सरकार केरल के कोच्‍चि शहर में मनी लॉन्‍ड्रिंग पर एशिया प्रशांत समूह (एपीजी) की 14वीं सालाना बैठक तथा 10वें सालाना तकनीकी सहायता व प्रशिक्षण फोरम का आयोजन 18 से 22 जुलाई, 2011 तक करेगी। वित्‍त मंत्री प्रणव मुखर्जी मंगलवार, 19 जुलाई 2011 को अपना उद्घाटन भाषण देंगे। इस बैठक में एशिया प्रशांत क्षेत्र और दुनिया भर के तीन सौ से ज्‍यादा वरिष्‍ठ अधिकारियों के भाग लेने की संभावना है। इसमें वित्‍तीय कार्रवाई कार्यदल (एफएटीएफ) के अध्‍यक्ष इटलीऔरऔर भी

मई में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर पिछले नौ महीनों में सबसे कम रही है। सांख्‍यिकी व कार्यक्रम कार्यान्‍वयन मंत्रालय के केन्‍द्रीय सांख्‍यिकी कार्यालय (सीएसओ) की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार मई 2011 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) साल भर पहले की तुलना में महज 5.6 फीसदी बढ़ा है। मई 2010 में आईआईपी में 8.5 फीसदी बढ़ा था। मंगलवार को इन आंकड़ों के जारी होने के बाद वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा कि मई माहऔरऔर भी

देश का सबसे बडा बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) इस साल दिसंबर तक विदेशी ऋण से पांच अरब डॉलर जुटाने की सोच रहा है। यह ऋण एमटीएन (मीडियम टर्म नोट) कार्यक्रम के तहत हासिल किया जाएगा। एसबीआई के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक प्रतीप चौधरी ने राजधानी दिल्ली में वित्त मंत्री के साथ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों की बैठक के इतर पत्रकारों से चर्चा में कहा कि आर्थिक विकास में तेजी आने पर यदि ऋण कीऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने इस बात पर बैंकों की पीठ थपथपाई है कि उन्होंने सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्योगों (एमएसई) को 20 फीसदी ज्यादा ऋण देने के लक्ष्य से आगे बढ़कर 35 फीसदी ज्यादा ऋण दिया है। कृषि क्षेत्र को दिया गया ऋण भी 3.75 लाख करोड़ रुपए के लक्ष्य से 71,000 करोड़ रुपए ज्यादा 4.46 लाख करोड़ रुपए रहा है। लेकिन वित्त मंत्री ने इस बात पर गंभीर चिंता भी जताई है कि वित्त वर्षऔरऔर भी

खाद्य मुद्रास्फीति 25 जून को खत्म सप्ताह में घटकर सात हफ्तों के न्यूनतम स्तर 7.61 फीसदी पर आ गई। लेकिन वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी का कहना है कि अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति का काफी दाब अभी बाकी है। गुरुवार को सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति 25 जून को खत्म सप्ताह में 7.61 फीसदी रही है। यह इससे एक हफ्ते पहले 7.78 फीसदी और एक साल पहले जून 2010औरऔर भी

2011 की जनगणना के अनुसार देश की 121 करोड़ की आबादी का 56.9% हिस्सा 15 से 59 साल यानी काम करने की उम्र का है। 60 साल या इससे ऊपर की आबादी का अनुपात 7.5% है। बाकी 35.6% बच्चे हैं 15 साल से कम उम्र के। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी कहते हैं कि अगले तीस सालों में देश में दूसरों पर निर्भर रहनेवालों का अनुपात तेजी से घटेगा। अगले बीस सालों में कामकाजी आबादी तेजी से बढ़ेगीऔरऔर भी

रसोई गैस, केरोसिन और उर्वरक पर दी जानेवाली सब्सिडी तीन चरणों में सीधे लक्षित व्यक्ति के बैंक खाते में पहुंचा दी जाएगी। लेकिन इसमें सबसे बड़ा पेंच है कि सब्सिडी पानेवाले व्यक्ति के पास बैंक खाता तो हो। इसलिए लोगों तक सीधे सब्सिडी पहुंचाने के लिए वित्तीय समावेश कार्यक्रम को तेज करना अपरिहार्य है। यह बात कही है सारे देशवासियों को अलग पहचान देने के काम में लगी संस्था यूआईडीएआई (यूनीक आइडेंटीफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के प्रमुखऔरऔर भी

केंद्र सरकार अपने आर्थिक खुफिया तंत्र को और भी चौकस बनाने में जुट गई है। इस सिलसिले में सेंट्रल इकनॉमिक इंटेलिजेंस ब्यूरो (सीईआईबी) की भूमिका, कामकाज व सांगठनिक ढांचे की समीक्षा के लिए बनाई गई समिति ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी को सौंप दी। इस समिति का गठन मार्च 2011 में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के पूर्व सदस्य एस एस खान की अध्यक्षता में किया गया था। समिति ने करीब तीन महीनेऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट का भरोसा इस बात से उठ गया है कि केंद्र सरकार विदेश बैंकों में जमा भारतीयों के काले धन का पता लगाकर उसे वापस लाएगी। इसलिए उसने खुद इस काम के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का फैसला किया है। इस दल की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज न्यायमूर्ति बी पी जीवन रेड्डी करेंगे और सुप्रीम कोर्ट के ही पूर्व जज न्यायमूर्ति एम बी शाह इस दल में उपाध्यक्ष के बतौरऔरऔर भी

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डॉ. दुव्वरि सुब्बाराव का तीन साल का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा है। इसलिए सरकारी हलकों में उनकी जगह नए गवर्नर को लाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक इस दौड़ में तीन लोगों का नाम सबसे आगे हैं। ये हैं – शिकागो विश्वविद्यालय के प्रोफेसर व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सलाहकार रघुराम राजन, आर्थिक मामलों के सचिव आर गोपालन और कार्नेल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर व वित्त मंत्रालयऔरऔर भी