विद्या विनय देती हो या नहीं, लेकिन ज्ञान जरूर मुक्त करता है। पर ज्ञान व मुक्ति के अलग-अलग स्तर हैं। जो जितना मुक्त है, उतना संपन्न है। वैसे हर संपन्न व्यक्ति का मुक्त होना जरूरी नहीं।और भीऔर भी

रिजर्व बैंक ग्राहक सेवाओं को लेकर बैंकों के प्रति अपना रुख कड़ा करनेवाला है। बहुत संभावना है कि सेबी के पूर्व चेयरमैन एम दामोदरन की अध्यक्षता में बैंकों की ग्राहक सेवाओं पर गठित समिति हफ्ते भर बाद 15 फरवरी को अपनी रिपोर्ट रिजर्व बैंक को सौंप देगी। वैसे, यह रिपोर्ट के आने में करीब दो हफ्ते की देर हो चुकी है क्योंकि रिजर्व बैंक ने 2 नवंबर 2010 को मौद्रिक नीति की दूसरी त्रैमासिक समीक्षा में कहाऔरऔर भी

केंद्र सरकार के मुताबिक देश में चालू वर्ष 2010-11 के दौरान दाल का आयात पिछले साल के मुकाबले लगभग आधा रहेगा। इसका कारण दाल के उत्पादन में वृद्धि है। वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने राजधानी दिल्ली में कहा, ‘‘इस साल दाल का आयात पिछले साल के मुकाबले आधा रहेगा। इसका कारण देश में वर्ष 2010-11 में दाल उत्पादन का अधिक होना है। चालू वर्ष में करीब 1.66 करोड़ टन दाल उत्पादन की उम्मीद है।’’ पिछले वर्ष 2009-10औरऔर भी

अगर समाज हमारा सही मूल्य नहीं आंकता तो हम-आप कोई भी परेशान हो सकते हैं। इसी तरह पूंजी बाजार में उतरी कंपनियां भी परेशान हो जाती हैं जो बाजार उनका सही मूल्य नहीं आंकता। चार दशकों से ज्यादा वक्त से कंस्ट्रक्शन का बिजनेस कर रही आहलूवालिया कांट्रैक्ट्स इंडिया लिमिटेड (एसीआईएल) भी परेशान है कि सब कुछ के बावजूद उसका शेयर (बीएसई – 532811, एनएसई – AHLUCONT) बढ़ क्यों नहीं रहा। शेयर के बढ़ने से कंपनी को सीधे-सीधेऔरऔर भी

एक ही समय एक ही तरह के लोग एक ही मकसद के लिए एक ही तरह का काम कर रहे होते हैं। अकेले-अकेले। साथ आ जाएं तो जबरदस्त अनुनाद पैदा कर सकते हैं। लेकिन साथ आएं भी तो कैसे?और भीऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने 1 मई 2011 से रिटेल के अलावा बाकी सभी निवेशकों के लिए अनिवार्य कर दिया है कि वे पब्लिक (आईपीओ, एफपीओ) या राइट्स इश्यू में आवेदन केवल अस्बा (एप्लिकेशन सपोर्टेड बाय ब्लॉक्ड एमाउंट) सुविधा के तहत ही कर सकते हैं। अस्बा ऐसी सुविधा है जिसमें आवंटन होने तक निवेशक की रकम उसके बैंक खाते में ही पड़ी रहती है। शेयरों का आवंटन होने के बाद ही वह रकम कंपनी के खातेऔरऔर भी

व्यापक दक्षता आधार और पहले शुरुआत करने का लाभ भारत को आज भी आउटसोर्सिंग क्षेत्र में मिल रहा है और यह दुनिया की कई प्रमुख कंपनियों का पसंदीदा ठिकाना बना हुआ है। यह बात ग्लोबल मैनेजमेंट कंसल्टेंसी फर्म ए टी केयर्नी की रिपोर्ट में कही गई है। ए टी केयर्नी के वैश्विक सेवा स्थल सूचकांक (जीएसएलआई) 2011, सूची में भारत, चीन और मलयेशिया क्रमशः पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। ये तीनों देश वर्ष 2003 मेंऔरऔर भी

चालू वित्त वर्ष के दौरान देश की आर्थिक वृद्धि 8.6 फीसदी रहने के अनुमान से उत्साहित मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने कहा है कि अगले वित्त वर्ष में नौ फीसदी आर्थिक वृद्धि का लक्ष्य संभव लगता है। बसु ने सोमवार को दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हालांकि पूरी दुनिया का आर्थिक परिदृश्य ठीक-ठाक लग रहा है, लेकिन अब भी अनिश्चितता के बादल दिखते हैं। इसलिए अगले वित्त वर्ष के दौरान देश की आर्थिक वृद्धि की उम्मीदऔरऔर भी

लेफ्ट पार्टियों ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और एक निजी कंपनी के बीच हुए करार को ‘नया घोटाला’ करार दिया है और इस मामले की गंभीरता से जांच किए जाने की मांग की है। खबरों के मुताबिक इसरो ने बिना कोई निविदा प्रक्रिया अपनाए एस-बैंड का दुर्लभ स्पेक्ट्रम एक निजी कंपनी को आवंटित कर दिया है। सीपीएम के पॉलित ब्यूरो सदस्य सीताराम येचुरी ने राजधानी दिल्ली में संवाददाताओं के बताया, “यह एक नया मसला है। इसरोऔरऔर भी

कृषि उत्पादन बढ़ने से उत्साहित सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 8.6 फीसदी रहने का अनुमान व्यक्त किया है। इससे पिछले साल देश की आर्थिक वृद्धि दर आठ फीसदी थी। केन्द्रीय सांख्यिकीय संगठन (सीएसओ) की तरफ से सोमवार को जारी अग्रिम आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2010-11 में कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 5.4 फीसदी रहने की संभावना है, जबकि इससे पिछले साल यह मात्र 0.4 फीसदी रही थी। सीएसओ ने इसके आधार पर देशऔरऔर भी