एक रुपए अंकित मूल्य का शेयर। ठीक पिछले बारह महीनों का ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 1.04 रुपए। शेयर चल रहा है 73.35 रुपए पर, यानी 70.53 के पी/ई अनुपात पर। जी हां, आज हम चर्चा करेंगे असाही इंडिया ग्लास की। लेकिन इससे पहले बता दें कि 16 अगस्त को हमने कहा था कि आइनॉक्स लीज़र दो माह में 10-20 फीसदी रिटर्न देगा। तब यह 43 रुपए पर था। कल एक महीना बीतने से पहले ही यह ऊपरऔरऔर भी

सद्भाव इंजीनियरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर व कंस्ट्रक्शन उद्योग की उन गिनी-चुनी कंपनियों में शामिल है जिन्होंने कमजोरी के दौर में भी मजबूती दिखाई है। जून 2011 की तिमाही में उसकी आय साल भर पहले की समान अवधि की तुलना में 44.09 फीसदी बढ़कर 612.87 करोड़ और शुद्ध लाभ 32.34 फीसदी बढ़कर 33.80 करोड़ रुपए हो गया। बीते वित्त वर्ष 2010-11 में उसकी आय 75.76 फीसदी बढ़कर 2209.17 करोड़ रुपए और शुद्ध लाभ 122.12 फीसदी बढ़कर 119.59 करोड़ रुपए होऔरऔर भी

केईसी इंटरनेशनल। अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी रखनेवाली आरपीजी समूह की मुख्य कंपनी। 40-45 फीसदी धंधा भारत से, बाकी बाहर से। करीब महीने भर पहले 400 करोड़ रुपए के नए ऑर्डर मिले। उससे हफ्ते भर पहले जून 2011 की तिमाही के नतीजों से सामने आया कि उसकी बिक्री 20.9 फीसदी और शुद्ध लाभ 25.4 फीसदी बढ़ा है। तब तक उसके पास 8116 करोड़ रुपए के अग्रिम ऑर्डर थे। अब 8516 करोड़ के हो गए हैं। साल भर पहले अमेरिका मेंऔरऔर भी

साल भर पहले बीएसई सेंसेक्स 18,600 पर था और बालकृष्ण इंडस्ट्रीज का दस रुपए अंकित मूल्य का शेयर 710 रुपए पर। तब से लेकर अब तक सेंसेक्स 9.56 फीसदी गिरकर 16,821 पर आ चुका है, जबकि बालकृष्ण इंडस्ट्रीज 21.76 फीसदी बढ़कर 864.50 (172.90 X 5) पर पहुंच चुका है। हमने 3 सितंबर 2010 को पहली बार इस कंपनी में निवेश की सलाह दी थी और यह निवेश बाजार के गिरने के बावजूद साल भर में 21 फीसदीऔरऔर भी

दो दिन का राष्ट्रीय अवकाश। एक, रमज़ान के बाद खुशी मनाने का मौका। दूसरा, हर शुभारंभ के देव गणपति को घर बुलाने का दिन। एक त्योहार मुस्लिम का, एक हिंदू का। न जाने वो दिन कब आएगा, जब हमें अहसास ही नहीं होगा कि यह हिंदू का त्योहार है या मुस्लिम का। जैसे, आमिर, सलमान या शाहरुख को अपना मानते वक्त हमें भान ही नहीं रहता कि ये सभी मुस्लिम हैं। खैर, यह राष्ट्र-निर्माण की प्रक्रिया हैऔरऔर भी

पीआई इंडस्ट्रीज के बारे में जब हमने छह महीने पहले पहली बार यहां लिखा था, तब कंपनी एक कसमसाहट के दौर से गुजर रही थी। पॉलिमर इकाई को बेचकर वह खुद को ट्रिम व स्लिम बनाने में लगी थी। तब उसके दस रुपए अंकित मूल्य के शेयर का भाव 526.55 रुपए था। अब उसके पांच रुपए अंकित मूल्य के शेयर का भाव 582.55 रुपए है। दस रुपए का अंकित मूल्य मानें तो भाव हुआ 1165.10 रुपए। छहऔरऔर भी

सेषासायी पेपर 51 साल पुरानी तमिलनाडु की कंपनी है। उत्तर भारत की कंपनी होती तो सही नाम शेषाशायी होता। शेषाशायी विष्णु का पर्यायवाची है जिसका शाब्दिक अर्थ है शेषनाग पर शयन करनेवाला। खैर, नाम में क्या रखा है! कंपनी ने पिछले महीने 23 जुलाई को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे घोषित किए। इसके मुताबिक साल भर पहले की समान अवधि की तुलना में उसका बिक्री 9.69 फीसदी बढ़कर 120.08 करोड़ से 131.71 करोड़ रुपएऔरऔर भी

खबर आई है कि पिछले हफ्ते पूंजी बाजार के 13 उस्तादों ने मुंबई में जुहू के फाइव स्टार होटल में एक मीटिंग की जिसमें तय किया गया कि उन्हें आगे कैसे और क्या करना है। इस मीटिंग में कुछ एफआईआई ब्रोकरों से लेकर प्रमुख फंड मैनेजरों व ऑपरेटरों ने शिरकत की। उनके बीच जो भी खिचड़ी पकी हो, लेकिन इससे इतना तो साफ हो गया है कि वे एक कार्टेल की तरफ काम कर रहे हैं जोऔरऔर भी

मेरा ही नहीं, सभी का अनुभव यही कहता है कि शेयर बाजार में जो सही वक्त पर बेच नहीं पाता, वह कभी सचमुच का धन नहीं बना पाता। हो सकता है कि वह अपना पोर्टफोलियो देख-देखकर मगन होता रहे, लेकिन किसी दिन अचानक उसे पता चलता है कि जहां उसे अच्छा-खासा फायदा हो रहा था, वहां उसे तगड़ा घाटा होने लगा है। बेचना कब है, यह अपनी जरूरत और विवेक के हिसाब से तय करना चाहिए। ब्रोकरोंऔरऔर भी

बजाज इलेक्ट्रिकल्स देश की बड़ी व नामी कंपनी है जिस पर शायद ही कोई दो राय होगी। 72 साल पुरानी कंपनी है। शेखर बजाज इसके चेयरमैन व प्रबंध निदेशक हैं। बीते वित्त वर्ष 2010-11 में इसकी बिक्री 2739.43 करोड़ और शुद्ध लाभ 143.79 करोड़ रुपए रहा है। कंपनी की इक्विटी 19.90 करोड़ रुपए है जो दो रुपए अंकित मूल्य के 9.95 करोड़ शेयरों में विभाजित है। इस तरह सालाना आधार पर उसका ईपीएस (प्रति शेयर मुनाफा) 14.63औरऔर भी