समस्याएं आती हैं, लेकिन अपने भीतर नए अवसरों को भी छिपाकर लाती हैं। जो लोग समस्याओं के व्यूह को तोड़ते हैं, वे ही अवसरों के मुंहाने तक पहुंचते हैं, जहां से सफलता की मंजिल ज्यादा दूर नहीं होती।और भीऔर भी

देखने में सफलता कितनी भी व्यक्तिगत लगे, लेकिन मूलतः वह सामाजिक होती है। कोई विचार कितना ही अच्छा क्यों न हो, वह तब तक सफल नहीं होता जब तक उसे सामाजिक तानाबाना नहीं मिलता।और भीऔर भी

भारत ने विश्व कप जीतकर एक देश के रूप में खुद को दुनिया में सबसे ऊपर साबित कर दिया। देश में ऐसा जबरदस्त जोश व जुनून छा गया कि पहली बार फाइनल मैच पर लगा सट्टा 20,000 करोड़ रुपए से भी ऊपर चला गया और मैच के टिकट ब्लैक में 1.75 लाख रुपए में बिके। अगर भारत न जीतता तो देश भर में भयंकर मायूसी छा जाती। लेकिन इस जीत का दुखद पहलू यह है कि हमऔरऔर भी

वह जमाना अब नहीं रहा, जब कम बोलना अच्छा माना जाता था। आजकल तो सफलता उन लोगों के कदम चूमती है, जो बेहतरीन शब्दों में बेहतरीन ढंग से अपने काम का बखान कर सकते हैं।और भीऔर भी

बाजार में जिस तरह बड़े पैमाने पर चालबाजी व जोड़तोड़ चल रही है, भावों को सायास गिराया-उठाया जा रहा है, उसके रहते सही रुझान का पता लगाना बहुत मुश्किल है। फिर भी यह तो साफ दिख रहा है कि बाजार ने ऊपर की यात्रा तो फिर से शुरू कर दी है। बीएसई सेंसेक्स जहां 209.80 अंक (1.11 फीसदी) की बढ़त लेकर 19092.05 पर बंद हुआ है, वहीं एनएसई निफ्टी 69.30 अंक (1.23 फीसदी) बढ़कर 5724.05 पर पहुंचऔरऔर भी

जब आप किसी काम के इश्क में पड़ जाते हो तो कोई भी बाधा या विफलता आपको नहीं रोक पाती। दिल से ठान लेना ही आधी से ज्यादा सफलता की गारंटी है। बाकी तो गंगा अपने बहने की राह खुद खोज लेती है।और भीऔर भी

कुछ लोग गलतियां किए चले जाते हैं, सीखते कुछ नहीं। दूसरे लोग अपनी ही गलती से सीखते हैं। तीसरी तरह के लोग अपनी ही नहीं, औरों की गलतियों से भी सीखते हैं। कामयाबी इन्हें ही सबसे जल्दी मिलती है।और भीऔर भी

हम सफल हुए बिना ही सफलता की हसीन वादियों में खो जाते हैं। महान बने बिना ही महानता की आभा में जीने लगते हैं। यह एकदम स्वाभाविक है। लेकिन इस तरह मुंगेरीलाल बनना हमारे लिए अच्छा नहीं है।और भीऔर भी