द्रीय उत्पाद व सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने स्पष्ट किया है कि इस बार के बजट में सिलेसिलाए कपड़ों और परिधानों पर लगाया गया उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) दर्जी को नाप देकर सिलाए गए कपड़ों अथवा ऑर्डर के अनुसार सिले गए कपड़ों, धोतियों या फिर साड़ियों पर लागू नहीं है। बजट में ब्रांडेड रेडीमेड गारमेंट और मेडअप्स पर 10 फीसदी की दर से उत्पाद शुल्क लगाया गया है। सीबीईसी ने इस शुल्क के संबंध में स्पष्टीकरण केऔरऔर भी

केंद्र सरकार ने अपनी प्रमुख योजना राष्ट्रीय रोजगार गारंटी कानून के तहत करोड़ों रुपए की कथित वित्तीय अनियमितता मामले में मध्य प्रदेश सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार मंत्रालय ने राज्य सरकार को पत्र भेजा है। इसमें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) के तहत मजदूरी वितरण में लगाए गए कई आरोपों के बारे में जवाब मांगा है। सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार के जवाब के आधार परऔरऔर भी

आगे से देश भर में कहीं भी सरकारी जमीन अगर गलत तरीके से बेची या लीज पर दी गई है तो उसके लिए सीधे आप केंद्रीय मंत्रिमंडल को जिम्मेदार ठहरा सकते हैं क्योंकि उसकी मंजूरी के बिना ऐसा नहीं किया जा सकता। कैबिनेट सचिवालय ने सभी प्रमुख मंत्रालयों और विभागों को निर्देश भेजा है कि सरकार या सरकारी संस्थाओं की जमीन बेचने या लीज पर देने पर पहले वित्त मंत्रालय के साथ-साथ केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी जरूरीऔरऔर भी

देश के निर्यात कारोबार में लगातार तेजी का रुख बना हुआ है और फरवरी 2011 में इसमें 50 फीसदी की धमाकेदार वृद्धि दर्ज की गई है। इसकी बदौलत वित्त वर्ष के शुरुआती 11 महीनों में कुल निर्यात 208 अरब डॉलर से अधिक हो गया, जबकि पूरे साल का लक्ष्य 200 अरब डॉलर का था। अब उम्मीद बंधी है कि वर्ष 2010-11 में कुल निर्यात 235 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय द्वारा शुक्रवार कोऔरऔर भी

देश की जनसंख्या बीते एक दशक में 18.1 करोड़ बढ़कर अब 121 करोड़ हो गई है। जनगणना के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में पुरुषों की संख्या अब 62.37 करोड़ और महिलाओं की संख्या 58.64 करोड़ है। जनसंख्या नियंत्रण के लिए प्रयास कर रहे देश के लिए अच्छी खबर यह है कि आबादी की वृद्धि दर में कमी दर्ज की गई है। वर्ष 1991 की गणना में आबादी में 23.87 फीसदी की वृद्धि देखी गयी थी, 2001औरऔर भी

केंद्र सरकार अगले वित्त वर्ष के लिए प्रस्तावित अपने कुल बाजार उधारी का लगभग 60 फीसदी हिस्सा पहली छमाही में ही जुटाएगी। इस तरह सरकार अप्रैल से सितंबर 2011 के बीच कुल 2.5 लाख करोड़ रुपए के बांड जारी कर सकती है। वित्त मंत्रालय में आर्थिक विभाग के सचिव आर गोपालन ने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में यह जानकारी दी। बता दें कि केंद्र सरकार ने 2011-12 के बजट में बाजार से कुलऔरऔर भी