एसआरएफ लिमिटेड भारतीय कॉरपोरेट जगत के मशहूर नाम भरतराम से जुड़े दिल्ली के डीसीएम समूह से ताल्लुक रखती है। करीब चार दशकों से केमिकल्स, इंजीनियरिंग प्लास्टिक, पैकेजिंग फिल्म और टेक्निकल टेक्सटाइल्स के धंधे में सक्रिय है। टेक्निकल टेक्सटाइल्स में टायर कॉर्ड, बेल्टिंग फैब्रिक, कोटेड फैब्रिक, लैमिनेटेड फैब्रिक व औद्योगिक यार्न बनाती है तो केमिकल्स में वह फ्लूरो केमिकल्स व फ्लूरो स्पेशयलिटीज बनाती है जो रेफ्रिजरेशन में इस्तेमाल होते हैं। कंपनी के उत्पादन संयंत्रों का जाल हरियाणा, राजस्थान,औरऔर भी

यूं तो आज के समय में कंपनियों के साथ राष्ट्रीयता या राष्ट्रवाद को जोड़ने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि देशी-विदेशी हर कंपनी का मकसद अंधाधुंध मुनाफा कमाना है। अन्यथा, वॉलमार्ट या केयरफोर से सबसे ज्यादा चोट खा सकने वाले बिग बाज़ार या रिलायंस फ्रेश जैसे देशी रिटेलर ही उनका स्वागत पलक पांवड़े बिछाकर नहीं कर रहे होते। किशोर बियानी जैसे लोग तो इस चक्कर में हैं कि अपने उद्यम की इक्विटी इन विदेशियों को बेचकर कैसेऔरऔर भी

काठ की हांडी दोबारा नहीं चढ़ती है और अच्छी चीजें बाज़ार की नज़रों से कभी बच नहीं सकतीं। हम देखें या न देखें, लोगों की पारखी निगाहें ताड़ ही लेती हैं कि मूल्य कहां पक रहा है। नहीं तो क्या वजह है कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी, इलाहाबाद बैंक का जो शेयर महीने भर पहले 130 रुपए पर डोल रहा था, वह बिना किसी ट्रिगर या खेल के 195 रुपए पर पहुंच चुका है। महीने भर मेंऔरऔर भी

अरंडी बड़े ही जीवट वाला ऐसा पौधा है जो देश में उत्तर से दक्षिण तक कहीं भी आपको सड़क किनारे उगा हुआ मिल जाएगा। गुजरात, राजस्थान व आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में जमकर इसकी व्यावसायिक खेती होती है। भारत दुनिया में अरंडी व इससे बने उत्पादों का सबसे बड़ा उत्पादक है। दुनिया के बाजार का 65 फीसदी हिस्सा इसके पास है। अरंडी की खली से लेकर तेल तक में औषधीय गुण होते हैं। हिंदी भाषी इलाकों केऔरऔर भी

कोई समझे या न समझे। हमारा तो यही अंदाज़ है। जयश्री टी में हमने जो लक्ष्य 30 दिन में हासिल करने की बात कही थी, उसे तीन ट्रेडिंग सत्रों में ही हासिल कर लिया। हमने इसके 99 रुपए पर पहुंचने की बात कही थी। कल यह 99.40 रुपए तक चला गया। हमारा काम है पूरी ईमानदारी से निवेश की सलाह देना और वह काम हम किए जा रहे हैं। हां, बुद्धि और विश्लेषण की सीमा है तोऔरऔर भी

महात्मा गांधी ने पूंजीपतियों को जनता के धन का ट्रस्टी होने की बात कही थी। मार्क्स-एंगेल्स ने भी पूंजी के स्वामित्व को व्यापक आधार देने की वकालत की थी। लिस्टेड कंपनियां शेयर बाजार के जरिए इसी स्वामित्व का विस्तार करती हैं। लेकिन एक तो हमारे लचर कानून, दूसरे कंपनी के मामलों में आम शेयरधारकों की निष्क्रियता के चलते भारतीय प्रवर्तक जनधन के ट्रस्टी के बजाय उसकी निजी लूटखसोट में व्यस्त हैं। इसे ठीक करने के लिए जरूरीऔरऔर भी

हमें अपने निवेश के प्रति बड़ा निर्मम होना चाहिए। लक्ष्य पूरा हुआ, खटाक से कमाकर निकल लिए। कोई स्टॉक खरीद मूल्य से 25 फीसदी नीचे चला गया तो बिना मोह पाले उसे नमस्कार बोल डाला। डिवीज़ लैब में निवेश की सलाह हमारे चक्री महाशय ने सबसे पहले 27 अप्रैल 2011 को दी थी। तब इसका दो रुपए अंकित मूल्य का शेयर 715 रुपए पर था। तीन महीने में ही यह करीब 18 फीसदी बढ़कर 28 जुलाई 2011औरऔर भी

जयश्री टी एंड इंडस्ट्रीज़ के दिसंबर तिमाही के नतीजे बड़े खराब रहे हैं। चाय और चीनी के दोनों ही धंधों में उसका मुनाफा घटा है। चाय सेगमेंट से बिक्री साल भर पहले की समान तिमाही से मात्र 5.7 फीसदी बढ़कर 104.93 करोड़ से 110.91 करोड़ रुपए हुई, पर यहां से हुआ शुद्ध लाभ 22.6 करोड़ से घटकर 9.33 करोड़ रुपए पर आ गया। चीनी में कंपनी ने देरी से पेराई शुरू की तो इस सेगमेंट की बिक्रीऔरऔर भी

जो लोग भी शेयर बाजार में दिलचस्पी रखते हैं, वे एस पी तुलसियान को पहचानते जरूर होंगे क्योंकि तुलसियान जी दूसरे चैनलों पर तो नहीं, लेकिन सीएनबीसी टीवी-18 और आवाज़ पर बराबर दिखते रहते हैं। एनालिस्ट हैं। शेयरों को चुनकर निवेश की सलाह भी देते रहते हैं। उन्होंने करीब ढाई महीने पहले 21 नवंबर 2011 को तमाम तथ्य व तर्कों के आधार पर टेक्नो इलेक्ट्रिक एंड इंजीनियरिंग कंपनी में निवेश की सलाह दी थी। उसके नौ दिनऔरऔर भी

पानी अपने बहने का रास्ता खुद ढूंढ लेता है। लेकिन उसके संचय के लिए सायास टंकी या तालाब बनवाना पड़ता है। उसी तरह पैसा बहाने के लिए कुछ करने की जरूरत नहीं होती। लेकिन उसके संचय व सही नियोजन के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। रातोंरात धन बनता नहीं, उड़ता है। इसलिए कभी भी खटाखट नोट बनाने के चक्कर में न पड़ें। धैर्य रखें। शेयर बाजार में बराबर ट्रेड हो रही करीब 3000 कंपनियों में से कमऔरऔर भी