सिन्टेक्स इंडस्ट्रीज का नाम है। पानी की टंकी की बात सोचें तो सिन्टेक्स का ही नाम आता है। हालांकि वह टंकी के अलावा भी बहुत कुछ बनाती है। रेटिंग एजेंसी केयर ने चार महीने पहले सितंबर में फंडामेंडल्स के आधार पर उसे पांच में चार का ग्रेड दिया था, यानी मूलभूत रूप से बहुत मजबूत कंपनी। शेयर (बीएसई – 502742, एनएसई – SINTEX) तब 362 रुपए पर था और केयर ने कहा था कि उसका अंतर्निहित मूल्यऔरऔर भी

अमारा राजा बैटरीज में इधर एक हलचल शुरू हुई है। यह एक्साइड के बाद देश के बैटरी बाजार की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। अच्छे प्रबंधन और रणनीति वाली कंपनी है। शेयर न बहुत ऊपर है, न बहुत नीचे। ऐसे में इसे पकड़ लेने में कोई हर्ज नहीं है। कल अमारा राजा बैटरीज (बीएसई – 500008, एनएसई – AMARAJABAT) के शेयरों का वोल्यूम बीएसई में अचानक पिछले हफ्ते के औसत 74 हजार से बढ़कर 5.62 लाख परऔरऔर भी

जब आंधी-तूफान का अंदेशा हो तो हल्की चीजें हाथ में नहीं रखनी चाहिए। बाजार का माहौल ऐसा ही बन रहा है। लेकिन यह माहौल बड़ी कंपनियों को सस्ते में पकड़ने का अच्छा मौका भी पेश कर रहा है। ऐसी ही एक कंपनी है सीमेंस। ऊर्जा, औद्योगिक इंजीनियरिंग और हेल्थकेयर क्षेत्र में सक्रिय बहुराष्ट्रीय कंपनी। पैदाइश जर्मनी की। कंपनी का शेयर नए साल में गिरता ही जा रहा है। 3 जनवरी को 828.90 रुपए पर था। कल बंदऔरऔर भी

स्पैंको लिमिटेड टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनी है। वह सरकार, बिजली, ट्रांसपोर्ट व टेलिकॉम सेक्टर को अपनी सेवाएं देती है। साथ ही बीपीओ सेवाओं में भी सक्रिय है। पिछले ही हफ्ते शुक्रवार 7 जनवरी को उसे महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी, महावितरण से नागपुर जिले में फीडर सेपरेशन स्कीम के लिए करीब 66 करोड़ रुपए का नया अनुबंध मिला है। लेकिन इस खबर को सकारात्मक रूप से लेने के बजाय उसका शेयर कल सोमवार को बीएसई (कोडऔरऔर भी

हमने आईडीएफसी (इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फाइनेंस कंपनी) की चर्चा इसी कॉलम में 31 मई 2010 को थी। तब 25 मई को 141.35 रुपए की तलहटी पकड़ने के बाद यह 28 मई को 154.15 रुपए तक पहुंचा था। हमने उस वक्त कहा था कि यह शेयर अगले कुछ महीनों में 180 रुपए तक जाने की सामर्थ्य रखता है। वाकई यह शेयर बढ़ते-बढ़ते 8 नवंबर को 218.20 रुपए तक जा पहुंचा। लेकिन अब फिर गिरते-गिरते 168.25 रुपए पर आ चुकाऔरऔर भी

जुआरी इंडस्ट्रीज का शेयर कल बीएसई (कोड – 500780) में 2.50 फीसदी गिरकर 689.05 रुपए और एनएसई (कोड – ZUARIAGRO) में 2.78 फीसदी गिरकर 689.90 रुपए पर बंद हुआ है। कंपनी का ठीक पिछले बारह महीनों का ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 52.48 रुपए है और इस हिसाब से उसका शेयर 13.13 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है। शेयर की बुक वैल्यू 400.14 रुपए है। बी ग्रुप का शेयर है। कल बीएसई में इसमें औसत सेऔरऔर भी

क्रॉम्प्टन ग्रीव्स बहुत बदल चुकी है। खासकर पिछले पांच सालों में वह नया कलेवर पकड़ती जा रही है। 1937 में बनी थापर समूह की यह कंपनी साठ के दशक तक मोटर, ट्रांसफॉर्मर, स्विचगियर, सर्किट ब्रेकर और बिजली से जुड़े तमाम उपभोक्ता सामान बनाती थी। अब वह दुनिया की मशहूर इंजीनियरिंग कंपनियों में गिनी जाती है। पहले सिर्फ भारत में थी। अब इसका मैन्यूफैक्चरिंग आधार बेल्जियम, कनाडा, हंगरी, इंडोनेशिया, आयरलैंड, फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका तक पहुंच गया है।औरऔर भी

अमित जी का शुक्रिया जो उन्होंने टीसीआई फाइनेंस पर अपनी रिपोर्ट हमें भेजी है। तो, हम भी उनकी संस्तुति को जस का तस हिंदी में तर्जुमा कर प्रस्तुत किए दे रहे हैं। अमित जी लिखते हैं: टीसीआई फाइनेंस एक ऐसा स्टॉक है जिसमें बड़ा मूल्य छिपा है लेकिन जिसे बाजार अभी तक नजरअंदाज किए हुए है। यह कंपनी गति समूह से ताल्लुक रखती है और इस समूह की एनबीएफसी इनवेस्टमेंट होल्डिंग कंपनी है। टीसीआई फाइनेंस ने कईऔरऔर भी

नए साल का पहला कारोबारी सत्र। आपके लिए क्या पेश करूं? उलझन में हूं। सोचता हूं निवेश के माध्यमों में सबसे ज्यादा जोखिम शेयरों में है तो क्यों न साल की शुरुआत सुरक्षा के बजाय भरपूर जोखिम से की जाए। पहले ही दिन बहुत बच-बचकर क्यों चला जाए! तो ऐसा शेयर जो 36.53 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है। इतने पी/ई का कोई भी शेयर महंगा ही कहा जाएगा। लेकिन जब पूरा सेक्टर तेजी सेऔरऔर भी

दाग हमेशा तो नहीं, लेकिन कभी-कभी अच्छे होते हैं। एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस के आला अधिकारी पर रिश्वतखोरी का दाग नहीं लगता तो उसके शेयर 36.77 फीसदी नहीं गिरते। 23 नवंबर को इस कांड के उजागर होने से पहले 23 नवंबर को यह शेयर 261.63 रुपए पर था और 10 दिसंबर को 165.41 तक गिर गया। हालांकि तब यह शेयर दस रुपए का अंकित मूल्य का था और उसका वास्तविक भाव 1308.15 रुपए से गिरकर 827.05 रुपए तकऔरऔर भी