इंडियन ऑयल (बीएसई कोड – 530965, एनएसई कोड – IOC) का नाम ही काफी है। लेकिन जानते हैं इसकी सालाना आय कितनी है? 2,69,136 करोड़ रुपए। जिसे हम बार-बार देश की सबसे बड़ी कंपनी कहते हैं, उस रिलायंस इंडस्ट्रीज की सालाना आय है 1,92,461 करोड़ रुपए। हां, बाजार पूंजीकरण में वह जरूर नंबर-वन है क्योंकि उसके शेयर के मूल्य व कुल जारी शेयरों की संख्या का गुणनफल 3,30,230 करोड़ रुपए है, जबकि इंडियन ऑयल का बाजार पूंजीकरणऔरऔर भी

सोने पर चेतना गायब और जगने पर वापस! बीच में जाती कहां है? कहीं नहीं। मानव मस्तिष्क में अरबों न्यूरॉन हैं जिनके बीच खरबों तार है। वे बराबर बतकही करते हैं। हमारे सोने पर चुपके से बतियाते हैं।और भीऔर भी

देश के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने आम निवेशकों से कम से कम 500 करोड़ रुपए उधार लेने की पूरी तैयारी कर ली है। उसने पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी के पास बांडों का पब्लिक इश्यू लाने का ड्रॉफ्ट प्रॉस्पेक्टस जमा करा दिया है। इस इश्यू के जरिए वह अपना पूंजी पर्याप्तता अनुपात बढ़ाने के लिए टियर-2 श्रेणी के बांडों से 500 करोड़ रुपए जुटाना चाहता है। साथ ही उसने अतिरिक्त सब्सक्रिप्शन का 100औरऔर भी

वोडाफोन तीन साल पहले 2007 में हचिसन के भारतीय कारोबार को खरीदने पर कोई टैक्स देने के मूड में नहीं है। इसी महीने 8 सितंबर को बॉम्बे हाईकोर्ट फैसला सुना चुका है कि यह भारतीय संपत्ति के हस्तांतरण का मसला है। इसलिए इस पर वोडाफोन को कैपिटल गेन्स टैक्स देना पड़ेगा। लेकिन वोडाफोन टैक्स न देने के अपने दावे पर कायम है। उसने सुप्रीम कोर्ट में बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है, जिस पर अगलीऔरऔर भी

हाजिर बाजार और विदेशी बाजारों में मजबूती के रूख के बाद सोमवार को सटोरियों की आक्रामक लिवाली से वायदा कारोबार में चांदी की कीमतें 160 रुपए की तेजी के साथ 33,152 रुपए प्रति किलोग्राम की रिकॉर्ड नई उंचाई को छू गईं। वैश्विक बाजारों में चांदी की कीमतों के 30 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद घरेलू बाजार में भी यही रुख कायम हो गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में चांदी के अगले साल जुलाई कीऔरऔर भी

स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज (बीएसई कोड – 532374, एनएसई कोड – STRTECH) में इधर एक तरह की चाल बनती हुई नजर आ रही है। हालांकि पिछले ही महीने 3 अगस्त को उसने 124.20 रुपए पर 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर हासिल किया है। इस समय गिरकर 99.95 रुपए पर आ गया है। लेकिन बाजार के जानकारों के मुताबिक इसमें फिर हलचल बढ़ने जा रही है और यह 130 रुपए तक जा सकता है। यह अनिल अग्रवाल से जुड़ी वेदांताऔरऔर भी

हुनर की हर सीढ़ी को पार करने के लिए अंदर से दम भरने की, अंतःप्रेरणा की जरूरत होती है। इसका स्रोत है तो अंदर, लेकिन बाहर का बहाना चाहिए। यह बहाना कोई भगवान, गुरु या पेड़ तक कुछ भी हो सकता है।और भीऔर भी

साल 2021 तक भारत में महानगरों की संख्या दुनिया में सबसे ज्यादा होगी और हर महानगर में एक करोड़ से ज्यादा लोग रह रहे होंगे। अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन ऐसा मानता है। वहीं, भारत सरकार की जनगणना के मुताबिक भी बीते एक दशक में गांवों से तकरीबन 10 करोड़ ने पलायन किया है, जबकि निवास स्थान छोड़ने के आधार पर 30 करोड़ 90 हजार लोगों ने अपना निवास स्थान छोड़ा है। योजना आयोग के मुताबिक 1999-2000 में अप्रवासीऔरऔर भी

संवेदनाशून्यता और बेशर्मी की हद है ये बाजार। कॉरपोरेट प्रॉफिट उन जांबाज लुटेरों की लूट की तरह है जो यूरोप के देशों से जहाजों में निकल कर शेष महाद्वीपों से लाया करते थे। आज तकनीक के आविष्कार ने उस लूट को जरा सभ्यता का जामा पहना दिया है। तलवार और तोप के स्थान पर कागज और कैल्क्यूलेटर या लैपटॉप आ गए हैं। दुनिया भर की आर्थिक विषमता इस बात का सबूत है। इधर जुही चावला का कुरकुरे का एक विज्ञापनऔरऔर भी

समय की रफ्तार इतनी तेज तो नहीं हुई है कि ठीक अगले ही पल पिछले पल का होश न रहे। याददाश्त का इतना छोटा हो जाना न तो किसी व्यक्ति के लिए सहीं है और न ही कौम के लिए। इतिहास बोध जरूरी है।और भीऔर भी