नवंबर महीने में देश का निर्यात साल भर पहले की तुलना में 17.99 फीसदी बढ़ा है। इस साल नवंबर में हमारा निर्यात 22.3 अरब डॉलर रहा है, जबकि नवंबर 2010 में यह 18.9 अरब डॉलर रहा था। लेकिन चालू वित्त वर्ष 2011-12 के पहले छह महीनों की तेज रफ्तार के कारण अप्रैल से नवंबर तक के आठ महीनों में निर्यात की वृद्धि दर 33.2 फीसदी रही है। इस निर्यात वृद्धि में मुख्य योगदान पेट्रोलियम पदार्थों का रहाऔरऔर भी

चालू वित्त वर्ष 2011-12 में अब तक हर महीने कुलांचे मारकर बढ़ रहे निर्यात की रफ्तार अक्टूबर में अचानक थम गई है। वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर में हमारा निर्यात 19.87 अरब डॉलर रहा है जो अक्टूबर 2010 में हुए 17.93 अरब डॉलर से मात्र 10.82 फीसदी ज्यादा है। इससे पहले हमारे निर्यात के बढ़ने की दर अप्रैल में 34.42 फीसदी, मई में 56.93 फीसदी, जून में 46.45 फीसदी, जुलाईऔरऔर भी

हमारी राजनीतिक पार्टियां इस कदर अंधी हैं कि उन्हें दिखाई नहीं देता कि इस साल केवल जुलाई-सितंबर की तिमाही में ही सरकारी तेल कंपनियों को 14,079.30 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। बुधवार को इंडियन ऑयल ने सितंबर तिमाही के नतीजे घोषित किए तो पता चला कि बिक्री साल भर पहले की तुलना में 15.81 फीसदी बढ़कर 89145.55 करोड़ रुपए हो जाने के बावजूद उसे 7485.55 करोड़ रुपए का घाटा उठाना पड़ा है। इससे पहले दो अन्यऔरऔर भी

सितम्‍बर 2011 में यूरिया का उत्‍पादन लक्ष्‍य से 62,000 टन कम रहा है। लक्ष्‍य 18.28 लाख टन का था, जबकि उत्‍पादन लगभग 17.66 लाख टन का हुआ। इसी प्रकार डीएपी (डाई अमोनियम फॉस्फेट) का उत्‍पादन भी 97,000 टन कम रहा है। लक्ष्‍य 4.22 लाख टन का था, जबकि उत्‍पादन 3.25 लाख टन का ही हुआ है। रसायन व उर्वरक मंत्रालय की तरफ से बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, सितम्‍बर माह में विभिन्‍न राज्‍यों को लगभग 25.17औरऔर भी

चौदह-पंद्रह साल पहले तक देश में सोने की तस्करी का बोलबाला था। लेकिन भारत सरकार ने 1997 में सोने के बाजार को खोल दिया तो अब इसका कोई नामलेवा नहीं बचा। सरकार ने निश्चित शर्तों को पूरा करनेवाले बैंकों और एमएमटीसी जैसी सरकारी संस्थाओं को विदेश से सीधे सोना आयात करने की इजाजत दे रखी है। इस समय कुल 31 बैंक सोना आयात कर सकते हैं। वे इन्हें सिक्कों या छड़ों के रूप में बेचते हैं। शुद्धताऔरऔर भी

चालू वित्त वर्ष 2011-12 में अप्रैल से जुलाई तक के चार महीनों में देश में संवेदनशील वस्तुओं का आयात 37.6 फीसदी बढ़ गया है। वहीं सभी जिसों का कुल आयात 36.18 फीसदी बढ़ गया है। इस साल संवेदनशील वस्‍तुओं का कुल आयात 31,692 करोड़ रुपए का हुआ है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 23,039 करोड़ रुपए का आयात किया गया था। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार चालू वर्ष के पहले चार महीनों में सभी जिंसोंऔरऔर भी

यूरोप व अमेरिका में भले ही वित्तीय व आर्थिक संकट चल रहा हो, लेकिन भारत के निर्यात के बढ़ते जाने का कमाल जारी है। देश का निर्यात कारोबार पिछले कई माह से बढ़ता रहा है और अगस्त में भी साल भर पहले की तुलना में 44.25 फीसदी बढ़कर 24.31 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इस दौरान आयात भी साल भर पहले मुकाबले 41.82 फीसदी बढकर 38.35 अरब डॉलर रहा। इस तरह अगस्त में व्यापार घाटा (आयात से निर्यातऔरऔर भी

दुनिया भर में सोने की बिक्री बढ़वाने में लगी विश्व स्वर्ण परिषद का कहना है कि भारत में इस त्योहारी सीजन में सोने के जेवरात की रिटेल ब्रिकी 10 से 15 फीसदी बढ़ सकती है। परिषद के निदेशक शिवराम कुमार ने कोच्चि में संवाददाताओं से कहा कि अब तक सोने की खरीदारी शादी-ब्याह के दौरान ही की जाती थी। लेकिन अब धारणा बदल रही है। उन्होंने कहा कि हमें इस साल त्योहारी सीजन में देश भर मेंऔरऔर भी

अमेरिकी अर्थव्यवस्था में छा रही सुस्ती और कुछ यूरोपीय देशों में ऋण संकट के बावजूद देश के निर्यात में अगस्त महीने के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस बार अगस्त महीने में निर्यात सालाना आधार पर 44.2 फीसदी बढ़कर 24.3 अरब डॉलर रहा है। वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने शुक्रवार को इन आंकड़ों को जारी होने के बाद संवाददाताओं को बताया कि लौह अयस्क को छोड़कर इंजीनियरिंग, रसायन व कपड़ा समेत अन्य सभी क्षेत्रों केऔरऔर भी

देश के निर्यात में जुलाई माह के दौरान 81.8 फीसदी की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई है और यह 29.3 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने राजधानी दिल्ली में गुरुवार को मीडिया को यह जानकारी दी। जुलाई में आयात 51.5 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 40.4 अरब डॉलर का रहा है। माह के दौरान व्यापार घाटा 11.1 अरब डॉलर का रहा। खुल्लर का कहना था कि निर्यात का प्रदर्शन अच्छा रहा है। लेकिनऔरऔर भी