महेंद्र सिंह धोनी ने जब अपने इंटरव्यू में कहा कि वे आखिरी ओवर में हमलावर अंदाज अपनाने के लिए (पिछले ओवर में दो बॉल उन्होंने यूं ही जाने दी थी) जरूरी रन रेट के 9 के पार जाने का इंतजार कर रहे थे, तब मुझे ऑस्ट्रेलिया के साथ हुई उस क्रिकेट मैच और अपने शेयर बाजार में तुलना करने का आधार मिल गया। अगर धोनी कहते हैं कि वे 4 गेंदों पर 13 रन (वास्तव में दोऔरऔर भी

कमोडिटी एक्सचेंजों के लिए 2011 का साल काफी अच्छा रहा है। अप्रैल 2003 में फिर से शुरू किए गए कमोडिटी या जिंस एक्सचेंजों का कारोबार हर महीने नई ऊंचाइयां छू रहा है। जिंस एक्सचेंजों के इस शानदार प्रदर्शन में सबसे ज्यादा योगदान सर्राफा कारोबार का रहा है। इस साल सोने के भाव 2010 के 20,700 प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 29,000 रुपए को पार कर गए। जिंस बाजार नियामक वायदा बाजार आयोग (एफएमसी) के एक वरिष्ठ अधिकारीऔरऔर भी

वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को कुल मिलाकर 2126 करोड़ रुपए मूल्य के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के 18 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। जिन कंपनियों के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है उनमें डिश टीवी व एमसीएक्स शामिल है, जबकि यूनिटेक वायरलेस के आवेदन को कैबिनेट के पास विचार के लिए भेज दिया गया है। वित्त मंत्रालय का कहना है कि विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की सिफारिशों को देखते हुए यह फैसला किया गया है। इसकेऔरऔर भी

बड़े ही दुख की बात है कि निवेशकों व ट्रेडरों को हमेशा इस बाजार में बलि का बकरा बनाया जाता है। एक बुरा नतीजा आया नहीं कि एफआईआई स्टॉक्स को बाजार भाव से 10 फीसदी नीचे पर बेचना शुरू कर देते हैं। हालांकि मैं अभी तक इस बात को लेकर अचंभित रहा हूं कि इनफोसिस कैसे अपने मूल्यांकन को 30 के पी/ई अनुपात पर टिकाए हुए है। इस दौरान हमें अपनी रिसर्च डेस्क से पर्याप्त संकेत भीऔरऔर भी

एमसीएक्स और एमसीएक्स एसएक्स की प्रवर्तक कंपनी फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज में एक तरंग-सी उड़ी है। इसके बारे में एक साथ कई सकारात्मक खबरें आ रही हैं। उसका शेयर कल बीएसई (कोड – 526881) में 2.85% बढ़कर 857.95 रुपए और एनएसई (कोड – FINANTECH) में 2.50% बढ़कर 856.55 रुपए पर बंद हुआ है। बीएसई व एनएसई में इसमें क्रमशः 2.19 लाख व 3.44 लाख शेयरों के सौदे हुए। हालांकि ए ग्रुप के इस शेयर में डिलीवरी वाले सौदों काऔरऔर भी

देश के 23 जिंस एक्सचेंजो का कारोबार अक्टूबर माह में 54.31 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 9.89 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया। वायदा बाजार आयोग (एफएमसी) के मुताबिक सर्राफा कारोबार में बढ़ोतरी के कारण एक्सचेंजों के कारोबार में तेजी आई। पिछले साल के इसी माह में जिंस एक्सचेंजों का कारोबार 6.40 लाख करोड़ रुपये रहा था। अक्टूबर माह के दौरान देश के चार प्रमुख एक्सचेंजों में से मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) का कारोबार 57.46 फीसदी कीऔरऔर भी

हाजिर बाजार और विदेशी बाजारों में मजबूती के रूख के बाद सोमवार को सटोरियों की आक्रामक लिवाली से वायदा कारोबार में चांदी की कीमतें 160 रुपए की तेजी के साथ 33,152 रुपए प्रति किलोग्राम की रिकॉर्ड नई उंचाई को छू गईं। वैश्विक बाजारों में चांदी की कीमतों के 30 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद घरेलू बाजार में भी यही रुख कायम हो गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में चांदी के अगले साल जुलाई कीऔरऔर भी

एमसीएक्स स्टॉक एक्सचेंज गुरुवार को अपने खिलाफ सुनाए गए सेबी के आदेश पर अगले कदम की उधेड़बुन में लगा है। इस बीच शुक्रवार को सेबी चेयरमैन सी बी भावे ने इस बाबत पूछे गए सवाल पर कहा कि हर किसी को तय नियमों का पालन करना पड़ेगा। लेकिन एमसीएक्स-एसएक्स लगातार इक्विटी ट्रेडिंग की इजाजत न मिलने को सेबी द्वारा एनएसई को बचाने की कोशिश बताता रहा है। जवाब में एनएसई भी उसे नीचा दिखाने से बाज नहींऔरऔर भी

स्टॉक एक्सचेंजों के स्वामित्व का आधार व्यापक होना चाहिए। उसमें विविधता होनी चाहिए ताकि इन व्यवस्थागत रूप से महत्वपूर्ण संस्थानों को अच्छी तरह चलाया जा सके। यह राय है वित्तीय क्षेत्र की दो शीर्ष नियामक संस्थाओं – भारतीय रिजर्व बैंक और भारतीय प्रतिभूति व विनिमय बोर्ड (सेबी) की। स्टॉक एक्सचेंज पूंजी बाजार का हिस्सा हैं और उन पर सीधा नियंत्रण सेबी का है। इसलिए बैंकिंग नियामक का उनके स्वामित्व पर दो-टूक राय रखना काफी मायने रखता है।औरऔर भी

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एमसीएक्स) पर सोमवार, 24 मई से जस्ता के लघु मिनी कांट्रैक्ट या लघु अनुबंध में वायदा कारोबार शुरू हो गया। एमसीएक्स ने इसके लिए जून व जुलाई के अनुबंध उपलब्ध कराए हैं और आगे समय के अनुसार दूसरे अनुबंध भी लाए जाएंगे। जस्ता के लघु अनुबंध की खासियत यह है कि इसकी लॉट साइज 1 टन की है जबकि एक्सचेंज पर चालू जस्ता के सामान्य अनुबंध का लॉट साइज 5 टनऔरऔर भी