निर्लिप्त भाव से
कभी किसी से इतना प्यार न करो कि उसके बिना ज़िंदगी सूनी हो जाए। कभी किसी पर इस कदर भरोसा न करो कि उसके टूटने पर किसी और पर भरोसा ही न जमे। जीने के लिए ऐसा निर्लिप्त भाव जरूरी है।और भीऔर भी
कभी किसी से इतना प्यार न करो कि उसके बिना ज़िंदगी सूनी हो जाए। कभी किसी पर इस कदर भरोसा न करो कि उसके टूटने पर किसी और पर भरोसा ही न जमे। जीने के लिए ऐसा निर्लिप्त भाव जरूरी है।और भीऔर भी
शेयर बाजार में कैश सेगमेंट में कारोबार घटता जा रहा है और इसी के साथ ब्रोकरों के वजूद पर लटकी तलवार नीचे आती जा रही है। शुक्रवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में कुल वोल्यूम 2644.44 करोड़ रुपए का रहा, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में 12,042.85 करोड़ रुपए का। इस तरह दोनों एक्सचेंजों को मिलाकर कुल वोल्यूम 14,687.29 करोड़ रुपए का रहा है। यह हाल अभी का नहीं है, बल्कि पिछले पांच महीनों से शेयर बाजारऔरऔर भी
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) ने गंगा नदी में प्रदूषण को कम करने के लिए पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है जिसमे राष्ट्रीय गंगा नदी घाटी प्राधिकरण (एनजीआरबीए) को विश्व बैंक की सहायता देने की बात कही गयी है। इस काम पर 7000 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है। विश्व बैंक के बोर्ड ने इस परियोजना को दस साल पहले 31मई 2001को ही मंजूरी दे दी थी। विश्वऔरऔर भी
भारतीय रुपया शुक्रवार को डॉलर के सापेक्ष कमजोर होकर 49.825 रुपए तक चला गया। लेकिन बाद में 49.50 रुपए पर आकर थम गया। रिजर्व बैंक की संदर्भ दर आज डॉलर के सापेक्ष 49.663 रुपए रही। जानकारों का कहना है कि रिजर्व बैंक अगर बाजार में डॉलर नहीं बेचता तो रुपए की विनिमय दर कभी भी 50 रुपए के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर सकती है। लेकिन रिजर्व बैंक फिलहाल ऐसे किसी भी हस्तक्षेप के लिए तैयार नहींऔरऔर भी
वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाह को आगाह किया है कि अगर मौजूदा आर्थिक संकट गहराता है तो मुद्रा युद्ध का खतरा पैदा हो सकता है। मुखर्जी ने गुरुवार को वॉशिंगटन में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के मुख्यालय में ब्रिक्स देशों के वित्त मंत्रियों के संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस तरह के मुद्रा युद्ध को आपसी बातचीत से ही टाला जा सकता है न कि प्रतिस्पर्धी अवमूल्यन से। एक सवाल के जवाब में मुखर्जी नेऔरऔर भी
देश के केंद्रीय विद्यालयों में जर्मन को तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाने का काम शूरू हो चुका है। अब इन इसके संचालक केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) ने जर्मन भाषा को और बढ़ावा देने का फैसला किया है। इस आशय के समझौते पर शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में केवीएस और गोएथे इंस्टीट्यूट या मैक्स मूलर भवन के बीच हस्ताक्षर किए गए। समझौते पर केवीएस की ओर से आयुक्त अविनाश दीक्षित और गोएथे संस्थान की ओर से क्षेत्रीयऔरऔर भी
भयंकर आंधी खर-पतवार से लेकर बड़े-बड़े पेड़ों तक को उड़ा ले जाती है। लेकिन वह उस सरपत का कुछ नहीं कर पाती जो नदी के किनारे गहरे धंसे मस्त भाव से लहराते रहते हैं। शेयर बाजार की बात करें तो जब दुनिया में हर तरफ संकट दिख रहा हो, तब उन कंपनियों का रुख करना चाहिए जो घरेलू खपत पर फलती-फूलती हों। जब सारे स्टॉक्स डूब रहे हों, तब उन स्टॉक्स का रुख करना चाहिए जो हताशाऔरऔर भी
जीते तो सभी अपने लिए ही हैं। कुछ का जीना दूसरों का भला करता है। ज्यादातर का जीना दूसरों का नुकसान नहीं करता। लेकिन कुछ हैं जो दूसरों का गला काटकर ही फलते-फूलते हैं। इनका सर्वनाश जरूरी है।और भीऔर भी
खाद्य मुद्रास्फीति 10 सितंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान गिरकर 8.84 फीसदी पर आ गई। यह हफ्ते भर पहले 9.47 फीसदी दी। लेकिन आंकड़ों में इस कमी से आम आदमी को कोई राहत नहीं मिली क्योंकि मुख्य जिंसों की कीमतें अब भी ऊंची बनी हुई हैं। सरकार द्वारा गुरुवार को जारी थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति के आंकड़ों के मुताबिक गेहूं को छोड़कर ज्यादातर जिंसों की कीमतें एक साल पहले की तुलना में महंगीऔरऔर भी
अब छह भारतीय भाषाओं में लिखित पाठ्य को पढ़ने वाली टेक्सट टू स्पीच (टीटीएस) प्रणाली उपलब्ध हो गई है। ये भाषाएं हैं हिंदी, मराठी, बांग्ला, तेलुगू, तमिल, मलयालम और पंजाबी। गुरुवार को संचार व सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री सचिव पायलट ने इस प्रणाली की सीडी का लोकार्पण किया। उन्होंने इस मौके पर हिन्दी के लिए वेब आधारित प्रकाश आधारित पहचान प्रणाली (ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन सिस्टम या ओसीआर) की भी शुरूआत की। टेक्स्ट टू स्पीच ऐसा कंप्यूटर सॉफ्टवेयर हैऔरऔर भी
© 2010-2025 Arthkaam ... {Disclaimer} ... क्योंकि जानकारी ही पैसा है! ... Spreading Financial Freedom