सुबह दाना-पानी की तलाश पर निकलने से पहले गाना और शाम ढले काम के बाद घर लौटने पर फिर गाना। चिड़ियां ऐसा कर लेती हैं क्योंकि उन्हें सहजता से सब कुछ इफरात में मिल जाता है। काश हमें भी…और भीऔर भी

काहिल और कामचोरों का कभी कुछ नहीं हो सकता। बाकी हर किसी को अगर मन का काम मिल जाए और उससे उसका घर-परिवार भी चल जाए तो वह काम में ऐसा रमेगा कि कभी छुट्टी ही नहीं मांगेगा।और भीऔर भी

लौकिक को अलौकिक बता दो। कर्मफल को विधि का विधान बता दो। मूर्तिभंजक की मूर्तियां बना दो। सुधारक को आराध्य बना दो। इंसान को भगवान बना दो। संघर्ष की धार कुंद करने के ये पक्के सूत्र हैं।और भीऔर भी

सभी अपने-अपने काम में लगे हैं। आप भी, मै भी। आप मेरी सुनें, जरूरी नहीं। मैं आपकी मानूं, जरूरी है। लेकिन न जाने किस रूप में नारायण मिल जाएं। इसलिए किसी की भी उपेक्षा करना ठीक नहीं।और भीऔर भी

हमने एक बार फिर साबित कर दिया है कि एफआईआई भारतीय बाजार को क्यों पसंद करते हैं। इसलिए कि वाजिब तंत्र के न होने और देश के रिटेल व छोटे निवेशकों को अहमियत न दिए जाने के चलते वे जब चाहें, बाजार को अपने हिसाब से नचा सकते हैं। आज समूची दुनिया के बाजारों में माहौल नकारात्मक था। दलाल स्ट्रीट भी बुरे दिन की उम्मीद किए बैठा था। लेकिन भारतीय बाजार में तेजी का चक्र चल गया।औरऔर भी

काम ही राम है। केवल चार शब्दों की इस नन्हीं मुन्हीं कहावत में प्रागैतिहासिक युग से भी बहुत पहले की झांकी मिल जाती है कि किसी ईश्वरीय चमत्कार से मनुष्य मनुष्य नहीं बना बल्कि वह मेहनत और काम का ही करिश्मा है कि उसने मनुष्य के अगले दो पांवों को हाथों में तब्दील कर दिया अन्यथा वह अब तक चौपाया का ही जीवन जीता। पांवों का स्थान छोड़कर हाथ स्वतंत्र हुए तो पत्थर फैंकना, लकडी थामना औरऔरऔर भी

योग महज कसरत नहीं, बल्कि कर्म में कुशलता का नाम है। हमारे जीवन का बहुत बड़ा भाग इसलिए व्यर्थ चला जाता है क्योंकि या तो हम गलत काम करते हैं या फिर सही काम को गलत ढंग से करते हैं।और भीऔर भी

जिस काम को करने से मन को शांति मिले, जिसे करते हुए मन में शांति हो और जिसे करने के बाद मन में शांति रहे, वही काम हमारे लिए सही काम है। लेकिन काम चुनने की यह आजादी मिले तो सही।और भीऔर भी

निष्काम कर्म जैसा कुछ नहीं होता। हर काम के पीछे किसी न किसी फल की कामना होती है। काम में छल तब पैदा होता है जब पेड़ लगाने का मकसद फल नहीं, कुछ और होता है। यह समाज की देन है।और भीऔर भी

हमारा काम हमें विस्तार देता है। बड़ा काम करने के लिए उदार मन और सोच की जरूरत होती है। हर बड़े काम के साथ हमारा कद बढता है और हमारी सोच का दायरा भी और व्यापक हो जाता है।और भीऔर भी