जीडीपी के आंकड़े झूठे, दावा किताबी है
भारत की अर्थव्यवस्था या जीडीपी आंकड़ों में भले ही बढ़ रहा हो। लेकिन आम भारतीय आज बरबादी की कगार पर खड़ा है। हॉटमेल के संस्थापक और नामी उद्यमी सबीर भाटिया तो कहते हैं कि भारत में जीडीपी ही गलत तरीके से निकाला जाता है। उनका कहना है कि दुनिया में अमेरिका जैसे तमाम देशों में जीडीपी की गणना सीधे-सीधे इस आधार पर की जाती है कि वहां के लोगों ने कितना काम किया और उस काम काऔरऔर भी
निवेश के लिए काकः चेष्टा, बको ध्यानं!
अपने आसपास के जितने भी निवेशकों को मैं जानता हूं. उनमें से ज्यादातर लोग बिजनेस चैनलों, अखबारों, निवेश पोर्टलों, ब्रोकरों और वॉट्स-अप ग्रुप में मिली सलाहों या टिप्स पर अपना धन शेयर बाज़ार में लगाते हैं। अक्सर कन्फ्यूज़ रहते हैं कि छोटी अवधि के ट्रेडर हैं या लम्बे समय के निवेशक। मजे की बात यह है कि बिना किसी अपवाद के ये सारे के सारे निवेशक छोटी अवधि और लम्बी अवधि, दोनों में दुखी ही रहते हैंऔरऔर भी
नब्बे दिन में चौबेजी छब्बे नहीं, बनेंगे दूबे
मोदी सरकार प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री या वाणिज्य मंत्री नहीं, बल्कि अफसरों व सरकारी सूत्रों के हवाले दम भर रही है कि वो 75 देशों को ट्रम्प से मिली 90 दिन की मोहलत में भारत के व्यापारिक हितों की न केवल रक्षा कर लेगी, बल्कि होड़ में चीन, बांग्लादेश, वियतनाम व इंडोनिशिया जैसे तमाम देशों को मात दे देगी। हालांकि दबे स्वर से उसे मानना पड़ रहा है कि ट्रम्प के टैरिफ दबाव से भारत में न केवलऔरऔर भी
मोदी ने फंसाया देश को दो पाटों के बीच
मोदी सरकार ने अपने टुच्चे स्वार्थ के लिए भारत को अमेरिका और चीन के दो पाटों के बीच बुरी तरह फंसा दिया है। वो ट्रम्प के 26% जवाबी टैरिफ का विरोध इसलिए नहीं कर रही है क्योंकि अमेरिका में न्याय विभाग की सघन जांच के बाद न्यूयॉर्क की संघीय अदालत ने गौतम अडाणी के खिलाफ रिश्वतखोरी और फ्रॉड का अभियोग तय कर दिया है। इस पर पिछले महीने हेग कन्वेंशन के तहत भारत सरकार को अहमदाबाद कीऔरऔर भी






