महंगाई खासकर खाद्य मुद्रास्फीति ने सरकार को परेशान करके रख दिया है। इतना परेशान कि वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी झल्लाकर बोले कि मुद्रास्फीति को वश में करने के उपाय किए गए हैं, लेकिन सरकार के पास कोई जादुई चिराग नहीं है कि वह इसे फौरन नीचे ले आए। दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसकी जिम्मेदारी केंद्र से हटाकर राज्यों पर डालने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि महंगाई को काबू में रखने के लिए राज्योंऔरऔर भी

महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) के वितरण तंत्र को दुरूस्त करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि ‘लीकेज’ को दूर करने और पारदर्शिता को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल एक बेहतर साधन हो सकता है । प्रधानमंत्री ने मनरेगा के तहत काम करने वाले सभी मजदूरों का बायोमेट्रिक डाटाबेस तैयार करने और इसका इस्तेमाल हाजिरी और मजदूरी के भुगतान जैसे कामों में किये जाने केऔरऔर भी

प्रधानमंत्री ने कह दिया है कि अगर संसद में सामान्य कामकाज की शर्त जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) का गठन है तो वे यह शर्त मानने को तैयार हैं। बाजार के लिए यह अच्छी सूचना है। रिजर्व बैंक ब्याज दरों में वृद्धि का फैसला कल करने जा रहा है। बाजार इसके लिए तैयार है और शेयरों के मूल्य में ब्याज दरों के 0.50 फीसदी बढ़ने का असर गिन लिया गया है। अगर वृद्धि इससे कम होती है तोऔरऔर भी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शेयर बाजार बंद होने के बाद बुधवार शाम अपने मंत्रिमंडल में कुछ अपेक्षित व कुछ अनपेक्षित फेरबदल किए। शरद पवार अब केवल कृषि मंत्री रहेंगे और खाद्य व उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय स्वतंत्र प्रभार के साथ इसी मंत्रालय के वर्तमान राज्यमंत्री के वी थॉमस को दे दिया गया है। जयपाल रेड्डी को पेट्रोलियम मंत्रालय सौंप दिया गया है, जबकि मुरली देवरा की उद्योग-प्रिय छवि को बरकरार रखते हुए उन्हें कॉरपोरेट कार्य मंत्री बनाऔरऔर भी

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इन अटकलों के बीच मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की कि इस सप्ताह के आखिर में केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल हो सकता है। सिंह से उनके आवास पर मिलने गईं सोनिया के साथ उनके राजनीतिक सचिव अहमद पटेल भी थे। यह बैठक करीब दो घंटे तक चली। प्रधानमंत्री ने सोमवार को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से मुलाकात की थी। इसे हालांकि नियमित मुलाकात बताया गया, लेकिन ऐसे संकेत हैं कि इसऔरऔर भी

खाने-पीने की चीजों के दामों में लगातार तेजी से परेशान प्रधानमंत्री मनमोहन सिहं ने महंगाई को थामने के उपायों पर विचार-विमर्श के लिए आज, मंगलवार को राजधानी दिल्ली में एक उच्चस्तरीय बैठक की। लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला। इसलिए विचार-विमर्श का सिलसिला कल भी जारी रहेगा। सूत्रों के मुताबिक कोई नतीजा न निकलने की वजह कृषि व खाद्य मंत्री शरद पवार का अड़ियल रवैया रहा है। इसलिए संभव है कि सरकार अगले फेरबदल में पवार सेऔरऔर भी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का दावा है कि वैश्विक परिदृश्य की अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था चालू वित्तीय वर्ष में 8.5 फीसदी बढेगी, जबकि अप्रैल से शुरू होने वाले अगले वित्त वर्ष 2011-12 के दौरान सकल आर्थिक उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 9 से 10 फीसदी तक पहुंच सकती है। प्रधानमंत्री शनिवार को राजधानी दिल्ली में नौवें प्रवासी-भारतीय दिवस समारोह का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी सामाजिक विकास योजनाओं के लिएऔरऔर भी

खाद्य मुद्रास्फीति की दर बढ़कर दस हफ्तों के शिखर पर जा पहुंची है। 18 दिसंबर को खत्म सप्ताह में यह 14.44 फीसदी दर्ज की गई है। यह वृद्धि इसलिए भी भयंकर हो जाती है क्योंकि साल भर पहले खाद्य मुद्रास्फीति 21.29 फीसदी बढ़ी थी। इसलिए यह महज तकनीकी या सांख्यिकीय मामला नहीं है। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी को भी यह बात स्वीकार करनी पड़ी जब उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति की ऊंची दर वास्तविक है और कम आधारऔरऔर भी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हफ्ते भर पहले की गई अपनी पेशकश को अमली जामा पहनाते हुए सोमवार को बाकायदा लोक लेखा समिति (पीएसी) को एक पत्र भेजकर कहा कि वे 2जी स्पेटक्ट्रम आवंटन घोटाले की जांच के सिलसिले में समिति के सामने पेश होने को तैयार हैं। उन्होंने पीएसी के अध्यक्ष और बीजेपी नेता मुरली मनोहर जोशी को यह पत्र उस दिन भेजा है, जब नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) विनोद राय भी पीएसी के सामने पेशऔरऔर भी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि वे 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के सिलसिले में संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) के सामने पेश होने को तैयार हैं। उन्होंने कांग्रेस के 83वें महाधिवेशन के दूसरे व आखिरी दिन अपने संबोधन में कहा कि अगर लोक लेखा समिति उन्हें 2जी स्पेक्ट्रम के बारे में पूछताछ के लिए बुलाती है तो उन्हें उसके सामने पेश होने में खुशी होगी क्योंकि उनके पास छिपाने को कुछ भी नहीं है। अपने शांतऔरऔर भी