जेके पेपर। दस रुपए अंकित मूल्य का शेयर कल बीएसई (कोड – 532162) में 46.20 रुपए और एनएसई (कोड – JKPAPER) में 46.15 रुपए पर बंद हुआ है। शेयर की बुक वैल्यू है इसकी लगभग डेढ़ गुनी 70.78 रुपए। कंपनी का ठीक पिछले बारह महीने (टीटीएम) का ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 14.13 रुपए है। यानी, यह शेयर अभी ट्रेड हो रहा है मात्र 3.27 के पी/ई अनुपात पर। वह भी तब, जब कंपनी पुरानी है, समूह जानामानाऔरऔर भी

अबन ऑफशोर (बीएसई – 523204, एनएसई – ABAN) में इधर हरकत चालू है। कल बीएसई में 3.66 फीसदी की बढ़त और औसत से दोगुने कारोबार के साथ 606.70 रुपए पर बंद हुआ है। वैसे, हफ्ते भर पहले यह 533.80 रुपए, महीने भर पहले 654.40 रुपए और ठीक साल भर पहले 8 मार्च 2010 को 1313.10 रुपए पर था जो इसका 52 हफ्ते का उच्चचम स्तर है। इसी साल 10 फरवरी 2011 को 511.15 रुपए की तलहटी पकड़औरऔर भी

ईसाब इंडिया ने अपना कामकाज 1987 से शुरू किया। लेकिन इसकी कहानी 1904 में स्वीडन के शहर गोथेनबर्ग से तब शुरू हुई थी जब जहाजों व बॉयलरों पर काम कर रहे एक इंजीनियर ऑस्कर केलबर्ग ने पाया कि वहां रिपेयर के काम की क्वालिटी अच्छी नहीं है। बेहतर टेक्नोलॉजी की तलाश में केलबर्ग ने दुनिया के पहले कवर्ड इलेक्ट्रोड का आविष्कार कर डाला। वहीं से पैदा हुआ ईसाब (Elektriska Svetsnings Aktie Bolaget या ESAB) समूह जो इसऔरऔर भी

महिंदा सत्यम का शुद्ध लाभ चालू वित्त 2010-11 की दिसंबर में समाप्त तिमाही 79.10 करोड़ रुपए रहा है। यह सितंबर तिमाही के शुद्ध लाभ 28.50 करोड़ रुपए से 177.54 फीसदी ज्यादा है। दिसंबर तिमाही में अकेले आधार पर कंपनी की आय 1193.5 करोड़ रुपए रही है जो सितंबर तिमाही की आय 1150.80 करोड़ रुपए की आय से 3.71 फीसदी अधिक है। बता दें कि महिंद्रा समूह के अधीन आने के बाद कंपनी लगातार आगे बढ़ रही है।औरऔर भी

अरबिंदो फार्मा (बीएसई – 524804, एनएसई – AUROPHARMA) ने इसी 11 फरवरी से अपने 5 रुपए अंकित मूल्य के शेयरों को पांच भाग में बांटकर 1 रुपए अंकित मूल्य का कर दिया है। 10 फरवरी को इसका शेयर बीएसई में 1142 रुपए पर बंद हुआ था। उसी दिन एचडीएफसी सिक्यूरिटीज ने कंपनी के तीसरी तिमाही के नतीजों का विश्लेषण करते हुए कहा था कि यह शेयर अगले बारह महीनों में 1647 रुपए तक जा सकता है। शेयरऔरऔर भी

जब बाजार मंदड़ियों के पंजे में हो, सैकड़ों दिग्गज शेयर 52 हफ्ते की तलहटी बना रहे हों, वैसे माहौल में अगर कोई शेयर 52 हफ्ते का शिखर बना जाए तो जरूर उस पर नजर रखनी चाहिए। अमृत बनस्पति कंपनी (बीएसई कोड – 531728) ऐसा ही एक स्टॉक है जो कल 5.76 फीसदी बढ़ा है और जिसने 215 रुपए पर 52 हफ्ते का नया उच्चतम स्तर हासिल किया है। इसका 52 हफ्ते का न्यूनतम स्तर 97.30 रुपए काऔरऔर भी

बाजार जब तलहटी पर पहुंचा हो तब अच्छे स्टॉक्स के चयन के लिए ज्यादा मगजमारी या रिसर्च की जरूरत नहीं होती। नजर डालें कि कौन-कौन से शेयर अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंचे हैं। देखें कि वह कंपनी कितनी जानी पहचानी है, थोड़ा-सा उसका धंधा-पानी देख लें और दांव लगा दें। कल अनिल अंबानी समूह की दो प्रमुख कंपनियां रिलायंस कैपिटल और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर 52 हफ्ते के न्यूनतर स्तर पर पहुंच गईं। इनमें से रिलायंस कैपिटल में निवेशऔरऔर भी

ज़ेनसार टेक्नोलॉजीज आरपीजी समूह की आईटी सलाह व सॉफ्टवेयर और बीपीओ सेवाओं से जुड़ी कंपनी है। कंपनी के चेयरमैन हर्ष गोयनका हैं। लेकिन उसका प्रबंधन वाइस चेयरमैन व सीईओ गणेश नटराजन के नेतृत्व में बनी बारह सदस्यों की टीम देखती है। इसके नीचे ग्यारह सदस्यों की प्रबंधन परिषद है। कंपनी ने अलग-अलग उद्योगों को दी जा रही सेवाओं के मुताबिक अपने कामकाज को पांच वर्टिकल सेगमेंट में बांटा है। नए वर्टिकल अप्रैल 2011 से काम करना शुरूऔरऔर भी

कोई भी कंपनी आज क्या है, निवेश के लिए इससे ज्यादा अहम होता है कि उसके भावी विकास का ग्राफ कहां जाता दिख रहा है। जब तक आपको कंपनी समझ में नहीं आ जाती, उसकी मजबूती और भावी विकास के बारे में आप आश्वस्त नहीं हो जाते, तब तक कतई निवेश न करे। आखिर आपकी गाढ़ी कमाई कहीं भागी तो नहीं जा रही। बस यह है कि अभी बैंक उसका फायदा उठा रहा है। आप समझदार होऔरऔर भी

शुरू में ही एक बात साफ कर दूं कि आपके लिए फैसले हम नहीं ले सकते। आपको खुद फैसला करना है कि किस स्टॉक में निवेश करना है या नहीं क्योंकि शेयर बाजार में निवेश ताजिंदगी चलनेवाली लंबी चीज है, दीपावली की फुलझड़ी या अनार नहीं। हम आपको सही स्टॉक चुनने में मदद भर कर सकते हैं। शेयर बाजार की गलियों में निवेश की गाड़ी को ड्राइव करना आपको सीखना ही पड़ेगा। तो, आज चर्चा जुबिलैंट लाइफऔरऔर भी