खाद्य मुद्रास्फीति एक बार दहाई के खतरनाक आंकड़े की तरफ बढ़ने लगी है। वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक 30 जुलाई 2011 को समाप्त सप्ताह में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति की दर 9.90 फीसदी दर्ज की गई है। इससे पिछले सप्ताह यह 8.04 फीसदी और उससे पहले पिछले सप्ताह 7.33 फीसदी ही थी। वैसे तसल्ली की बात यह है कि साल भर पहले इसी दौरान मुदास्फीति की दर 16.45औरऔर भी

सरकारी आंकड़ों के अनुसार खाद्य मुद्रास्फीति की दर 16 जुलाई को समाप्त सप्ताह में घटकर 20 माह के न्यूनतम स्तर 7.33 फीसदी पर आ गई। लेकिन दूध, फल और अंडा, मांस व मछली जैसी जिन प्रोटीन-युक्त खाद्य वस्तुओं का खास जिक्र दो दिन पहले रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने मौद्रिक की समीक्षा में किया था, उनके दाम अब भी ज्यादा बने हुए हैं। साल भर की समान अवधि की तुलना में उक्त सप्ताह में फलऔरऔर भी

प्याज, आलू और दालों के दाम में नरमी आने से 19 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह में खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति घटकर 10.39 फीसदी पर पर आ गई। हालांकि इस दौरान फल, दूध और सब्जियों की कीमतों में तेजी बनी रही। इससे पिछले सप्ताह खाद्य मुद्रास्फीति की दर 11.49 फीसदी पर थी, जबकि बीते साल 19 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह में यह 21.62 फीसदी पर पहुंच गई थी। सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, समीक्षाधीन सप्ताहऔरऔर भी

दाल, गेहूं और आलू के दाम गिरने से खाद्य मुद्रास्फीति में पिछले पांच सप्ताह से जारी तेजी पर विराम लग गया। एक जनवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान खाद्य मुद्रास्फीति 1.41 फीसदी घटकर 16.91 फीसदी रही है। यह दीगर बात है कि सब्जी, प्याज और प्रोटीन आधारित खाद्य वस्तुओं के दाम में पहले जैसी तेजी बनी हुई है। इससे पिछले सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति 18.32 फीसदी पर पहुंच गई थी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक खाद्य मुद्रास्फीति मेंऔरऔर भी

चावल, फल-सब्जियों व दूध के दाम बढ़ने से चार दिसंबर को समाप्त सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति की दर 0.86 फीसदी बढ़कर 9.46 फीसदी पर पहुंच गई। इससे पिछले सप्ताह यह 8.60 फीसदी थी। यह लगातार दूसरा हफ्ता है जब खाने-पीने की वस्तुओं की मुद्रास्फीति बढ़ी है। नोट करने की बात यह है कि गुरुवार को रिजर्व बैंक द्वारा मौद्रिक नीति की मध्य-तिमाही समीक्षा से आधे घंटे पहले ही खाद्य मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी किए गए। इन आंकड़ोंऔरऔर भी

सब्जी व दालों का बाजार नरम होने से से 13 नवंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान खाद्य वस्तुओं पर आधारित मुद्रास्फीति की दर थोड़ा और घट कर 10.15 फीसदी पर आ गई। इससे पिछले सप्ताह में खाद्य महंगाई दर 10.3 फीसदी थी। बता दें कि छह सप्ताह से खाद्य मुद्रास्फीति में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मानसून के बाद सब्जी और दालों की आपूर्ति सुधरने से खाद्य मुद्रास्फीति का दबाव कम हुआ है। सप्ताह केऔरऔर भी

आलू, प्याज और दूसरी सब्जियों की आपूर्ति में सुधार से 23 अक्तूबर को समाप्त सप्ताह में थोक मूल्य पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति की दर करीब फीसदी नीचे खिसककर 12.85 फीसदी रह गई। यह लगातार तीसरा सप्ताह है जब खाद्य मुद्रास्फीति में गिरावट का रुख रहा है। एक सप्ताह पहले यह 13.75 फीसदी दर्ज की गई थी। बुधवार को जारी सरकारी आंकडों के अनुसार सालाना आधार पर आलू के दाम 51.22 फीसदी तक नीचे आ गए जबकि सब्जियोंऔरऔर भी