अंदर का दम
हुनर की हर सीढ़ी को पार करने के लिए अंदर से दम भरने की, अंतःप्रेरणा की जरूरत होती है। इसका स्रोत है तो अंदर, लेकिन बाहर का बहाना चाहिए। यह बहाना कोई भगवान, गुरु या पेड़ तक कुछ भी हो सकता है।और भीऔर भी
हुनर की हर सीढ़ी को पार करने के लिए अंदर से दम भरने की, अंतःप्रेरणा की जरूरत होती है। इसका स्रोत है तो अंदर, लेकिन बाहर का बहाना चाहिए। यह बहाना कोई भगवान, गुरु या पेड़ तक कुछ भी हो सकता है।और भीऔर भी
साल 2021 तक भारत में महानगरों की संख्या दुनिया में सबसे ज्यादा होगी और हर महानगर में एक करोड़ से ज्यादा लोग रह रहे होंगे। अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन ऐसा मानता है। वहीं, भारत सरकार की जनगणना के मुताबिक भी बीते एक दशक में गांवों से तकरीबन 10 करोड़ ने पलायन किया है, जबकि निवास स्थान छोड़ने के आधार पर 30 करोड़ 90 हजार लोगों ने अपना निवास स्थान छोड़ा है। योजना आयोग के मुताबिक 1999-2000 में अप्रवासीऔरऔर भी
संवेदनाशून्यता और बेशर्मी की हद है ये बाजार। कॉरपोरेट प्रॉफिट उन जांबाज लुटेरों की लूट की तरह है जो यूरोप के देशों से जहाजों में निकल कर शेष महाद्वीपों से लाया करते थे। आज तकनीक के आविष्कार ने उस लूट को जरा सभ्यता का जामा पहना दिया है। तलवार और तोप के स्थान पर कागज और कैल्क्यूलेटर या लैपटॉप आ गए हैं। दुनिया भर की आर्थिक विषमता इस बात का सबूत है। इधर जुही चावला का कुरकुरे का एक विज्ञापनऔरऔर भी
समय की रफ्तार इतनी तेज तो नहीं हुई है कि ठीक अगले ही पल पिछले पल का होश न रहे। याददाश्त का इतना छोटा हो जाना न तो किसी व्यक्ति के लिए सहीं है और न ही कौम के लिए। इतिहास बोध जरूरी है।और भीऔर भी
दिमाग में न जाने कितने विचलन, आग्रह-दुराग्रह भरे रहते हैं हम। इसलिए कि विरासत या संयोग से मिली सुरक्षा का कवच हमें बचाए रखता है। लेकिन खुलकर खिलना है तो यह कवच तोड़कर खुले में आना होगा।और भीऔर भी
एमसीएक्स स्टॉक एक्सचेंज गुरुवार को अपने खिलाफ सुनाए गए सेबी के आदेश पर अगले कदम की उधेड़बुन में लगा है। इस बीच शुक्रवार को सेबी चेयरमैन सी बी भावे ने इस बाबत पूछे गए सवाल पर कहा कि हर किसी को तय नियमों का पालन करना पड़ेगा। लेकिन एमसीएक्स-एसएक्स लगातार इक्विटी ट्रेडिंग की इजाजत न मिलने को सेबी द्वारा एनएसई को बचाने की कोशिश बताता रहा है। जवाब में एनएसई भी उसे नीचा दिखाने से बाज नहींऔरऔर भी
पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने आईपीओ में शेयरों के दाम अधिक रखने पर चिंता जताई है। सेबी के चेयरमैन सी बी भावे में शुक्रवार को मुंबई में मर्चेंट बैंकिंग उद्योग पर आयोजित एक समारोह में कहा कि इनवेस्टमेंट बैंकरों को आपसी होड़ में पब्लिक इश्यू में जारी शेयरों के दाम बढ़ाने के बजाय निवेशकों के हितों का भी ख्याल रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब बहुत सारे इश्यू आ रहे हों और बाजार अच्छा हो तोऔरऔर भी
रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) बढ़ते-बढ़ते फिर गिरने लगा। कल बीएसई सेंसेक्स 80.71 अंक गिरा तो इसमें तकरीबन आधा, 49.51 फीसदी योगदान रिलांयस का रहा। कितनी विचित्र बात है कि मंगलवार 21 सितंबर को जब सेंसेक्स ने करीब 32 महीने बाद 20,000 आंकड़ा पार किया, उसी दिन से रिलायंस में गिरावट का नया सिलसिला शुरू हुआ है। तरह-तरह की थ्योरी पेश की जा रही है कि निवेशक आरईएल ने निकलकर ओएनजीसी की तरफ जा रहे हैं। दुनिया में भरऔरऔर भी
एक जगह फिसड्डी बना इंसान दूसरी जगह जाते ही चमकने लगता है। सब सही प्लेसिंग का कमाल है। संयोग कभी-कभी आपकी सही प्लेसिंग कर देता है, पर अक्सर हमें अपनी जगह खुद बनानी पड़ती है।और भीऔर भी
पूंजी बाजार की नियामक संस्था, सेबी ने एमसीएक्स स्टॉक एक्सचेंज को बीएसई या एनएसई की तरह इक्विटी शेयरों और ऋण प्रपत्रों वगैरह में ट्रेडिंग की इजाजत देने से इनकार कर दिया है। यही नहीं, उसने गुरुवार को जारी किए गए अपने 68 पन्नों के आदेश में उसे बार-बार बेईमान कहा है। एक्सचेंज के सारे तर्कों को सेबी के पूर्णकालिक निदेशक के एम अब्राहम ने इस आधार पर खारिज कर दिया है कि अगर सेबी संतुष्ट नहीं हैऔरऔर भी
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