आभा में जीना

हम सफल हुए बिना ही सफलता की हसीन वादियों में खो जाते हैं। महान बने बिना ही महानता की आभा में जीने लगते हैं। यह एकदम स्वाभाविक है। लेकिन इस तरह मुंगेरीलाल बनना हमारे लिए अच्छा नहीं है।

1 Comment

  1. सही बात

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