वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने पेट्रोलियम उत्पादों के दाम में की गई वृद्धि को वापस लेने की संभावना से इनकार कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि कच्चे तेल व पेट्रोलियम उत्पादों पर कस्टम व एक्साइज शुल्क में कटौती से सरकार के राजकोषीय घाटे पर कोई असर नहीं होगा। यह पूछे जाने पर कि डीजल, घरेलू गैस व केरोसिन की कीमतों में वृद्धि में कुछ कमी की जाएगी, मुखर्जी ने समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडियाऔरऔर भी

अमेरिका ने अपने यहां चीनी की किल्लत और बढ़ते भावों को देखते चीनी आयात कोटा 1.20 लाख टन बढ़ा दिया है। इसमें से 1421 टन कच्ची चीनी का अतिरिक्त आयात भारत से किया जाएगा। अमेरिकी कृषि विभाग ने टैरिफ रेट कोटा (टीआरक्यू) योजना के तहत भारत से कच्ची चीनी के आयात के लिए यह अतिरिक्त कोटा तय किया है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने एक बयान में कहा कि कृषि विभाग ने टीआरक्यू के तहत आयात कोटा बढ़ानेऔरऔर भी

चीन में 50 अरब अमेरिकी डॉलर के दवा बाजार को विदेशी कंपनियों के लिए खोले जाने की तैयारी के बीच भारत ने घरेलू कंपनियों की वकालत करते हुए कहा कि वे पड़ोसी देश को सस्ती दर पर जीवन रक्षक दवा उपलब्ध कराने में सक्षम हैं। चीन में भारतीय दूतावास में व्यापार और वाणिज्य दूत के नागराज नायडू ने कहा, ‘‘चीन का दवा बाजार तेजी से बढ़ रहा है और इसका आकार 50 अरब डॉलर के करीब है।’’औरऔर भी

दुनिया की एक प्रतिष्ठित पत्रिका फॉरेन पॉलिसी ने अपनी ताजा सालाना रैंकिंग में भारत के पड़ोसी देशों – पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका को दुनिया के ‘सबसे नाकाम देशों’ की सूची में शामिल किया है। सूची में शामिल 60 देशों में पाकिस्तान को 12वें, म्यांमार को 18वें, बांग्लादेश को 25वें, नेपाल को 27वें, श्रीलंका को 29वें और भूटान को 50वें स्थान पर रखा गया है। इस सूची में अफ्रीकी देशों की बहुतायत है। सूची में सबसे ऊपरऔरऔर भी

तीन माह तक लगातार घटने के अप्रैल 2011 में देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 43 फीसदी बढकर 3.12 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इससे पिछले साल इसी माह देश में कुल 2.17 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हुआ था। एक अधिकारी ने बताया कि एफडीआई के मौजूदा आंकड़े वैश्विक और विशेष रूप से यूरोपीय अर्थव्यवस्था में सुधार को दर्शाते हैं। इस दौरान देश में मुख्य रूप से मॉरीशस, सिंगापुर, अमेरिका, ब्रिटेन, नीदरलैंड, जापान, जर्मनी औरऔरऔर भी

ऑस्ट्रेलिया में एक दशक  में भारतीय मूल के लोगों की तादाद तिगुनी से ज्यादा हो गई। 2010 तक के आंकड़ों के अनुसार वहां भारतीय मूल के लोगों की आबादी 3.40 लाख है, जबकि वर्ष 2000 में यह 96,000 थी। इस दौरान वहां एशियाई मूल के सारे लोगों की आबादी 10.03 लाख से बढ़कर 20.01 लाख हो गई, जबकि ब्रिटिश मूल के लोगों की आबादी 12 लाख के आसपास है। वर्ष 1947 में वहां सिर्फ 0.3% ही एशियाईऔरऔर भी

देश की सबसे प्रतिष्ठित और दूसरी सबसे बडी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी इनफोसिस के रोजमर्रा के कामकाज से मुक्त होने के बाद एन आर नारायणमूर्ति नई सामाजिक भूमिका अपनाते दिख रहे हैं। कुछ दिन पहले ही उन्होंने अण्णा हज़ारे व अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं से समान राय रखते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री व न्यायपालिका को लोकपाल के अंतर्गत ले आना चाहिए, जबकि सरकार पूरी तरह इसके खिलाफ है। आज, शुक्रवार को उन्होंने बेलाग अंदाज में कह दिया किऔरऔर भी

भारत ने अपने सभी पड़ोसी देशों को 10-10 करोड़ डॉलर का सस्ता कर्ज मुहैया कराने की प्रतिबद्धता जताई है। इन देशों को ये ऋण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं, यानी सड़क, पेयजल व बिजली वगैरह के लिए दिए जाएंगे। मंगलवार को माले (मालदीव) में दक्षिण एशिया मुक्त व्यापार क्षेत्र की मंत्री-स्तरीय परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि भारत ने दक्षेस क्षेत्र के लिए नया ‘खरीदार ऋण कवच’ बनाया है। उन्होंनेऔरऔर भी

मुद्रास्फीति में तेजी को लेकर चिंता के बीच एक रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि खाद्य वस्तुओं की ऊंची कीमतों से वास्तव में भारत, चीन व थाईलैंड जैसे खाद्य निर्यातक एशियाई देशों को राष्ट्रीय आय बढ़ाने में मदद मिलती है। सिंगापुर के अग्रणी बैंक डीबीएस की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘‘खाद्य वस्तुओं की ऊंची कीमतों से हर किसी को नुकसान नहीं पहुंचता, बल्कि कुछ को लाभ होता है। एशिया में थाईलैंड, भारत और चीन खाद्य वस्तुओं केऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के नए प्रमुख पद के लिए भारत के वोट का फैसला प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह करेंगे। मेक्सिको के केंद्रीय बैंक के गवर्नर अगस्टिन कार्सटंस ने भी इस पद के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की है। शुक्रवार को वे इस मामले में भारत का समर्थन जुटाने के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं। कार्सटंस पर भारत के रुख के बारे में पूछे जाने पर गुरुवार को मुखर्जी नेऔरऔर भी