एक एनजीओ ने गुरुवार को केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल और अटॉर्नी जनरल जी.ई. वाहनवती के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (सीपीआईएल) नाम की इस संस्था ने सिब्बल पर आरोप लगाया है कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के सिलसिले में उन्होंने अनिल अंबानी की अगुवाई वाली आरकॉम पर लगने वाले जुर्माने की रकम को 650 करोड़ से घटाकर 5 करोड़ कर दिया। सीपीआईएल का यह भी आरोपऔरऔर भी

एक तरफ रीयल एस्टेट कंपनी डीबी रीयल्टी किसी भी टेलिकॉम कंपनी के साथ रिश्ते तक से इनकार के बयान दे रही है, दूसरी तरफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के सिलसिले में उसकी 200 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियों को जब्त करने पर विचार कर रहा है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उससे मनी लांड्रिंग निरोधक कानून (पीएमएलए) के तहत इस कार्रवाई की मांग की है। मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने कहा किऔरऔर भी

आखिरकार नॉर्थ ब्लॉक में राजनीतिक गतिरोध टूटता हुआ दिख रहा है। आठ सालों बाद वित्त मंत्रालय विनिवेश का पल्लू छोड़कर पूरी तरह निजीकरण की तरफ निर्णायक कदम बढ़ा रहा है। स्कूटर्स इंडिया को बेचने का फैसला हो चुका है। राज्यों के चुनाव नतीजों ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले की जांच व कार्रवाई को लेकर सारी उहापोह खत्म कर दी है। संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) इसकी जांच कर ही रही है। डीएमके को अवाम ने सत्ता से बाहरऔरऔर भी

रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने कहा है कि कांग्रेस 2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच में राजनीतिक हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेगी और इस घोटाले में जो लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एंटनी ने गुरुवार को कोच्चि में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सीबीआई 2जी मामले की जांच कर रही है और सुप्रीम कोर्ट, लोक लेखा समिति (पीएसी) और संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी0 इसकी निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस मामलेऔरऔर भी

भारत ने विश्व कप जीतकर एक देश के रूप में खुद को दुनिया में सबसे ऊपर साबित कर दिया। देश में ऐसा जबरदस्त जोश व जुनून छा गया कि पहली बार फाइनल मैच पर लगा सट्टा 20,000 करोड़ रुपए से भी ऊपर चला गया और मैच के टिकट ब्लैक में 1.75 लाख रुपए में बिके। अगर भारत न जीतता तो देश भर में भयंकर मायूसी छा जाती। लेकिन इस जीत का दुखद पहलू यह है कि हमऔरऔर भी

सच कहें तो हम भारतीयों को जीत से मतलब है। हां, क्रिकेट का बोलबाला है तो इसके विश्व कप में जीत ने हम में गजब का जोश भर दिया। शनिवार की रात दीवाली की रात बन गई। लेकिन जोश में कुछ बातों का होश रखना जरूरी है। बुधवार 30 मार्च को मोहाली में भारत-पाक का सेमी-फाइनल मुकाबला दोपहर ढाई बजे से शुरू होना था। इससे आधे घंटे पहले दो बजे कुछ खास लोगों को मिले एक एसएमएमऔरऔर भी

यह कोई अप्रैल फूल की बात नहीं है। बाजार जब 5200 पर था, तभी मुझे यकीन था कि यह 6000 की तरफ बढ़ेगा और इसने ऐसा कर दिखाया। मार्च काफी घटनाप्रधान महीना रहा, जब बजट और जापान ने बाजार को घेरे रखा। बजट ने माहौल बनाया तो जापान की आपदा ने शॉर्ट के सौदागरों को खेलने का मौका दे दिया। लेकिन बाजार जब अपना रुख पलटकर 200 दिनों के मूविंग औसत (डीएमए) के पार चला गया तोऔरऔर भी

विश्व कप का उन्माद अब भी भारतीय पूंजी बाजार पर छाया है। तेजी का सिलसिला जारी है। अचानक तीन बजे के आसपास बाजार ने एक गोता लगाया था। लेकिन अंत में निफ्टी व सेंसेक्स दोनों ही 0.80 फीसदी की बढ़त लेकर बंद हुए। आश्चर्य की बात तो यह है कि ताईवान व कोरिया के बाजार 2008 की ऊंचाई को पार कर गए हैं। यहां तक कि डाउ जोन्स भी भारी मूल्यांकन के साथ अब तक के ऐतिहासिकऔरऔर भी

2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले पर चार्जशीट दाखिल करने में अब सीबीआई को सुप्रीम कोर्ट से दो दिन की मोहलत मिल गई है। इसलिए वह 31 मार्च के बजाय यह चार्जशीट अब 2 अप्रैल को दाखिल करेगी। उधर मुख्य अभियुक्त पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा के करीबी सादिक बच्चा मौत की जांच के बारे में भी कोर्ट ने सीबीआई की प्रतिक्रिया मांगी है। मंगलवार को सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच की स्टेटस रिपोर्टऔरऔर भी

बाजार ने 5200 से करीब-करीब 5800 तक का लंबा सफर तय कर लिया, जबकि तमाम महारथी इसके 4700 व 4800 तक पहुंचने की आस लगाए बैठे रहे। हमने आज आखिरी सेटलमेट के साथ साल का अंत कर दिया है। कल से होनेवाला कोई भी सौदा नए वित्त वर्ष के पहले सेटलमेंट में गिना जाएगा। इस मुकाम पर बाजार फिलहाल ओवरबॉट स्थिति में पहुंच गया लगता है। पंटर लोग इसके 5910 पर पहुंचने की उम्मीद लगाए हुए हैंऔरऔर भी