गुरुत्वाकर्षण और विद्युत चुम्बकीय शक्तियों से ही पूरी सृष्टि चलती है। बाकी सारी शक्तियां इन्हीं का कोई न कोई रूप हैं। इनके अलावा कोई अदृश्य शक्ति नहीं। ये शक्तियां नियमबद्ध होकर चलती हैं। कभी व्यक्ति-व्यक्ति का भेद नहीं करतीं।और भीऔर भी

फकीर बोला, “मुझमें, तुझमें कोई फर्क नहीं। बस, समय और फासले का फेर है। मैं सच तक पहुंच चुका हूं, जबकि तू अभी रास्ते में हैं। तू भी यहां पहुंचकर वही बोलेगा। फिर बहस क्यों? जिरह का क्या तुक!”और भीऔर भी

परिवार के लिए आप यकीनन मूल्यवान हैं। लेकिन अपना सच्चा सामाजिक मूल्य समझना हो तो बस इतना सोचकर देखें कि आपके बिना यह दुनिया कैसे चलती है और आपके न होने से कितना फर्क पड़ेगा।और भीऔर भी

कोई भी फर्क मामूली नहीं। ज़रा-सा फर्क मूल प्रकृति बदल देता है। कोशिका के 46 में से एक क्रोमोज़ोम के अंतर से पुरुष स्त्री बन जाता है। इसलिए बारीक अंतरों को कतई नज़रअंदाज नहीं करना चाहिए।और भीऔर भी