केंद्रीय सर्तकता आयोग (सीवीसी) का नया टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1964 एक महीने में चालू हो जाएगा। इस पर सातों दिन, चौबीसों घंटे घूसखोर अफसरों की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। यह कॉलसेंटर जैसा होगा। लेकिन दिल्ली सरकार या उसके विभागों के खिलाफ यह हेल्पलाइन मददगार नहीं होगी क्योंकि वे सीवीसी के दायरे में नहीं आते। 1964 में गठित सीवीसी के अभी दो टोल-फ्री नंबर हैं 1800-11-1080 और 011-2465100। लेकिन इन पर सोम से शुक्र सुबह 9औरऔर भी

केंद्रीय उपभोक्ता मामलात मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक नेशनल कंज्यूमर हेल्पाइन पर शिकायतें दर्ज कराने में दिल्ली के बाद सबसे ज्यादा संख्या उत्तर प्रदेश के ग्राहकों की है। हो सकता है कि इनमें सबसे ज्यादा योगदान दिल्ली से सटे नोएडा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पड़नेवाले उत्तर प्रदेश के इलाकों का है। अप्रैल 2011 में नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन को ग्राहकों की कुल 10,170 शिकायतें मिलींष। साथ ही वेबसाइट पर 639 शिकायतें ऑनलाइन दर्ज कराई गईं। कुलऔरऔर भी

कहते हैं कि ग्राहक भगवान होता है पर अभी कुछ समय पहले तक भारत की बीमा कंपनियों का सोचना इससे उलट था। उनके लिए पॉलिसीधारक ऐसा निरीह प्राणी होता था जो शायद परेशानी सहने के लिए अभिशप्त है। लेकिन बीमा नियामक व विकास प्राधिकरण (आईआरडीए या इरडा) की पहल से अब माहौल बदल चुका है। कैसी समस्याएं: अमूमन जीवन बीमा पॉलिसीधारकों को जो समस्याएं सताती हैं उनमें खास हैं – पॉलिसी बांड नहीं मिला, गलत पॉलिसी बांडऔरऔर भी