खेल है नंबरों का, न साइंस, न आर्ट
कुछ नहीं, बहुत-से लोग कहते हैं कि शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग साइंस के साथ-साथ आर्ट भी है। कला जो अंदर से आती है। लेकिन हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं। ट्रेडिंग शुद्ध रूप से नंबरों का खेल है। किसी भाव पर लेनेवाले कितने हैं और बेचनेवाले कितने, इसी से तय होगा कि भाव आगे कहां जाएगा। चार्ट पर हमें चित्र-विचित्र आकृतियां नहीं, बल्कि खरीदने और बेचनेवालों का सही संतुलन दिखना चाहिए। शुरू करते हैं आज का अभ्यास…औरऔर भी
महत्ता शून्य की
कभी फुरसत में कुछ भी नहीं होने की कल्पना कीजिए। एकदम सन्नाटा, कोई ख्याल नहीं। है न बड़ा मुश्किल! लेकिन यह शून्य बेहद अहम है। यह शून्य ही वो आखिरी अंक है जिसकी खोज हमने की। यह न होता तो आज दुनिया ज्ञान-विज्ञान में शून्य होती।और भीऔर भी
सार्थक काम
विज्ञान का सीधा-सा नियम है कि काम का निर्धारण इससे होता है जो कोई चीज चली कि नहीं। सीढ़ी चढ़कर वहीं उतर आओ तो थक जाने के बावजूद विज्ञान की नज़र में किया गया काम शून्य है। इसलिए सार्थक मेहनत का ही मोल है।और भीऔर भी
आया कुछ कहां सरकारी खजाने में!
नहीं पता क्यों, बाजार शनिवार को भी 11 बजे से 1 बजे तक दो घंटे के लिए खोला गया। यह ट्रेडिंग क्यों हुई? इसका कोई स्पष्ट कारण पता नही लग सका। हां, निवेशक संस्थाओं के अभाव में बाजार एकदम लस्त-पस्त रहा। एफआईआई ने 13.87 करोड़ की खरीद की तो 23.37 करोड़ रुपए की बिकवाली। वहीं डीआईआई की खरीद 5.46 करोड़ और बिक्री 10.33 करोड़ रुपए की रही। निफ्टी फ्यूचर्स का आखिरी भाव 5399 का रहा है, जबऔरऔर भी
आंख के अंधे
सही ज्ञान, विज्ञान और दर्शन के बिना हम इस दुनिया में आंखें रहते हुए भी अंधों की तरह विचरते हैं। अंदाज सही लग गया तो तीर, नहीं तो तुक्का। चोट सिर में लगती है और मरहम घुटनों में लगाते हैं।और भीऔर भी
जड़ता के सहचर
हमारे अंदर-बाहर हर वक्त जड़ता व गतिशीलता के बीच संघर्ष चलता रहता है। लड़कर खड़े नहीं हुए तो जड़ता खींचकर बैठा देती है। भ्रम और पूर्वाग्रह जड़ता के सहचर हैं, जबकि ज्ञान-विज्ञान गतिशीलता के।और भीऔर भी
खुला भेद टेक्निकल ब्रेकआउट का!
बाजार चंद ऑपरेटरों की मुठ्ठी में कैद है और विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) इन्हीं ऑपरेटरों की मिलीभगत से काम करते हें। इस बात को आधार बनाकर हमने जो कॉल्स पेश की हैं, उन पर एक नजर डालने से ही इसकी सत्यता साबित हो जाती है। एक तरफ एफआईआई ब्रोकरेज हाउस सार्वजनिक तौर पर कहते रहे कि बाजार सेंसेक्स को 13,000 की दिशा में लिए जा रहा है। दूसरी तरफ उनके निशाने पर चढ़े तमाम स्टॉक्स कैश सेटलमेंटऔरऔर भी



