वाणिज्य मंत्रालय की पहल के चलते निर्यातकों को अपने धंधे की लागत 45 करोड़ डॉलर कम करने में मदद मिली है। वाणिज्‍य व उद्योग राज्‍यमंत्री ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ने दावोस में बुधवार को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में एक पैनल चर्चा के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंत्रालय के कदमों से निर्यातकों के लिए लेन-देन की कीमत कम हुई है और उन्हेँ लगभग 45 करोड़ डॉलर का फायदा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत उदारीकरणऔरऔर भी

बर्फ से ढंके यूरोपीय देश स्विटजरलैंड के दावोस शहर में दुनिया भर के प्रभुता-संपन्न और एक फीसदी अमीरतम लोगों के नुमाइंदे अपनी सालाना बहस के लिए जुट चुके हैं। आल्प्स की खूबसूरत पहाड़ियों और बर्फीली वादियों के बीच वे आज, 25 जनवरी बुधवार से 29 जनवरी रविवार तक विश्व अर्थव्यवस्था की दशा-दिशा पर विचार करेंगे। लेकिन उनके साथ जिरह करने के लिए दुनिया के 99 फीसदी वंचितों के प्रतिनिधियों ने भी इग्लू के कैंपों में डेरा डालऔरऔर भी

स्विटजरलैंड का कहना है कि उसे करचोरों की पनाहगार समझना उचित नहीं है और वह भारत के साथ आयकर मामलों में सहयोग की नई संधि को इस साल मंजूरी मिल जाने के बाद कालेधन के खिलाफ कार्रवाई में उसको प्रशासनिक सहयोग दे सकेगा। स्विटजरलैंड के वित्त विभाग के मंत्री माइकल एमबल ने शनिवार को दावोस में वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम के समारोह से बाहर भारत के एक निजी समाचार चैनल के साथ एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘हमने हालऔरऔर भी

कौशल या स्किल डेवलपमेंट के साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था के 8.7 फीसदी सालाना की दर से बढ़ने की संभावना है और वर्ष 2020 तक यहां 3.75 करोड़ रोजगार के अवसरों का भी सृजन होगा। कंसल्टेंसी फर्म एक्सेंचर ने दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम के समारोह में जारी अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत, जर्मनी, अमेरिका और ब्रिटेन जैसी चार प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का योगदान विश्व अर्थव्यवस्था में करीब 40 फीसदी के बराबरऔरऔर भी

दुनिया भर के करीब ढाई हजार नेता, उद्योगपति और आर्थिक विश्लेषक अगले पांच दिन (26 से 30 जनवरी) तक बर्फ से ढंके आल्प्स पहाड़ियों के बीच स्विटजरलैंड के दावोस रिजॉर्ट में विश्व अर्थव्यवस्था के भविष्य पर चर्चा करेंगे। सभी की चिंता इस बात को लेकर है कि खासकर अमीर राष्ट्रों में आर्थिक वृद्धि रोजगार के समुचित अवसर क्यों नहीं पैदा कर पा रही है। जिनेवा का वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) इन पांच दिनों के दौरान दुनिया कीऔरऔर भी