समय का फेर
फकीर बोला, “मुझमें, तुझमें कोई फर्क नहीं। बस, समय और फासले का फेर है। मैं सच तक पहुंच चुका हूं, जबकि तू अभी रास्ते में हैं। तू भी यहां पहुंचकर वही बोलेगा। फिर बहस क्यों? जिरह का क्या तुक!”और भीऔर भी
फकीर बोला, “मुझमें, तुझमें कोई फर्क नहीं। बस, समय और फासले का फेर है। मैं सच तक पहुंच चुका हूं, जबकि तू अभी रास्ते में हैं। तू भी यहां पहुंचकर वही बोलेगा। फिर बहस क्यों? जिरह का क्या तुक!”और भीऔर भी
कोई भी फर्क मामूली नहीं। ज़रा-सा फर्क मूल प्रकृति बदल देता है। कोशिका के 46 में से एक क्रोमोज़ोम के अंतर से पुरुष स्त्री बन जाता है। इसलिए बारीक अंतरों को कतई नज़रअंदाज नहीं करना चाहिए।और भीऔर भी
चीजें वही, लोग भी वही रहते हैं। लेकिन जान-पहचान होते ही उनका पूरा स्वरूप बदल जाता है। पूर्वाग्रह छंट जाते हैं। असली छवि सामने आ जाती है। इसलिए दूर के नहीं, पास के रिश्ते बनाने जरूरी हैं।और भीऔर भी
खाद्य मुद्रास्फीति में लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट दर्ज की गई है और 8 जनवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान यह 15.52 फीसदी पर आ गई है। हालांकि सब्जियों विशेषकर प्याज के दाम अभी भी ऊंचे बने हुए हैं। गुरुवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार दाल, गेहूं व आलू के दाम में कमी की वजह से खाद्य मुद्रास्फीति में गिरावट दर्ज की गई है। इससे पहले 1 जनवरी को समाप्त सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति 16.91 फीसदी थी,औरऔर भी
सच-झूठ के बीच कभी रहा होगा काले-सफेद या अंधेरे उजाले जैसा फासला। लेकिन अब यह फासला इतना कम हो गया है कि कच्ची निगाहें इसे पकड़ नहीं सकतीं। जौहरी की परख और नीर-क्षीर विवेक पाना जरूरी है।और भीऔर भी
इस समय पूंजी बाजार से रिटेल निवेशक या आम निवेशक कन्नी काट चुके हैं। सेकेंडरी बाजार या शेयर बाजार में उनका निवेश लगभग सूख चुका है। दूसरी तरफ, जो प्राइमरी बाजार कुछ साल पहले तक आम निवेशकों का पसंदीदा माध्यम बना हुआ था, वहा भी अब आईपीओ (शुरुआती पब्लिक ऑफर) व एफपीओ (फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर) में लोगबाग पैसे नहीं लगा रहे हैं। लगाएं भी तो कैसे। कमोबेश हर आईपीओ या एफपीओ लिस्ट होने के बाद इश्यू मूल्यऔरऔर भी
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