महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) के वितरण तंत्र को दुरूस्त करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि ‘लीकेज’ को दूर करने और पारदर्शिता को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल एक बेहतर साधन हो सकता है । प्रधानमंत्री ने मनरेगा के तहत काम करने वाले सभी मजदूरों का बायोमेट्रिक डाटाबेस तैयार करने और इसका इस्तेमाल हाजिरी और मजदूरी के भुगतान जैसे कामों में किये जाने केऔरऔर भी

प्रधानमंत्री ने कह दिया है कि अगर संसद में सामान्य कामकाज की शर्त जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) का गठन है तो वे यह शर्त मानने को तैयार हैं। बाजार के लिए यह अच्छी सूचना है। रिजर्व बैंक ब्याज दरों में वृद्धि का फैसला कल करने जा रहा है। बाजार इसके लिए तैयार है और शेयरों के मूल्य में ब्याज दरों के 0.50 फीसदी बढ़ने का असर गिन लिया गया है। अगर वृद्धि इससे कम होती है तोऔरऔर भी

मंत्रालयों के फेरबदल ने बाजार को कुछ संदेश दिए हैं। यह जानामाना सच है कि उद्योगपति मंत्रालय व मंत्रियों के साथ रिश्ते बना लेते हैं जिनकी बदौलत उन्हें सरकारी नीतियों के बारे में पहले से पता चल जाता है और इसका इस्तेमाल वे अपने धंधे में करते हैं। इसलिए मंत्रालय में मंत्री बदल जाने से कभी-कभी कंपनियों का नसीब भी इधर से उधर हो जाता है। शरद पवार को कृषि मंत्री बनाए रखना सत्तारूढ़ पार्टी की राजनीतिकऔरऔर भी

बाजार के रुख और रवैये का बदलना अब इतना आसान नहीं रह गया है क्योंकि ट्रेडरों का बहुमत मानता है कि हम निफ्टी में 5500 व 4700 की तरफ जा रहे हैं। वे मानते हैं कि भारतीय प्रधानमंत्री को पद छोड़ना पड़ेगा और इससे बाजार की स्थितियां जटिल हो जाएंगी। ऐसा हो भी सकता है और नहीं भी। हालांकि उनके तर्क में दम नहीं नजर आता, लेकिन उनकी हरकतें पूरी तरह उनकी सोच के अनुरूप हैं। 100औरऔर भी

खाने-पीने की चीजों के दामों में लगातार तेजी से परेशान प्रधानमंत्री मनमोहन सिहं ने महंगाई को थामने के उपायों पर विचार-विमर्श के लिए आज, मंगलवार को राजधानी दिल्ली में एक उच्चस्तरीय बैठक की। लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला। इसलिए विचार-विमर्श का सिलसिला कल भी जारी रहेगा। सूत्रों के मुताबिक कोई नतीजा न निकलने की वजह कृषि व खाद्य मंत्री शरद पवार का अड़ियल रवैया रहा है। इसलिए संभव है कि सरकार अगले फेरबदल में पवार सेऔरऔर भी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का दावा है कि वैश्विक परिदृश्य की अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था चालू वित्तीय वर्ष में 8.5 फीसदी बढेगी, जबकि अप्रैल से शुरू होने वाले अगले वित्त वर्ष 2011-12 के दौरान सकल आर्थिक उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 9 से 10 फीसदी तक पहुंच सकती है। प्रधानमंत्री शनिवार को राजधानी दिल्ली में नौवें प्रवासी-भारतीय दिवस समारोह का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी सामाजिक विकास योजनाओं के लिएऔरऔर भी

अनेक घोटालों पर विपक्ष के हमलों से घिरी सरकार ने एक अध्यादेश लाने का फैसला किया है जिसमें प्रधानमंत्री समेत लोक सेवकों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए एक लोकपाल बनाने की संभावना है। सूत्रों ने कहा कि सरकार 25 जनवरी से पहले अध्यादेश लाना चाहती है ताकि गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम संदेश में इसका उल्लेख हो सके। सूत्रों ने यह भी कहा कि कैबिनेट की गुरुवार कोऔरऔर भी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हफ्ते भर पहले की गई अपनी पेशकश को अमली जामा पहनाते हुए सोमवार को बाकायदा लोक लेखा समिति (पीएसी) को एक पत्र भेजकर कहा कि वे 2जी स्पेटक्ट्रम आवंटन घोटाले की जांच के सिलसिले में समिति के सामने पेश होने को तैयार हैं। उन्होंने पीएसी के अध्यक्ष और बीजेपी नेता मुरली मनोहर जोशी को यह पत्र उस दिन भेजा है, जब नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) विनोद राय भी पीएसी के सामने पेशऔरऔर भी

लगता है प्याज की बढ़ती कीमतों के राजनीतिक असर से सरकार परेशान हो गई है। इसिलए प्याज की आसमान छूती कीमतों को नीचे लाने के लिए वह खटाखट कदम उठा रही है। पहले निर्यात पर बंदिश लगाने के बाद सरकार ने अब प्याज आयात पर सीमा शुल्क समाप्त कर दिया है। पिछले कुछ दिनों में प्याज की कीमत 80 से 85 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गयी है। इसमें कमी लाने के इरादे से सरकार ने प्याजऔरऔर भी

अगले साल मार्च 2011 तक महंगाई की दर 5.5 फीसदी के करीब आकर ठहर जाएगी और देश की आर्थिक विकास दर 8.5 फीसदी रहेगी। यह दावा है प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का। उन्होंने कांग्रेस के 83वें महाधिवेशन के दूसरे दिन अपने संबोधन में कहा कि ‘‘ देश में मुद्रास्फीति गंभीर चिंता की वजह बनी हुई है। हमने बढती महंगाई काबू पाने की पूरी कोशिश की है और आगे भी करते रहेंगे।’’ बता दें कि नवंबर में थोक मूल्यऔरऔर भी