टाइटन का ‘झुनझुना’ छोड़ निकल लें

मेरा ही नहीं, सभी का अनुभव यही कहता है कि शेयर बाजार में जो सही वक्त पर बेच नहीं पाता, वह कभी सचमुच का धन नहीं बना पाता। हो सकता है कि वह अपना पोर्टफोलियो देख-देखकर मगन होता रहे, लेकिन किसी दिन अचानक उसे पता चलता है कि जहां उसे अच्छा-खासा फायदा हो रहा था, वहां उसे तगड़ा घाटा होने लगा है। बेचना कब है, यह अपनी जरूरत और विवेक के हिसाब से तय करना चाहिए। ब्रोकरों या तथाकथित विशेषज्ञों के चक्कर में पड़े तो पक्का गच्चा खा जाएंगे क्योंकि अपने यहां इन सलाहों के पीछे बड़ा लोचा रहता है।

जैसे, अभी दो दिन पहले ब्रोकरेज फर्म एचडीएफसी सिक्यूरिटीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि टाइटन इंडस्ट्रीज के बारे में हमारा सकारात्मक नजरिया कायम है और इसे होल्ड किया जाना चाहिए, उसी दिन पता चलता है कि एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने टाइटन इंडस्ट्रीज में अपने शेयरधारिता 5.11 फीसदी से घटाकर 3.06 फीसदी कर दी। उसने टाइटन के 1.82 करोड़ शेयर बेच डाले। आभूषणों व घड़ियों के धंधे में सक्रिय टाटा समूह की इस कंपनी का शेयर कल बीएसई (कोड – 500114) में 1.70 फीसदी गिरावट के साथ 205.80 रुपए और एनएसई (कोड – TITAN) में 1.58 फीसदी की गिरावट के साथ 206.10 रुपए पर बंद हुआ है।

तनिष्क हो या टाइटन, कंपनी के ब्रांड इतने स्थापित हैं कि लोग कह सकते हैं कि इसमें लंबे समय के लिए निवेश बनाए रखना चाहिए। इसका आकर्षण इसलिए भी बढ़ जाता है कि नामी निवेशक राकेश झुनझुनवाला ने इसकी 9.77 फीसदी इक्विटी खरीद रखी है। 30 जून 2011 तक की स्थिति के अनुसार उनके और उनकी पत्नी के पास टाइटन इंडस्ट्रीज के 8 करोड़ 67 लाख 82 हजार 720 शेयर हैं। राकेश झुनझुनवाला के केवल इन्हीं शेयरों की कीमत आज की तारीख में 1780 करोड़ रुपए से ज्यादा है।

खैर, बड़े लोगों की बड़ी-बड़ी बातें हैं, बड़े-बड़े खेल हैं। हमारे-आप जैसा आम बचतकर्ता उनके जैसा नहीं चल सकता है। वैसे राकेश झुनझुनवाला ने भी मार्च से जून 2011 के बीच कंपनी के 0.05 फीसदी शेयर बेचे हैं। मार्च अंत तक उनके पास कंपनी की 9.82 फीसदी इक्विटी थी। आपको पता ही होगा कि कंपनी ने जून में ही अपने दस रुपए अंकित मूल्य के शेयरों को एक रुपए अंकित मूल्य के शेयरो में बदला है और साथ ही एक पर एक के अनुपात में बोनस शेयर दिए हैं।

इन सारे कदमों का मकसद यही है कि कंपनी में ज्यादा से ज्यादा आम निवेशकों को खींचा जाए। इस समय कंपनी के कुल शेयरधारकों की संख्या 93,255 है। इसमें से 90,569 शेयरधारकों (97.12 फीसदी) का निवेश एक लाख रुपए से कम है और इनके पास कंपनी की कुल 12.84 फीसदी इक्विटी है। वहीं, एक लाख रुपए से ज्यादा निवेश वाले शेयरधारकों की संख्या महज 61 है। लेकिन उनके पास कंपनी के 11.96 फीसदी शेयर हैं। असल में यह भी बारीक खेल है जहां बड़े लोग छोटों के दम पर मुनाफा बटोरते रहते हैं। इसलिए भी छोटे निवेशकों को ज्यादा समझदार व सावधान बनने की जरूरत है।

टाइटन इंडस्ट्रीज के निवेश के संदर्भ में सार तत्व यह है कि इस समय इसे बेचकर निकल लेना चाहिए क्योंकि बड़े-बड़े दिग्गज इसे बेचकर मुनाफा बटोर रहे हैं तो आप में से जिन भी लोगों के पास यह शेयर पहले का पड़ा हो, उन्हें बेचकर नोट बना लेना चाहिए। रखना ही हो तो बाद में नीचे गिरने पर दोबारा खरीद सकते हैं। शेयर बाजार कोई घड़े का पानी तो है नहीं। यह तो नदी की बहती धारा है। वही पानी बार-बार आपके सामने से गुजरता है। जब चाहा, तब घड़ा उठाकर भर लिया।

टाइटन को बेचने की कुछ ठोस वजहें हैं। एक तो पिछले पांच सालों में छह गुना से ज्यादा बढ़ चुका है। अगर केवल पिछले एक साल की ही बात करें तो 31 अगस्त 2010 को यह 145.95 रुपए के न्यूनतम स्तर पर था। उसके बाद यह 40 फीसदी से ज्यादा उठ चुका है। इस साल 14 जून 2011 को हासिल इसका 238.25 का उच्चतम स्तर हाल-फिलहाल लौटकर नहीं आनेवाला है। शेयर इस समय 5.55 रुपए के टीटीएम (ठीक पिछले बारह महीने) ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) को देखते हुए 37.08 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है जो खरीदने के लिए नहीं, बेचने के लिए अच्छा स्तर है।

ऊपर से इधर सोने के दाम में जिस तरह उथल-पुथल चल रही है, उसमें खुद टाइटन इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक भास्कर भट ने कहा है कि आभूषणो की मांग आगे घटेगी। सितंबर तिमाही सुस्त रहेगी। त्योहारों के सीजन की खरीद का सकारात्मक असर दिसंबर की तिमाही में नजर आएगा। बता दें कि पिछले महीने 28 जुलाई को घोषित नतीजों के मुताबिक जून तिमाही में कंपनी की बिक्री का करीब 80 फीसदी हिस्सा आभूषणों के धंधे से आया है। बीते वित्त वर्ष 2010-11 में भी कंपनी का लगभग 75 फीसदी धंधा आभूषणों से आया था। कंपनी का बाकी घड़ियों का धंधा भी लोगों पर महंगाई की बढ़ती मार के बीच मंदा पड़ सकता है। इसलिए पूरा सीन यही बनता है कि कोई कितना भी खरीदने की सलाह दें, हमें फिलहाल टाइटन इंडस्ट्रीज के शेयरों को बेचकर मुनाफा कमा लेना चाहिए। बाद की बाद में देखी जाएगी।

 

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