डीबी रीयल्टी की संपत्ति कुर्क कर सकता है ईडी

एक तरफ रीयल एस्टेट कंपनी डीबी रीयल्टी किसी भी टेलिकॉम कंपनी के साथ रिश्ते तक से इनकार के बयान दे रही है, दूसरी तरफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के सिलसिले में उसकी 200 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियों को जब्त करने पर विचार कर रहा है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उससे मनी लांड्रिंग निरोधक कानून (पीएमएलए) के तहत इस कार्रवाई की मांग की है।

मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय इस मुद्दे पर विचार कर रहा है कि डीबी रीयल्टी की संपत्तियां कुर्क की जाएं या कंपनी के पूर्व प्रबंध निदेशक शाहिद उस्मान बलवा की। बलवा इस समय तिहाड़ जेल में हैं।

सीबीआई ने इस रीयल इस्टेट कंपनी की संपत्तियों को जब्त करने को उचित ठहराते हुए कहा है कि डीबी रीयल्टी से 200 करोड़ रुपए की रिश्वत डीएमके के स्वामित्व वाले कलैगनर टीवी को दी गई। कंपनी हालांकि इस आरोप का खंडन कर चुकी है। सीबीआई ने निदेशालय को लिखा था कि चूंकि पीएमएलए के प्रावधानों के तहत उसे संपत्ति कुर्क करने का अधिकार नहीं है, लेकिन प्रवर्तन निदेशालय इस तरह की कार्रवाई कर सकता है।

उधर डीबी रीयल्टी ने एक बयान में खुद को 2जी स्पेक्ट्रम मुद्दे से अलग करते हुए कहा है कि इस रीयल इस्टेट फर्म का किसी दूरसंचार कारोबार कंपनी से कोई प्रत्यक्ष या परोक्ष नाता नहीं है। कंपनी के बयान में कहा गया है, “कंपनी के कुछ प्रवर्तकों ने अपनी व्यक्तिगत हैसियत में स्वान टेलिकॉम लिमिटेड (अब एतिसलात डीबी टेलिकॉम) में निवेश किया है।”

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