विद्वानों के मुताबिक कई तरह के संकट भारतीय अर्थव्यवस्था पर मंडरा रहे हैं। यूरो ज़ोन के संकट का खिंचना इस पर भारी पड़ेगा। मनमोहन सिंह की सरकार नीतिगत फैसलों में पंगु बनी हुई है। यूपीए गठबंधन में ममता ने ऐसा बवाल मचा रखा है कि सरकार को राष्ट्रीय आंतकवादी विरोधी केंद्र (एनसीटीसी) तक पर झुकना पड़ रहा है। ऊपर से घोटाले हैं कि थमने का नाम तक नहीं ले रहे। कोयला तो काला था ही। पवित्र गायऔरऔर भी

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) के आईपीओ को मिली कामयाबी ने देश के प्राइमरी बाजार में जान आने के पुख्ता संकेत दे दिए है। एमसीएक्स का आईपीओ खुलने के दूसरे ही दिन बुधवार को शाम तक 4.48 गुना सब्सक्राइब हो गया। एनएसई व बीएसई के सम्मिलित आंकड़ों के मुताबिक क्यूआईबी या संस्थागत खरीदारों का हिस्सा अब तक 3.68 गुना और गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईबी) का हिस्सा 1.88 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। आम निवेशकों के बीच इस इश्यू कीऔरऔर भी

केंद्र सरकार चालू वित्त वर्ष 2011-12 के भीतर ही, यानी 31 मार्च 2012 से पहले ओएनजीसी और बीएचईएल के विनिवेश से करीब 14,500 करोड़ रुपए जुटाने जा रही है। इसके लिए कोई फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (एफपीओ) नहीं आएगा, बल्कि इनके शेयरों की बिक्री स्टॉक एक्सचेंजों में नीलामी के नए माध्यम से की जाएगी। इस सिलसिले में मंत्रियों के अधिकारप्राप्त समूह की बैठक बुधवार, 15 फरवरी को होने जा रही है। समूह के अध्यक्ष वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जीऔरऔर भी

डेरिवेटिव सौदों में कैश सेटलमेंट के चलते बाजार कैसे हिल जाता है, इसके लिए मुझे नहीं लगता कि आपको अब किसी और प्रमाण की जरूरत है। जो बाजार पिछले सेटलमेंट में ज़रा-सा झुकने को तैयार नहीं था, वह नए सेटलमेंट के दूसरे ही दिन ताश के पत्तों की तरह ढह गया। निफ्टी गिरने लगा तो गिरते-गिरते अंत में 2.26 फीसदी की गिरावट के साथ 5087.30 पर बंद हुआ। यूं तो अभी और भी बहुत कुछ होना है।औरऔर भी

नौकरियां बढ़ाने के लिए ओबामा का 447 अरब डॉलर का पैकेज दुनिया के बाजारों में चहक नहीं ला सका क्योंकि समयसिद्ध नियम है कि जब भी कोई अच्छी खबर आती है, निवेशक हमेशा बेचते हैं। यह भी कि यह पैकेज रातोंरात असर नहीं दिखा सकता। लेकिन इसने इतना तो साबित कर दिया कि व्हाइट हाउस मानता है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था की हालत अच्छी नहीं है। इन हालात में दोतरफा बिकवाली होनी ही थी। जिन्होंने सुधार की उम्मीदऔरऔर भी

सार्वजनिक क्षेत्र की नामी इंजीनियरिंग कंपनी भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स (भेल) को अमेरिका की मशहूर पत्रिका फोर्ब्स ने दुनिया में सबसे ज्यादा नवोन्मेष करने वाली कंपनियों की सूची में नौवां स्थान दिया है। फोर्ब्स के ताजा अंक में छपी इस सूची में भेल भारत की अकेली इंजीनियरिंग कंपनी है। वह अपने जैसे उपकरण बनाने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनियों से काफी आगे है। इस सूची में पहले पायदान पर अमेरिका की आईटी कंपनी (सेल्सफोर्स डॉट काम) है जबकि दूसरा स्थानऔरऔर भी

सरकार देशी-विदेशी निवेशकों के मनचाहे सुधारों की राह पर चल पड़ी है। रिलायंस-बीपी के करार को कैबिनेट की मंजूरी और सचिवों की समिति द्वारा मल्टी ब्रांड रिटेल में 49 के बजाय 51 फीसदी विदेशी निवेश (एफडीआई) की सिफारिश यूपीए सरकार के साहसी रुख को दर्शाती है। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर वह विपक्ष के हमले की धार कुंद करने में लगी है। सरकार का यह अंदाज उन चंद बड़े एफआईआई की तरफ से पेश की गई तस्वीर सेऔरऔर भी

मैंने आपसे कहा था कि मंदड़ियों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी और आप खुद देख रहे हैं कि सेटलमेंट की समाप्ति के ठीक पहले तेजड़ियों ने मंदड़ियों को कैसा धर दबोचा है। बाजार के एक बड़े उस्ताद एसबी (शरद बोबदा) के बारे में सुना गया है कि आज उन्होंने सबसे पहले निफ्टी में शॉर्ट सौदे काटे। दूसरों का अभी उनके पीछे चलना बाकी है। 5530 पर प्रतिरोघ का बहुत तगड़ा स्तर था। लेकिन निफ्टी इसे तोड़कर 5552.65औरऔर भी

देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने देश के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज को लगातार तीन साल तक रिजर्व बैंक के निर्धारितों नियमों से अधिक कर्ज दिया है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ने वित्तीय संकट से जूझ रही एयर इंडिया के अलावा 2जी घोटाले में फंसी कुछ दूरसंचार कंपनियों को भी काफी मात्रा में कर्ज दे रखा है। लेकिन अब बैंक ने यह भी बताया है कि रिलायंस इंडस्ट्रीजऔरऔर भी

सार्वजनिक क्षेत्र की इंजीनियरिंग कंपनी बीएचईएल (भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड) ने हफ्ते भर पहले सोमवार, 23 मई को घोषित किया कि वित्त वर्ष 2010-11 में उसका टर्नओवर 22.94 फीसदी बढ़कर 43,394.58 करोड़ रुपए और शुद्ध लाभ 39.45 फीसदी बढ़कर 6011.20 करोड़ रुपए हो गया है। उसके पास 1.64 लाख करोड़ रुपए के अग्रिम ऑर्डर हैं। लेकिन उसका शेयर शुक्रवार 20 मई के 2074.40 रुपए से भाव से 6.69 फीसदी गिरकर 1935.60 रुपए पर आ गया। इसके बादऔरऔर भी